रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
रुदौली तहसील अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय करीमपुर के सहायक अध्यापक एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से अलंकृत श्री प्रकाश पाठक पर लगे आरोपों के मामले में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है। सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे एक कथित वीडियो में आरोपी छात्रा मंजू अपने पूर्व में लगाए गए सभी आरोपों से पूरी तरह पीछे हटती हुई नजर आ रही है।
वायरल वीडियो में छात्रा ने सार्वजनिक तौर पर यह स्वीकार किया है कि उससे अनजाने में गलती हुई थी और शिक्षक द्वारा कोई भी अमर्यादित या आपत्तिजनक संदेश नहीं भेजा गया था।
“कोमल मैम के कहने पर किए थे साइन, मेरे पास कोई सबूत नहीं” — छात्रा का दावा
न्यूज़ पोर्टल NewsHour को मिले वायरल वीडियो के अनुसार, छात्रा मंजू वीडियो में यह कहते हुए सुनाई दे रही है:
“पाठक सर ने मेरे या मेरे पिता जी के मोबाइल पर ऐसा कोई भी आपत्तिजनक संदेश नहीं भेजा था। मुझसे अनजाने में गलती हो गई, जो हुआ गलत हुआ, मुझे माफ कर दिया जाए। मैंने ‘कोमल मैम’ के कहने पर कागजों पर बिना पढ़े ही हस्ताक्षर कर दिए थे। हालांकि, इसमें उनका (शिक्षिका का) भी कोई व्यक्तिगत दोष नहीं है, बात बिना सोचे-समझे बहुत ज्यादा बढ़ गई।” — वायरल वीडियो में छात्रा
छात्रा ने वीडियो में आगे स्पष्ट किया कि उसके पास किसी भी प्रकार का कोई साक्ष्य/सबूत मौजूद नहीं है।
“मेरे साथ कुछ गलत नहीं हुआ, मुझे पढ़ाई करने दें”
छात्रा ने वीडियो संदेश में भावुक होते हुए कहा कि उसके साथ विद्यालय में किसी भी तरह की अनहोनी या गलत घटना नहीं हुई है।
- विवाद खत्म करने की गुहार: छात्रा ने कहा— “मुझे इस पूरे विवाद या कानूनी पचड़े में बिल्कुल नहीं पड़ना है, मुझे सिर्फ अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना है। मैं दिल से चाहती हूँ कि पाठक सर का यहाँ से तबादला न हो और वे यहीं रहें।”
- शिक्षकों की तारीफ: छात्रा के अनुसार, विद्यालय के सभी शिक्षक और शिक्षिकाएं बहुत अच्छा पढ़ाते हैं। वह चाहती है कि यह पूरा विवाद यहीं खत्म हो जाए ताकि स्कूल के सभी छात्र-छात्राएं बिना किसी तनाव के अपनी पढ़ाई जारी रख सकें।
करीमपुर विद्यालय प्रकरण का मुख्य तथ्यात्मक ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | वायरल वीडियो व ताजा घटनाक्रम का विवरण |
| संबंधित विद्यालय | कंपोजिट विद्यालय करीमपुर (रुदौली ब्लॉक, अयोध्या) |
| संबंधित शिक्षक | श्री प्रकाश पाठक (सहायक अध्यापक, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त) |
| बयान बदलने वाली छात्रा | मंजू (छात्रा, कंपोजिट विद्यालय करीमपुर) |
| वायरल वीडियो का मुख्य बिंदु | आरोपों से पीछे हटना, संदेश भेजने की बात का खंडन |
| छात्रा का नया पक्ष | बिना पढ़े कागजों पर साइन करने और गलती स्वीकारने का दावा |
प्रशासनिक व विभागीय जांच पर टिकीं निगाहें
ज्ञात हो कि राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक श्री प्रकाश पाठक पर आरोप लगने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया था। अब पीड़िता/छात्रा के खुद सामने आकर आरोपों का खंडन करने और नया वीडियो जारी होने के बाद मामले ने पूरी तरह नया रूप ले लिया है। इस नए मोड़ के बाद अब हर किसी की निगाहें बेसिक शिक्षा विभाग और पुलिस-प्रशासन की अग्रिम जांच रिपोर्ट पर टिक गई हैं।

