रुदौली (अयोध्या) |
विशेष रिपोर्ट: रमेश पाण्डेय (NewsHour) मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्री राम की नगरी अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र में गुरुवार की रात हुई तेज बेमौसम बारिश ने ईंट भट्ठा कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। खुले मैदान में पकाने के लिए रखी गई लाखों कच्ची ईंटें मूसलाधार बारिश के पानी में गलकर पूरी तरह नष्ट हो गईं। इस प्राकृतिक आपदा के कारण क्षेत्र के भट्ठा मालिकों को भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनका पूरा व्यापारिक ढांचा चरमरा गया है।
पकाने की तैयारी में थीं ईंटें, पानी फिरने से काम ठप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रुदौली क्षेत्र में इस समय सीजन का काम जोरों पर था। लाखों कच्ची ईंटें भट्ठों में लगाने और उन्हें पकाने के लिए पूरी तरह तैयार थीं। इसी बीच अचानक मौसम ने करवट बदली और गुरुवार रात हुई तेज बारिश के कारण भट्ठा परिसरों में पानी भर गया। खुले में रखा पूरा स्टॉक कीचड़ और मलबे में तब्दील हो गया।
रुदौली क्षेत्र में छोटे-बड़े मिलाकर लगभग 50 से अधिक ईंट भट्ठे संचालित हैं, जिनमें हजारों मजदूर अपनी आजीविका चलाते हैं। इस बारिश के चलते ईंट निर्माण का कार्य पूरी तरह ठप हो गया है, जिससे दैनिक मजदूरों के सामने भी रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
प्रभावित मुख्य भट्ठा संचालक और उनकी स्थिति:
| भट्ठा उद्योग का नाम | स्थान/मालिक का नाम | नुकसान का स्वरूप |
| एसएसबी ब्रिक फील्ड | हलीमनगर (मोहम्मद हसीब) | तैयार कच्ची ईंटें पूरी तरह पानी में गलीं। |
| वीआईपी भट्ठा व मौर्या जीडीआई | मोहम्मद इरफान | लाखों का स्टॉक नष्ट, कार्य पूरी तरह ठप। |
| राज ब्रिक फील्ड | उदय राज वर्मा | पिछली बारिश और इस तेज बारिश से दोहरा नुकसान। |
| बंधु ईंट उद्योग | अमित कुमार वर्मा | आर्थिक स्थिति पूरी तरह प्रभावित। |
| उर्फी ब्रिक फील्ड (मुन्ने भट्ठा) | भगतनगर मीरमऊ | खुले मैदान में रखा पूरा स्टॉक बर्बाद। |
| रूदौली ब्रिक फील्ड | शाहिद हुसैन रूमी | पूंजी डूबने के कारण व्यापारिक संकट। |
भट्ठा मालिकों ने लगाई गुहार: ‘प्रशासन दे टैक्स में राहत’
क्षेत्र के प्रमुख भट्ठा स्वामियों मोहम्मद हसीब, मोहम्मद इरफान, उदय राज वर्मा, अमित कुमार वर्मा, शाहिद हुसैन रूमी और अन्य कारोबारियों ने अपना दर्द साझा करते हुए बताया कि पहले भी हुई बेमौसम बारिश से नुकसान हुआ था और रही-सही कसर गुरुवार रात की बारिश ने पूरी कर दी। लाखों रुपये की लागत से तैयार माल चंद घंटों में मिट्टी में मिल गया।
व्यापारियों ने शासन और जिला प्रशासन से गुहार लगाते हुए मांग की है कि इस अप्रत्याशित वित्तीय संकट को देखते हुए उन्हें सरकारी टैक्स और रॉयल्टी में विशेष छूट दी जाए, ताकि वे दोबारा अपने पैरों पर खड़े हो सकें और मजदूरों को काम दे सकें।
“हमारी तैयार पूंजी पानी में बह गई है। भट्ठों को दोबारा सुचारू करने और लेबर पेमेंट देने के लिए हमारे पास पैसे नहीं बचे हैं। सरकार को टैक्स में छूट देकर हमें इस मंदी से उबारना चाहिए।” — संयुक्त बयान (रुदौली भट्ठा एसोसिएशन)

