रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
पहाड़ों और मैदानी इलाकों में लगातार हो रही बारिश के कारण रुदौली तहसील क्षेत्र से होकर गुजरने वाली सरयू (घाघरा) नदी का जलस्तर एक बार फिर तेजी से बढ़ने लगा है। मंगलवार सुबह नदी का जलस्तर बढ़कर 91.980 मीटर के आंकड़े पर दर्ज किया गया, जबकि सोमवार रात तक यह 91.900 मीटर था। महज कुछ घंटों के भीतर नदी के जलस्तर में 8 सेंटीमीटर की तीव्र वृद्धि दर्ज की गई है। जलस्तर में अचानक हुई इस बढ़ोतरी से तटीय अंचल के ग्रामीणों की धड़कनें तेज हो गई हैं।
सरयू के विकराल होते रूप से कैथी, महगूपुरवा, सल्लहापुर, सड़री, अब्बूपुर और माझा क्षेत्र से लगे दर्जनभर गांवों में बाढ़ और भीषण कटान की आशंका गहरा गई है।
धान की खरीफ फसलों पर गहराया संकट, ग्रामीणों ने मांगी राहत व्यवस्था
नदी किनारे बसे तटीय गांवों में जलस्तर के अचानक उछाल मारने से ग्रामीणों में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल व्याप्त है। न्यूज़ पोर्टल NewsHour की टीम से बातचीत के दौरान कैथी गांव के किसान ननके, राम भरोसे और नेवल ने अपनी जमीनी पीड़ा साझा की:
“सरयू नदी का पानी तेजी से कटान करते हुए आगे बढ़ रहा है। यदि जलस्तर बढ़ने की रफ्तार यही रही, तो सबसे पहले हमारे मांझा क्षेत्र के उपजाऊ खेत पूरी तरह जलमग्न हो जाएंगे। इससे हमारी धान, तिलहन और खरीफ की तैयार फसलें पानी में डूबकर नष्ट हो जाएंगी। इसके तुरंत बाद पानी आबादी वाले इलाकों में घुसेगा। प्रशासन को तुरंत कटान रोकने के उपाय करने चाहिए।” — प्रभावित स्थानीय किसान
तहसील प्रशासन का दावा: अलर्ट पर राजस्व टीमें, 24 घंटे रखी जा रही नजर
संभावित बाढ़ के खतरे को देखते हुए रुदौली तहसील प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। तहसीलदार विजय गुप्ता ने बताया कि सरयू नदी के जलस्तर की पल-पल निगरानी की जा रही है:
- राजस्व टीमों की तैनाती: संबंधित क्षेत्र के राजस्व निरीक्षकों, कानूनगो और क्षेत्रीय लेखपालों को चौबीसों घंटे अलर्ट पर रखा गया है।
- राहत कार्य की तैयारी: बाढ़ संभावित संवेदनशील गांवों में नियमित पेट्रोलिंग की जा रही है। किसी भी आपात स्थिति में ग्रामीणों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री उपलब्ध कराने की पूरी कार्ययोजना तैयार है।
- अपवाहों पर न दें ध्यान: प्रशासन ने ग्रामीणों से पैनिक न होने और किसी भी अनहोनी की सूचना तत्काल तहसील कंट्रोल रूम या डायल 112 पर देने की अपील की है।
सरयू नदी जलस्तर एवं बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सांख्यिकी ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | सरयू नदी वर्तमान जलस्तर व प्रशासनिक स्थिति |
| वर्तमान जलस्तर (मंगलवार सुबह) | 91.980 मीटर (8 सेमी की त्वरित वृद्धि) |
| पूर्व जलस्तर (सोमवार रात) | 91.900 मीटर |
| अति-संवेदनशील प्रभावित गांव | कैथी, महगूपुरवा, सल्लहापुर, सड़री, अब्बूपुर व मांझा |
| मुख्य संभावित खतरा | धान व खरीफ फसलों का जलमग्न होना एवं तटीय कटान |
| प्रशासनिक नोडल अधिकारी | विजय गुप्ता (तहसीलदार, रुदौली) |
| जन-प्रतिनिधि / नेता दौरा | चौधरी शहरयार (समाजवादी पार्टी नेता) |
बाढ़ प्रभावित गांवों में पहुंचे सपा नेता शहरयार, किसानों के लिए मांगी सर्वे व मुआवजे की गारंटी
दूसरी ओर, बढ़ते जलस्तर और किसानों की समस्याओं को देखते हुए मंगलवार को समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता मोहम्मद एहसान उर्फ चौधरी शहरयार ने बाढ़ प्रभावित तटीय गांवों का तूफानी दौरा किया।
सपा नेता ने सड़री, महगू का पुरवा, कैथी, सल्लाहपुर और अब्बूपुर गांवों के खेतों में उतरकर जलभराव की स्थिति देखी और किसान लल्ला सिंह, नोखई, राम कुमार, संत कुमार तथा संदीप सिंह सहित दर्जनों ग्रामीणों से मुलाकात की।
चौधरी शहरयार ने उठाई प्रमुख मांगे:
- तत्काल राहत शिविर: यदि जलस्तर में और वृद्धि होती है तो प्रशासन बिना किसी विधिक विलंब के प्रभावितों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट करे।
- फसलों का सर्वे व मुआवजा: कटान और जलभराव से बर्बाद हो रही किसानों की फसलों का तत्काल राजस्व विभाग से निष्पक्ष सर्वे कराया जाए और पीड़ित किसानों को उचित सरकारी मुआवजा दिया जाए।
- चौबीसों घंटे पेट्रोलिंग: तटीय बांधों और संवेदनशील मोड़ों पर आपदा मित्र और स्टीमर/नावों की समय रहते तैनाती सुनिश्चित की जाए।

