रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रुदौली में इलाज और जांच के लिए आने वाले गरीब मरीजों की जेब पर डाका डालने वाले दलालों और निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों के प्रतिनिधियों पर अस्पताल प्रशासन ने कड़ा विधिक शिकंजा कस दिया है। सीएचसी परिसर में मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी जांच केंद्रों पर भेजने की लगातार मिल रही शिकायतों का कड़ा संज्ञान लेते हुए अस्पताल प्रशासन ने परिसर में ऐसे तत्वों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है।
सीएचसी अधीक्षक ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि अस्पताल परिसर में पाए जाने वाले निजी लैब कर्मियों और संदिग्ध दलालों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कोतवाली में सीधे प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराकर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
मरीजों को बहला-फुसलाकर निजी लैब भेजने की मिल रही थीं शिकायतें
न्यूज़ पोर्टल NewsHour को मिली जानकारी के अनुसार, सीएचसी रुदौली में रोजाना सैकड़ों मरीज दूर-दराज के गांवों से इलाज कराने आते हैं। पिछले कुछ समय से लगातार शिकायतें आ रही थीं कि कुछ निजी पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक सेंटरों से जुड़े कर्मचारी या कथित दलाल अस्पताल के इमरजेंसी, ओपीडी (OPD) और पैथोलॉजी विंग के आसपास घूमते रहते हैं।
- मरीजों की आर्थिक चपत: ये दलाल सीधे-साधे मरीजों व उनके तीमारदारों को गुमराह कर, सरकारी जांचों में देरी का डर दिखाकर जबरन निजी पैथोलॉजी सेंटरों तक खींच ले जाते थे।
- सरकारी सुविधाओं से वंचना: इससे मरीजों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सीएचसी में दी जा रही नि:शुल्क एवं रियायती जांच सुविधाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पाता था और उन्हें भारी आर्थिक बोझ उठाना पड़ता था।
अस्पताल के मुख्य स्थानों पर निगरानी तेज, चलाया जाएगा विशेष चेकिंग अभियान
शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए सीएचसी प्रशासन ने अस्पताल परिसर के संवेदनशील पॉइंट्स जैसे ओपीडी गैलरी, पैथोलॉजी लैब के बाहर, दवा वितरण कक्ष और मुख्य प्रवेश द्वार पर विशेष निगरानी बढ़ा दी है। अस्पताल के कर्मचारियों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि कोई भी अनाधिकृत व्यक्ति निजी पैथोलॉजी का प्रचार करते या मरीजों को प्रभावित करते दिखे, तो तुरंत इसकी सूचना अस्पताल प्रबंधन और स्थानीय पुलिस को दें।
सीएचसी रुदौली दलाल निरोधी कार्रवाई का मुख्य ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | सीएचसी रुदौली प्रशासनिक कार्रवाई का विवरण |
| संबंधित स्वास्थ्य केंद्र | सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) रुदौली, अयोध्या |
| मुख्य प्रशासनिक अधिकारी | डॉ. रवींद्र शुक्ला (अधीक्षक, सीएचसी रुदौली) |
| मुख्य समस्या / शिकायत | निजी पैथोलॉजी/डायग्नोस्टिक सेंटरों के दलालों का जमघट |
| प्रशासनिक एक्शन प्लान | पहचान अभियान, परिसर में नो-एंट्री, तत्काल पुलिस में FIR |
| प्राथमिकता | मरीजों को सरकारी स्तर पर शत-प्रतिशत नि:शुल्क जांच व इलाज |
सरकारी सुविधाओं का हर मरीज को मिले पूरा लाभ: डॉ. रवींद्र शुक्ला
कार्रवाई के विषय में सीएचसी अधीक्षक डॉ. रवींद्र शुक्ला ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा:
“सरकारी अस्पताल में आने वाले प्रत्येक मरीज को उत्तर प्रदेश शासन द्वारा उपलब्ध कराई जा रही सभी प्रकार की नि:शुल्क जांच, दवा और इलाज की सुविधाओं का पूरा लाभ मिलना उनका अधिकार है। किसी भी निजी डायग्नोस्टिक सेंटर या पैथोलॉजी के कर्मचारी/प्रतिनिधि को सीएचसी परिसर में सक्रिय रहने या मरीजों को निजी जांच के लिए उकसाने की अनुमति बिल्कुल नहीं दी जाएगी। अस्पताल प्रशासन द्वारा लगातार औचक जांच अभियान चलाया जाएगा और नियमों का उल्लंघन कर मरीजों का शोषण करने वालों के खिलाफ कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराकर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।” — डॉ. रवींद्र शुक्ला, अधीक्षक (सीएचसी रुदौली)

