बाराबंकी | विशेष ब्यूरो (NewsHour)
बाराबंकी जिले के विश्व प्रसिद्ध एवं पौराणिक श्री लोधेश्वर महादेव धाम को शीघ्र ही काशी विश्वनाथ की तर्ज पर भव्य और दिव्य स्वरूप मिलने जा रहा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की विशेष पहल पर प्रदेश पर्यटन विभाग द्वारा स्वीकृत ₹48.79 करोड़ की समेकित पर्यटन विकास परियोजना पर धरातल पर काम तेज हो गया है।
मुख्यमंत्री द्वारा गत 20 जुलाई को शिलान्यास की गई इस महा-परियोजना के पूरा होने से महादेवा धाम न केवल धार्मिक आस्था का आधुनिक केंद्र बनेगा, बल्कि देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर का हाईटेक विज़िटर फैसिलिटी कॉम्प्लेक्स (Visitor Facility Complex) बनकर तैयार होगा।
12,980 वर्गमीटर में बनेगा भव्य कॉरिडोर, सुरक्षा व चिकित्सा का रहेगा पूरा इंतजाम
कुल 12,980 वर्गमीटर के विशाल भूभाग में निर्माणदायी संस्था सीएंडडीएस (C&DS) द्वारा कराए जा रहे इस कायाकल्प प्रोजेक्ट में श्रद्धालुओं की सुगमता और सुरक्षा का विशेष ख्याल रखा गया है:
- कवर्ड कॉरिडोर व भव्य द्वार: परिसर में 5 भव्य प्रवेश द्वार और 3.25 मीटर चौड़ा व 652 रनिंग मीटर लंबा कवर्ड परकोटा कॉरिडोर बनाया जा रहा है, जिससे कांवड़ियों और श्रद्धालुओं को धूप व बारिश से राहत मिलेगी।
- 2,734 वर्गमीटर का लैंडस्केप एरिया: मंदिर परिसर को हरा-भरा और सुंदर बनाने के लिए भव्य लैंडस्केपिंग की जा रही है।
- कंट्रोल रूम व सुरक्षा व्यवस्था: पूरे परिसर में अत्याधुनिक सीसीटीवी कैमरों का नेटवर्क, 24 घंटे सक्रिय रहने वाला कमांड व कंट्रोल रूम और सिक्योरिटी स्टाफ हॉल स्थापित होगा।
- नागरिक व चिकित्सा सुविधाएं: परिसर में 412 वर्गमीटर का क्लॉक रूम (सामान घर), पुरुषों व महिलाओं के लिए 26-26 तथा दिव्यांगजनों के लिए 4 आधुनिक टॉयलेट, वाटर एटीएम/पेयजल, 9 व्यावसायिक दुकानें, पेंट्री और तत्काल प्राथमिक उपचार हेतु मेडिकल सेंटर का निर्माण किया जा रहा है।
अगले वर्ष अक्टूबर तक बनकर होगा तैयार: C&DS प्रोजेक्ट मैनेजर
सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक देवव्रत पवार ने प्रोजेक्ट की प्रगति की जानकारी देते हुए बताया:
“भूमि हस्तांतरण की विधिक प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अप्रैल 2026 से निर्माण कार्य ने तेजी पकड़ ली है। वर्तमान में मुख्य भवन के फाउंडेशन और पाइलिंग का काम युद्धस्तर पर चल रहा है। कार्यदायी संस्था पूरी गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। हमारा लक्ष्य है कि अगले वर्ष अक्टूबर 2027 तक लोधेश्वर धाम के इस पूरे प्रोजेक्ट को पूर्ण कर जनता को समर्पित कर दिया जाए।” — देवव्रत पवार, प्रोजेक्ट मैनेजर (C&DS)
लोधेश्वर महादेवा मेगा प्रोजेक्ट का मुख्य तथ्यात्मक ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर प्रोजेक्ट का आधिकारिक विवरण |
| स्वीकृत कुल बजट | ₹48.79 करोड़ (प्रदेश सरकार/पर्यटन विभाग) |
| परियोजना का कुल क्षेत्रफल | 12,980 वर्गमीटर |
| मुख्य निर्माण विशेषताएं | 652 मीटर लंबा कवर्ड कॉरिडोर, 5 प्रवेश द्वार, क्लॉक रूम, मेडिकल सेंटर |
| सुरक्षा व कमांड सेंटर | 24×7 सीसीटीवी सर्विलांस, आधुनिक कमांड व कंट्रोल रूम |
| कार्यदायी संस्था व लक्ष्य | C&DS (निर्माण एवं डिजाइन केंद्र) | लक्ष्य: अक्टूबर 2027 |
| प्रशासनिक नोडल | ईशान प्रताप सिंह (जिलाधिकारी, बाराबंकी) |
महाभारतकालीन पांडव-कूप और 52 दुर्लभ शिवलिंगों में शामिल है महादेवा
बाराबंकी जिले की रामनगर तहसील अंतर्गत घाघरा नदी के तट पर स्थित लोधेश्वर महादेव मंदिर का इतिहास पौराणिक मान्यताओं से समृद्ध है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, यहाँ स्थापित शिवलिंग भारत के 52 दुर्लभ एवं सिद्ध शिवलिंगों में से एक माना जाता है।
मान्यता है कि महाभारत काल में पांडवों ने अज्ञातवास और धर्मरक्षा हेतु यहाँ महायज्ञ किया था, जिसका प्रमाण परिसर में मौजूद ऐतिहासिक ‘पांडव-कूप’ है। इस पावन स्थल का नाम लोधरम नामक शिवभक्त से भी जुड़ा है। चारों युगों में पूजित यह धाम लोधी राजपूतों का कुलदेवता भी माना जाता है। महाशिवरात्रि और श्रावण मास में यहाँ लाखों की संख्या में कांवड़िए जलाभिषेक करते हैं।
स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगी नई गति: DM ईशान प्रताप सिंह
जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि जिला प्रशासन प्रोजेक्ट की नियमित निगरानी कर रहा है। भूमि संबंधी बाधाओं को दूर कर कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इस कॉरिडोर से न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि रोजगार के नए अवसर सृजित होकर बाराबंकी की स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाई मिलेगी।

