जौनपुर | तामीर हसन शीबू (न्यूज़ डेस्क)
नगर पालिका परिषद जौनपुर क्षेत्र में इन दिनों नियमों को ताक पर रखकर लगाए जा रहे होर्डिंग्स लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन गए हैं। शहर के व्यस्त इलाकों और मुख्य चौराहों पर बिना किसी निर्धारित मानक और सुरक्षा नियमों का पालन किए मनमाने तरीके से बड़े-बड़े होर्डिंग टांग दिए गए हैं। स्थिति यह है कि ये होर्डिंग अब राहगीरों के लिए मौत का फंदा नजर आ रहे हैं, लेकिन संबंधित विभाग गहरी नींद में सोया हुआ है।
कमजोर ढांचे और मनमानी: कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा
स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि शहर के व्यस्त बाजारों और सड़कों के किनारे लगे कई होर्डिंग्स बेहद कमजोर लोहे के ढांचों पर खड़े किए गए हैं। मानसून और तेज हवाओं के मौसम में इनके गिरने की आशंका सबसे अधिक होती है। खासतौर पर वाहन चालकों और पैदल चलने वालों के ऊपर इन भारी-भरकम बोर्डों के गिरने का डर बना रहता है।
समस्या की मुख्य वजहें:
| मुख्य बिंदु | हकीकत |
| मानकों का उल्लंघन | बिना अनुमति और बिना तकनीकी जांच के होर्डिंग लगाए जा रहे हैं। |
| सुरक्षा की अनदेखी | कमजोर और पुराने लोहे के एंगल का इस्तेमाल किया जा रहा है। |
| स्थान का चयन | व्यस्त सड़कों और मोड़ पर होर्डिंग लगाने से विजिबिलिटी (दृश्यता) कम हो रही है। |
| प्रशासनिक ढिलाई | नगर पालिका परिषद की ओर से अवैध होर्डिंग्स पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही। |
नियमों की खुली धज्जियां, प्रशासन मौन
नियमों के अनुसार, किसी भी सार्वजनिक स्थान पर होर्डिंग लगाने के लिए नगर पालिका से अनुमति लेना और तय मापदंडों (जैसे ऊंचाई, मजबूती और आकार) का पालन करना अनिवार्य है। लेकिन जौनपुर शहर में विज्ञापन माफिया इन नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते इन अवैध और असुरक्षित होर्डिंग्स को नहीं हटाया गया, तो जौनपुर में भी बड़े हादसे हो सकते हैं।
सख्त कार्रवाई की मांग
शहर के जागरूक नागरिकों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और नगर पालिका परिषद से मांग की है कि पूरे शहर में अभियान चलाकर अवैध होर्डिंग्स की जांच की जाए। जो होर्डिंग मानकों के विपरीत पाए जाएं, उन्हें तत्काल हटाया जाए और संबंधित ठेकेदारों पर भारी जुर्माना लगाया जाए। अब देखना यह है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करता है या समय रहते जागता है।
“सड़कों के किनारे लगे ये ऊंचे होर्डिंग तेज हवा में कांपते नजर आते हैं। प्रशासन को चाहिए कि इनकी मजबूती की जांच कराए ताकि किसी बेगुनाह की जान न जाए।” — स्थानीय निवासी

