रुदौली (अयोध्या) | न्यूज़ डेस्क (NewsHour)
अयोध्या जनपद के रुदौली रेलवे स्टेशन पर रेलवे प्रशासन द्वारा कराई जा रही एक बाउंड्रीवॉल (दीवार) की घेराबंदी इस समय स्थानीय नागरिकों और यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत का सबब बनती दिख रही है। इस गंभीर जनसमस्या को लेकर समाजवादी पार्टी के विशेष आमंत्रित सदस्य चौधरी शहरयार ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र के नवनिर्वाचित लोकप्रिय सांसद तनुज पुनिया को एक आधिकारिक पत्र लिखकर रुदौली रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-2 के दक्षिणी छोर पर प्रस्तावित दीवार निर्माण से आम जनता को होने वाली दिक्कतों की ओर ध्यान आकर्षित कराया है और हस्तक्षेप की मांग की है।
दीवार बनी तो बुजुर्गों, महिलाओं और मरीजों को चलना पड़ेगा 3 किलोमीटर अतिरिक्त
सांसद तनुज पुनिया को भेजे गए पत्र में सपा नेता चौधरी शहरयार ने तार्किक ढंग से बात रखते हुए कहा कि रुदौली रेलवे स्टेशन पर वर्षों से प्लेटफॉर्म संख्या-2 के दक्षिणी छोर से नगरवासियों समेत आस-पास के सैकड़ों गाँवों के ग्रामीणों का सुगम आवागमन होता रहा है।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि रेलवे प्रशासन द्वारा इस पारंपरिक और मुख्य मार्ग को दीवार बनाकर पूरी तरह बंद कर दिया जाता है, तो यात्रियों को मुख्य स्टेशन परिसर या प्लेटफॉर्म तक पहुँचने के लिए लगभग तीन किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। इस अव्यावहारिक फैसले से प्रतिदिन सफर करने वाले बुजुर्गों, महिलाओं, छोटे बच्चों, विद्यार्थियों तथा गंभीर मरीजों को भारी असुविधा और मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ेगा।
प्रकरण और मांग की मुख्य कड़ियाँ:
| मुख्य विवरण | जनसमस्या व पत्राचार की रूपरेखा |
| रेलवे स्टेशन का नाम | रुदौली रेलवे स्टेशन (जनपद अयोध्या) |
| समस्या का कारण | प्लेटफॉर्म संख्या-2 के दक्षिणी छोर पर प्रस्तावित दीवार निर्माण |
| पत्र भेजने वाले नेता | चौधरी शहरयार (विशेष आमंत्रित सदस्य, समाजवादी पार्टी) |
| जिन्हें पत्र भेजा गया | श्री तनुज पुनिया (माननीय सांसद, बाराबंकी लोकसभा क्षेत्र) |
| यात्रियों पर असर | मार्ग बंद होने से तय करनी पड़ेगी 03 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी |
“वहाँ रेल पटरी नहीं है, इसलिए दुर्घटना की कोई आशंका नहीं”
चौधरी शहरयार ने अपने पत्र में तकनीकी और भौगोलिक स्थिति को स्पष्ट करते हुए उल्लेख किया कि जिस मार्ग को रेलवे प्रशासन द्वारा बंद करने की योजना बनाई जा रही है, उसके तुरंत बाद प्लेटफॉर्म संख्या-2 स्थित है। वहां बीच में कोई मुख्य या लूप रेल पटरी (रेलवे ट्रैक) नहीं है, जिसके चलते वहां से गुजरने वाले पैदल यात्रियों के साथ किसी भी प्रकार की संभावित ट्रेन दुर्घटना की न्यूनतम आशंका भी नहीं है।
क्षेत्रवासियों और दैनिक यात्रियों की पुरजोर मांग है कि रेलवे प्रशासन सुरक्षा घेरा भले बनाए, लेकिन आम जनता के पैदल आवागमन के लिए बीच में पर्याप्त स्थान (पैदल मार्ग) अवश्य छोड़ दे, जिससे लोग आसानी से प्लेटफॉर्म तक आ-जा सकें।
सांसद तनुज पुनिया से रेलवे बोर्ड स्तर पर वार्ता की अपील
सपा नेता चौधरी शहरयार ने सांसद तनुज पुनिया से जनहित और यात्री सुविधाओं को सर्वोपरि रखने का अनुरोध किया है। उन्होंने मांग की है कि सांसद अपने स्तर से इस गंभीर विषय पर तत्काल संज्ञान लें और उत्तर रेलवे (Northern Railway) के डीआरएम (DRM) अथवा उच्च रेलवे प्रशासनिक अधिकारियों से सीधे वार्ता कर पैदल यात्रियों के लिए इस पुराने मार्ग को सुरक्षित रखने की व्यवस्था सुनिश्चित कराएं। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनता की इस आवाज को दबने नहीं देगा और मार्ग बंद होने की स्थिति में आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

