जौनपुर | न्यूज़ डेस्क जौनपुर के सैय्यद अलीपुर स्थित वृद्धाश्रम में आज बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती और महा विषुब संक्रांति के अवसर पर एक विशेष ‘सेवा एवं सहयोग’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। शिक्षकों और समाजसेवियों के एक समूह ने बुज़ुर्गों के साथ करीब 4 घंटे का समय बिताया और समाज में उनके प्रति जिम्मेदारी व सम्मान का संदेश दिया।
इंसानियत और समानता का संदेश
कार्यक्रम में उपस्थित वक्ताओं ने बाबा साहेब के विचारों को मानवता और सामाजिक न्याय का आधार बताया।
- डॉ. उज्ज्वल सिंह: उन्होंने कहा कि समाज की प्रगति इस बात से तय होती है कि वह अपने वंचितों और बुज़ुर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है।
- प्रो. लक्ष्मण सिंह: उन्होंने “शिक्षित बनो, संगठित रहो, संघर्ष करो” के मंत्र को बुज़ुर्गों के प्रति नैतिक दायित्व से जोड़कर प्रासंगिक बताया।
- डॉ. अनिल कुमार: उन्होंने दूसरों के अधिकारों की रक्षा को ही सच्चा अंबेडकरवाद करार दिया।
बुज़ुर्गों के लिए विशेष ‘शाही’ भोजन
सेवाकर्ताओं ने केवल समय ही नहीं बिताया, बल्कि बुज़ुर्गों के लिए विशेष प्रीतिभोज का भी आयोजन किया।
भोजन की मुख्य थाली:
- सब्जियां: शाही पनीर, भिंडी फ्राई, मिक्स वेज, अरहर दाल।
- मिष्ठान: काजू कतली और छैना।
- अन्य: पूड़ी, चावल, सलाद, पापड़ और फल (केला-अंगूर)।
सहयोग और संकल्प: इन हस्तियों ने निभाया साथ
कार्यक्रम को सफल बनाने और विशेष सहयोग राशि प्रदान करने में प्रो. रंजू हसिनी साहू, विकास कुमार यादव, डॉ. जितेंद्र प्रसाद यादव, प्रो. जय प्रकाश सिंह और प्रो. प्रतिमा सिंह सहित कई शिक्षाविदों का अहम योगदान रहा। डॉ. अवनीश कुमार यादव, सफीउल्लाह अंसारी और सोमारूराम ने भी इस पुनीत कार्य में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। सभी ने संकल्प लिया कि समाज सेवा के ऐसे प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेंगे।