रुदौली (अयोध्या) | न्यूज़ डेस्क
अयोध्या के रुदौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में एक शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ तैनात एक दिव्यांग महिला चिकित्सक डॉ. अंजू जायसवाल ने एक कथित पत्रकार पर रंगदारी मांगने, धमकी देने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का गंभीर आरोप लगाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) अयोध्या के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी के लिए दबिश शुरू कर दी है।
“नौकरी करनी है तो पैसे देने होंगे”: प्रताड़ना की कहानी
डॉ. अंजू जायसवाल का आरोप है कि प्रद्युम्न शुक्ला नामक व्यक्ति उन्हें काफी समय से परेशान कर रहा था। आरोपी जबरन उनके सरकारी आवास में घुस गया और उनका वीडियो बनाकर दबाव बनाने लगा। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने धमकी दी कि “अगर यहाँ शांति से नौकरी करनी है, तो पैसे देने होंगे।” एक दिव्यांग महिला डॉक्टर के साथ हुई इस बदसलूकी ने स्वास्थ्य विभाग में काफी रोष पैदा कर दिया है।
मामले की मुख्य बातें:
| विवरण | जानकारी |
| पीड़िता | डॉ. अंजू जायसवाल (दिव्यांग महिला डॉक्टर) |
| आरोपी | प्रद्युम्न शुक्ला (कथित पत्रकार) |
| आरोप | रंगदारी, धमकी, सरकारी आवास में अवैध प्रवेश |
| एक्शन | FIR दर्ज, गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित |
प्रशासन ने मांगा ‘पत्रकारिता’ का प्रमाण
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने सूचना विभाग (Information Department) से आरोपी प्रद्युम्न शुक्ला का पूरा बायो-डाटा मांगा है। पुलिस यह जांच कर रही है कि आरोपी वास्तव में किसी न्यूज़ संस्थान से जुड़ा है या पत्रकारिता की आड़ में वसूली का धंधा कर रहा है।
एसएसपी अयोध्या के निर्देश पर पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी (raid) कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि महिला डॉक्टर को धमकाने और सरकारी काम में बाधा डालने वाले के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
“दिव्यांग डॉक्टर को प्रताड़ित करना और रंगदारी मांगना एक बड़ा अपराध है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगायी गयी हैं और जल्द ही वह सलाखों के पीछे होगा।” — पुलिस प्रशासन

