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रुदौली के मसीहा बने पूर्व मंत्री रुश्दी मियां, 19 दिन बाद सऊदी अरब से वतन लौटा सुरेंद्र लोधी का शव

Syed Abbas Ali Zaidi Saudi Arabia Dead Body Rudauli

रुदौली (अयोध्या) | न्यूज़ डेस्क

इंसानियत और सेवा की एक बड़ी मिसाल पेश करते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री सैयद अब्बास अली जैदी (रुश्दी मियां) ने विदेश में फंसे एक गरीब परिवार के बेटे के पार्थिव शरीर को वतन वापस लाने में सफलता हासिल की है। सऊदी अरब में रोज़गार के लिए गए रुदौली क्षेत्र के सुरेंद्र लोधी की मौत के बाद करीब 19 दिनों से भटक रहे परिजनों के लिए रुश्दी मियां मसीहा बनकर सामने आए।

दर-दर भटक रहा था परिवार, रुश्दी मियां ने थामी उंगली

रुदौली के ग्राम पूरे परसन निवासी सुरेंद्र लोधी की सऊदी अरब में आकस्मिक मौत के बाद परिवार पूरी तरह टूट चुका था। बेबस परिजन पार्थिव शरीर को भारत लाने के लिए हर संभव दरवाजा खटखटा चुके थे, लेकिन कहीं से कोई ठोस मदद नहीं मिल रही थी। मामले की जानकारी मिलते ही पूर्व मंत्री रुश्दी मियां ने न केवल पीड़ित परिवार से मुलाकात की, बल्कि तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान कर पूरे मामले को अपने हाथों में लिया।

कानूनी प्रक्रिया और मशक्कत की पूरी टाइमलाइन:

मुख्य बिंदुविवरणी
मृतक का नामसुरेंद्र लोधी
स्थानग्राम पूरे परसन, रुदौली (अयोध्या)
मददगारसैयद अब्बास अली जैदी (रुश्दी मियां)
सहयोगीमेराज अंसारी और जावेद तेली
मशक्कत का समयलगभग 19 दिन
अंतिम गंतव्यपैतृक गांव पूरे परसन

विदेश में कानूनी प्रक्रिया और वतन वापसी

रुश्दी मियां ने इस कठिन मिशन के लिए मेराज अंसारी को विशेष रूप से विदेश भेजा और जावेद तेली के सक्रिय सहयोग से सऊदी अरब में फंसी कानूनी अड़चनों को दूर कराया। लगातार मॉनिटरिंग और कूटनीतिक प्रयासों के बाद सुरेंद्र लोधी का शव 19 दिन बाद भारत लाया जा सका।

लखनऊ एयरपोर्ट पर स्वयं मौजूद रहकर सैयद अब्बास अली जैदी ने पार्थिव शरीर को रिसीव किया और उसे ससम्मान एम्बुलेंस के जरिए पैतृक गांव भिजवाया।

गांव में शोक की लहर, रुश्दी मियां के प्रयासों की सराहना

जैसे ही सुरेंद्र लोधी का पार्थिव शरीर उनके गांव पूरे परसन पहुँचा, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था, लेकिन उन्होंने इस बात पर संतोष जताया कि रुश्दी मियां के प्रयासों की बदौलत उन्हें अपने लाल का अंतिम दर्शन नसीब हो सका। क्षेत्रीय लोगों और परिजनों ने विशेष रूप से पूर्व मंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे जनप्रतिनिधि ही सच्चे जनसेवक होते हैं।

“गरीब परिवार के दुख में शामिल होना ही सबसे बड़ा धर्म है। सुरेंद्र का शव वतन लाने के लिए जो बन पड़ा वो हमने किया, ताकि परिवार अपने बेटे को अंतिम विदाई दे सके।” — सैयद अब्बास अली जैदी ‘रुश्दी मियां’

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