रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
रुदौली तहसील अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय करीमपुर के बहुचर्चित प्रकरण में सहायक अध्यापक एवं राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित श्री प्रकाश पाठक ने अपना आधिकारिक पक्ष रखते हुए अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2021 से ही उन्हें विद्यालय से हटाने के लिए एक सहकर्मी शिक्षिका द्वारा सुनियोजित साजिश रची जा रही थी, जिसका शिकार अब मासूम बच्चों और छात्राओं को बनाया गया है।
एक ही विषय के दो शिक्षकों की तैनाती से शुरू हुआ विवाद: श्री प्रकाश पाठक
श्री प्रकाश पाठक ने मामले की पृष्ठभूमि बताते हुए कहा कि वर्ष 2021 में ऑनलाइन स्कूल आवंटन प्रक्रिया के तहत विभागीय अनुमति के साथ उन्होंने करीमपुर विद्यालय में कार्यभार ग्रहण किया था। उसी दौरान एक सहकर्मी शिक्षिका की भी नियुक्ति हुई। एक ही विषय (विज्ञान) के दो शिक्षक होने के कारण तभी से उनके प्रति द्वेष और असंतोष का माहौल बनाया जाने लगा।
श्री पाठक द्वारा लगाए गए मुख्य आरोप:
- अनुशासनहीनता के साक्ष्य: संबंधित शिक्षिका पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वे पिछले 6 वर्षों में नियमित रूप से विद्यालय देर से आती थीं और कभी प्रार्थना सभा में शामिल नहीं हुईं। इस संबंध में उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों को साक्ष्य सौंपे हैं।
- अभिभावकों से संपर्क पड़ा भारी: श्री पाठक के अनुसार, जो छात्र-छात्राएं कई दिनों से स्कूल नहीं आ रहे थे, उनके अभिभावकों को फोन कर नियमित स्कूल भेजने का आग्रह किया गया था। इसी बात से नाराज कुछ छात्राओं को भड़काया गया।
- मासूम बच्चों से धोखे से कराए गए दस्तखत: उन्होंने दावा किया कि एक अनुसूचित जाति की छात्रा को आगे कर अन्य बच्चों को गुमराह किया गया और बिना पूरी जानकारी दिए एक सादे प्रार्थना पत्र पर हस्ताक्षर करा लिए गए।
6 वर्षों की ऐतिहासिक शैक्षणिक उपलब्धियां: 36 छात्रों का प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन
अपने शैक्षणिक ट्रैक रिकॉर्ड का हवाला देते हुए राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक श्री प्रकाश पाठक ने बताया कि उनके छह वर्षों के कठिन परिश्रम के बदौलत विद्यालय का नाम पूरे जिले में रोशन हुआ है:
- छात्रवृत्तियां और चयन: उनके मार्गदर्शन में 36 विद्यार्थियों का विभिन्न राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन हुआ, जिनमें से 9 छात्रों को सरकारी छात्रवृत्ति मिली तथा 18 छात्रों का भारत सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं में चयन हुआ।
- निःशुल्क आवासीय शिक्षा: 2 मेधावी विद्यार्थियों का प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में चयन हुआ, जहां उनकी पढ़ाई व रहने की पूरी व्यवस्था निःशुल्क है। इसके अलावा लगभग 80 बच्चे उत्कृष्ट संस्थानों में उच्च शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।
शिक्षक श्री प्रकाश पाठक प्रकरण का मुख्य तथ्यात्मक ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | शिक्षक श्री प्रकाश पाठक के बयान का आधिकारिक विवरण |
| संबंधित शिक्षक | श्री प्रकाश पाठक (सहायक अध्यापक, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त) |
| संबंधित विद्यालय | कंपोजिट विद्यालय करीमपुर (रुदौली ब्लॉक, अयोध्या) |
| शिक्षक का मुख्य दावा | वर्ष 2021 से सहकर्मी शिक्षिका द्वारा हटाने का षड्यंत्र |
| मुख्य उपलब्धियां | 36 छात्रों का प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन, 9 को छात्रवृत्ति |
| प्रशासनिक स्थिति | बीएसए व बेसिक शिक्षा विभाग को सौंपे गए सभी निष्पक्ष साक्ष्य |
निष्पक्ष जांच पर पूरा भरोसा, अधिकारियों को सौंपे साक्ष्य
श्री प्रकाश पाठक ने अंत में कहा कि उन्होंने अपने पक्ष के सभी लिखित व डिजिटल साक्ष्य बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और विभागीय उच्चाधिकारियों को उपलब्ध करा दिए हैं। उन्हें शासन और प्रशासन की निष्पक्ष जांच प्रक्रिया पर पूरा भरोसा है कि दूध का दूध और पानी का पानी होकर सत्य की विजय होगी।

