जौनपुर | न्यूज़ डेस्क (तामीर हसन शीबू):
जनपद जौनपुर में संचालित अधिकांश कोल्ड स्टोरेज इस समय आम जनता के लिए ‘टाइम बम’ साबित हो रहे हैं। गंभीर सुरक्षा खामियों और अमोनिया गैस के रिसाव की बार-बार हो रही घटनाओं ने स्थानीय आबादी के बीच दहशत का माहौल पैदा कर दिया है। मानकों को ताक पर रखकर चलाए जा रहे इन स्टोरेजों के खिलाफ अब नए जिलाधिकारी से कड़ी कार्रवाई की उम्मीद जताई जा रही है।
शाहगंज की घटना: जब जांच में खुली पोल
पिछले वर्ष शाहगंज स्थित भागीरथी कोल्ड स्टोरेज में हुए अमोनिया गैस रिसाव ने प्रशासन की नींद उड़ा दी थी। उस दौरान जहरीली गैस के कारण आसपास के लोगों को सांस लेने में भारी कठिनाई हुई और अफरा-तफरी मच गई। चौंकाने वाली बात यह थी कि शुरुआत में कोल्ड स्टोरेज संचालक और संबंधित विभागीय अधिकारियों ने किसी भी तरह के रिसाव से साफ इनकार कर दिया था।
हालाँकि, मामले की गंभीरता को देखते हुए जब केंद्रीय एजेंसियों ने इसकी तकनीकी जांच की, तो अमोनिया रिसाव की पुष्टि हुई। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी के कड़े रुख पर उद्यान विभाग ने उक्त कोल्ड स्टोरेज को सील कर दिया था।
इलाहाबाद (प्रयागराज) कांड के बाद भी नहीं जागा विभाग
हाल ही में इलाहाबाद (प्रयागराज) के एक कोल्ड स्टोरेज में हुए भीषण विस्फोट और अमोनिया रिसाव ने सुरक्षा व्यवस्थाओं पर फिर से सवालिया निशान लगा दिए हैं। इस घटना के बाद जौनपुर में भी भय का माहौल है, लेकिन जमीनी स्तर पर अभी तक कोई व्यापक सुरक्षा ऑडिट या जांच अभियान शुरू नहीं हो सका है।
रिपोर्ट की मुख्य बातें:
- सुरक्षा मानकों की अनदेखी: अधिकांश इकाइयों में गैस सेंसर, मास्क और आपातकालीन निकास की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।
- आबादी के बीच संचालन: कई पुराने कोल्ड स्टोरेज अब घनी आबादी वाले क्षेत्रों के दायरे में आ गए हैं, जिससे खतरे की तीव्रता और बढ़ गई है।
- अधिकारियों की चुप्पी: स्थानीय स्तर पर नियमित निरीक्षण न होने के कारण संचालकों के हौसले बुलंद हैं।
नए जिलाधिकारी से बढ़ीं उम्मीदें
जनपद में नए जिलाधिकारी के पदभार ग्रहण करने के बाद स्थानीय नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने इस मुद्दे को उनके संज्ञान में लाने का मन बनाया है। लोगों का कहना है कि:
“कोल्ड स्टोरेज मालिकों की लापरवाही निर्दोषों की जान पर भारी पड़ सकती है। नए डीएम साहब को तत्काल जिले के सभी कोल्ड स्टोरेजों की सघन जांच के लिए एक टीम गठित करनी चाहिए और दोषी पाए जाने वालों के लाइसेंस निरस्त करने चाहिए।”
निष्कर्ष: जौनपुर की जनता को किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं है। प्रशासन को चाहिए कि वह ‘भागीरथी कोल्ड स्टोरेज’ जैसी पिछली घटनाओं से सबक लेते हुए तत्काल प्रभावी कदम उठाए, ताकि जौनपुर सुरक्षित रह सके।

