रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
उत्तर रेलवे, लखनऊ रेल मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने मंगलवार को रुदौली रेलवे स्टेशन का औचक निरीक्षण किया। रुदौली विधायक रामचंद्र यादव द्वारा उठाए गए जनहित के मुद्दे पर त्वरित कार्रवाई करते हुए डीआरएम स्वयं धरातल पर पहुंचे। उन्होंने प्लेटफॉर्म संख्या-2 के बंद रास्ते, यात्री सुविधाओं, स्टेशन सुरक्षा और साफ-सफाई की व्यवस्था का गहन जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान स्टेशन परिसर में फैली गंदगी और अव्यवस्था को देखकर डीआरएम ने कड़ा रुख अपनाया और संबंधित अधिकारियों को नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने की सख्त हिदायत दी। इसके साथ ही आरपीएफ (RPF) बैरक का शीशा टूटा मिलने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।
20 मिनट के दौरे में प्लेटफॉर्म 1 व 2 का जायजा, बंद कमरे में हुई उच्चस्तरीय बैठक
मंगलवार प्रातः करीब 11:15 बजे डीआरएम का विशेष अमला रुदौली स्टेशन पहुंचा। उन्होंने लगभग 20 मिनट तक प्लेटफॉर्म संख्या-1 और 2 का गहन निरीक्षण किया:
- व्यवस्थाओं की समीक्षा: उन्होंने टिकट आरक्षण प्रणाली, यात्री प्रतीक्षालय, पेयजल सुविधाओं और वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
- बंद कमरे में गुप्त बैठक: निरीक्षण के तुरंत बाद डीआरएम ने प्लेटफॉर्म-2 के मार्ग विवाद को लेकर अधीनस्थ रेलवे इंजीनियरों व अधिकारियों के साथ स्टेशन पर बंद कमरे में करीब 5 मिनट तक आपात बैठक की। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में यात्रियों की सुरक्षा और बंद रास्ते के वैकल्पिक तकनीकी समाधान पर विचार-विमर्श किया गया।
- पत्रकारों से बातचीत: मीडिया से बात करते हुए डीआरएम ने कहा, “यह हमारा नियमित निरीक्षण था। प्लेटफॉर्म नंबर-2 के बंद मार्ग की समस्या का मौके पर स्थलीय निरीक्षण कर लिया गया है और यात्रियों के हित में जल्द ही इसका विधिक समाधान निकाला जाएगा।”
विधायक रामचंद्र यादव ने मौके पर दिखाया बंद रास्ता, स्थानीय लोगों से ली गई राय
उल्लेखनीय है कि बीते 17 जुलाई को रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने लखनऊ में डीआरएम से मुलाकात कर एक ज्ञापन सौंपा था। विधायक ने अवगत कराया था कि रेलवे द्वारा प्लेटफॉर्म-2 पर दीवार खड़ी कर नगर की ओर जाने वाला पारंपरिक मार्ग बंद कर दिया गया है। अधिकांश ट्रेनें प्लेटफॉर्म-2 पर ही रुकती हैं, जिससे रोजाना यात्रियों, बुजुर्गों, महिलाओं, स्कूली बच्चों और व्यापारियों को ओवरब्रिज से होकर 1 किलोमीटर से अधिक का अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है।
मंगलवार को विधायक रामचंद्र यादव ने खुद डीआरएम को मौके पर ले जाकर दीवार से अवरुद्ध हुए मार्ग को दिखाया। डीआरएम ने स्थानीय नागरिकों और व्यापारियों से भी सीधे संवाद किया। इस दौरान डीआरएम ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी यात्री या स्कूली छात्र शॉर्टकट के चक्कर में रेलवे ट्रैक पार न करे, यह जानलेवा होने के साथ-साथ रेलवे विधिक नियमों का भी उल्लंघन है।
रुदौली स्टेशन डीआरएम निरीक्षण का मुख्य सांख्यिकी ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | रेलवे स्टेशन निरीक्षण का आधिकारिक विवरण |
| मुख्य निरीक्षण अधिकारी | मंडल रेल प्रबंधक (DRM), उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल |
| स्थानीय नेतृत्वकर्ता | श्री रामचंद्र यादव (क्षेत्रीय विधायक, रुदौली) |
| निरीक्षण का मुख्य कारण | प्लेटफॉर्म-2 के बंद रास्ते से यात्रियों को हो रही 1 किमी अतिरिक्त दूरी की असुविधा |
| प्रशासनिक रुख | मार्ग का तकनीकी परीक्षण कर शीघ्र समाधान निकालने का आश्वासन |
| नाराजगी के मुख्य बिंदु | स्टेशन परिसर में गंदगी और आरपीएफ बैरक का टूटा शीशा |
| उपस्थित गणमान्य जन | चैयरमैन शीतला प्रसाद शुक्ला, आशीष शर्मा, शतीन्द्र शास्त्री, रामनेवल लोधी आदि |
चार दिन पहले ज्ञापन, चार दिन बाद ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचे DRM
विधायक रामचंद्र यादव की इस त्वरित और मजबूत पैरवी की क्षेत्र में जमकर सराहना हो रही है। 17 जुलाई को ज्ञापन सौंपे जाने के महज चार दिनों के भीतर मंडल रेल प्रबंधक का स्वयं रुदौली स्टेशन पहुंचना यह दर्शाता है कि प्रशासन ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया है। निरीक्षण के पश्चात डीआरएम अयोध्या के लिए रवाना हो गए। स्थानीय नागरिकों को अब पूर्ण उम्मीद है कि जल्द ही दीवार हटेगी या वैकल्पिक मार्ग चालू होकर लाखों यात्रियों को राहत मिलेगी।

