रुदौली (अयोध्या) | न्यूज़ डेस्क
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुदौली में पत्रकार रमेश पाण्डेय के खिलाफ दर्ज कराई गई विवादित FIR अब खुद अधीक्षका के लिए मुसीबत बन गई है। शनिवार को जब स्वास्थ्य विभाग की तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच टीम मामले की पड़ताल करने सीएचसी पहुँची, तो वहां का नजारा ही बदल गया। शिकायतकर्ता अधीक्षका डॉ. फातिमा हसन रिजवी खुद मौके से गायब मिलीं, जिसने पूरी जांच को एक नया मोड़ दे दिया है।
जांच में खुली साजिश की परतें: 5 बड़ी बातें
एडिशनल सीएमओ के नेतृत्व में पहुँची टीम ने जब साक्ष्यों को खंगाला, तो अधीक्षका के दावों की हवा निकल गई:
| जांच के मुख्य बिंदु | जांच में सामने आई हकीकत |
| अधीक्षका की उपस्थिति | डॉ. फातिमा और मुख्य स्टाफ गैरहाजिर पाए गए। |
| वायरल ऑडियो की सच्चाई | स्टाफ नर्स ने लिखित में माना कि ऑडियो असली है। |
| AI का फर्जी दावा | ऑडियो को एआई जनरेटेड बताने का दावा झूठा निकला। |
| पत्रकार का बयान | पत्रकार रमेश पाण्डेय ने इसे साजिश और फर्जी FIR बताया। |
| बीडीओ का रुख | ब्लॉक अधिकारियों ने पहले ही ऐसी किसी घटना से इनकार किया है। |
स्टाफ नर्स का बड़ा कबूलनामा
इस पूरे केस में सबसे बड़ा धमाका ‘वायरल ऑडियो’ को लेकर हुआ है। जिस ऑडियो को अधीक्षका पक्ष एआई (AI) का कमाल बता रहा था, उसे अस्पताल की ही स्टाफ नर्स ने अपना मान लिया है। नर्स ने लिखित बयान में स्वीकार किया कि वायरल ऑडियो में उसी की आवाज़ है और यह बातचीत करीब डेढ़ माह पुरानी है। इस खुलासे के बाद पत्रकार को फंसाने की साजिश की थ्योरी और मजबूत हो गई है।
जांच टीम की तीखी प्रतिक्रिया
सुबह 9 बजे जब टीम अस्पताल पहुँची, तो वहां जिम्मेदार अधिकारियों का न होना प्रशासनिक लापरवाही का बड़ा सबूत माना जा रहा है। एडिशनल सीएमओ डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि ऑडियो की पुष्टि हो चुकी है और इसे साक्ष्य के रूप में शामिल किया गया है। टीम अपनी अंतिम रिपोर्ट जल्द ही सीएमओ (CMO) को सौंपेगी।
जांच टीम में शामिल सदस्य:
- डॉ. आशुतोष श्रीवास्तव (एडिशनल सीएमओ)
- डॉ. पी.सी. भारती
- संदीप यादव (स्टेनो)

