रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
मानवता और सामाजिक समरसता के प्रतीक संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की 665वीं जयंती वर्ष के पावन उपलक्ष्य में गुरुवार को रुदौली विधानसभा क्षेत्र भक्ति और प्रकाश के अनोखे उत्सव का साक्षी बना। क्षेत्र के पूरे लोहरास पुरवा एवं उमापुर स्थित संत शिरोमणि गुरु रविदास मंदिरों में एक साथ 665 मिट्टी के दीप प्रज्वलित कर दीपोत्सव मनाया गया।
इस अवसर पर स्थानीय विधायक रामचंद्र यादव ने श्रद्धालुओं एवं स्थानीय नागरिकों के साथ मिलकर दीप प्रज्वलित किए और संत रविदास जी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका नमन किया।
मानवता, समानता और एकता के प्रतीक हैं संत रविदास: विधायक रामचंद्र यादव
दीपोत्सव के उपरांत मंदिर परिसर में उपस्थित विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने संत रविदास जी के विचारों को रेखांकित किया:
“संत शिरोमणि गुरु रविदास जी महाराज ने समाज से छुआछूत, जातिगत भेदभाव और असमानता को मिटाकर भाईचारे, समरसता और मानवता का अमर संदेश दिया था। उनके विचार और वाणी आज भी पूरे समाज को एकता और सद्भाव के सूत्र में पिरोने का काम करते हैं। हम सभी का कर्तव्य है कि संत रविदास जी द्वारा दिखाए गए भक्ति, सेवा और समानता के मार्ग पर चलकर एक सशक्त और समरस समाज के निर्माण में अपना योगदान दें।” — रामचंद्र यादव, विधायक (रुदौली)
भजन-कीर्तन और आरती से भक्तिमय हुआ माहौल
कार्यक्रम के दौरान दोनों मंदिर परिसरों को फूलों और जगमगाते दीपों की कतारों से भव्य रूप से सजाया गया था।
- महा-आरती व कीर्तन: 665 दीपों की अलौकिक रोशनी से पूरा मंदिर परिसर जगमगा उठा। श्रद्धालुओं द्वारा गाए जा रहे गुरु रविदास जी के भजनों और महा-आरती के गूंजते स्वरों से माहौल पूरी तरह आध्यात्मिक हो गया।
- गणमान्य जनों की उपस्थिति: दीपोत्सव समारोह में कामाख्या नगर पंचायत के अध्यक्ष शीतला प्रसाद शुक्ला ने भी विशेष रूप से शिरकत की। उनके साथ क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रबुद्ध नागरिक और बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
रुदौली गुरु रविदास मंदिर दीपोत्सव का मुख्य ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | कार्यक्रम का आधिकारिक विवरण |
| पावन अवसर | संत शिरोमणि गुरु रविदास जी का 665वां जयंती वर्ष |
| आयोजन स्थल | पूरे लोहरास पुरवा एवं उमापुर स्थित गुरु रविदास मंदिर (रुदौली) |
| कुल प्रज्वलित दीप | 665 दीप (समरसता व आस्था के प्रतीक) |
| मुख्य अतिथि | रामचंद्र यादव (विधायक, रुदौली) |
| विशिष्ट अतिथि | शीतला प्रसाद शुक्ला (अध्यक्ष, कामाख्या नगर पंचायत) |
| कार्यक्रम के आकर्षण | 665 दीपों से महा-दीपोत्सव, भजन-कीर्तन, पुष्पांजलि व महा-प्रसाद वितरण |

