रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जन-आह्वान पर संपूर्ण प्रदेश में चल रहे पर्यावरण संरक्षण आंदोलन को गति देते हुए शनिवार को रुदौली विधानसभा क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित हुआ। ‘एक पेड़ मां के नाम’ महाअभियान के अंतर्गत समूची विधानसभा में एक ही दिन में रिकॉर्ड 3 लाख 27 हजार पौधों का रोपण किया गया। क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने विधानसभा के विभिन्न चिन्हित सरकारी परिसरों और धार्मिक स्थलों पर खुद अपने हाथों से पौधरोपण कर इस भगीरथ पर्यावरण महायज्ञ का भव्य शुभारंभ किया।
प्रकृति का संरक्षण भावी पीढ़ियों के प्रति हमारी नैतिक जिम्मेदारी: विधायक
वृक्षारोपण महाअभियान-2026 की शुरुआत करते हुए विधायक रामचंद्र यादव ने विकास खंड मवई के गनेशपुर, वन विभाग के प्रसिद्ध कामाख्या धाम परिसर, विकास खंड रुदौली के मीनापुर फगौली तथा आदर्श नगर पालिका परिषद रुदौली के डाक बंगला परिसर में मुख्य रूप से पौधरोपण किया। इस अवसर पर उन्होंने जनता को संबोधित करते हुए कहा:
“प्रकृति और पर्यावरण का संरक्षण केवल आज की तात्कालिक आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह हमारी आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित वर्तमान और उज्ज्वल भविष्य के प्रति एक बहुत बड़ी नैतिक जिम्मेदारी भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी द्वारा शुरू किया गया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी द्वारा आगे बढ़ाया गया ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हमारी जननी (माता) के प्रति सर्वोच्च सम्मान प्रकट करने का एक पावन संदेश है। क्षेत्र के प्रत्येक जागरूक नागरिक को अपनी मां के नाम पर कम से कम एक पौधा अवश्य लगाना चाहिए और उसे विशाल वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखने का संकल्प लेना चाहिए।” — रामचंद्र यादव, विधायक रुदौली
कम जगह में घना जंगल: नगर पालिका ने अपनाई जापानी ‘मियावाकी पद्धति’
इस महाअभियान की सबसे बड़ी तकनीकी विशेषता यह रही कि इसमें वन विभाग, विकास खंड मवई, विकास खंड रुदौली तथा आदर्श नगर पालिका परिषद रुदौली ने आपसी समन्वय के साथ संयुक्त रूप से कार्य किया।
आदर्श नगर पालिका परिषद रुदौली द्वारा इस वृक्षारोपण महायज्ञ के अंतर्गत आधुनिक जापानी तकनीक ‘मियावाकी पद्धति’ के माध्यम से विशेष पौधरोपण कराया गया। इस वैज्ञानिक पद्धति के तहत बहुत कम क्षेत्रफल में अत्यधिक सघनता (High Density) के साथ स्थानीय प्रजातियों के पौधे रोपे जाते हैं, जिससे साधारण वनों की तुलना में महज कुछ ही वर्षों के भीतर एक पूर्णतः आत्मनिर्भर और घना हरित क्षेत्र (Urban Forest) विकसित हो जाता है।
महाअभियान और विभागीय कार्ययोजना का पूरा खाका:
| मुख्य विवरण | वन महोत्सव एवं रोपण के मुख्य आंकड़े |
| मुख्य अभियान का नाम | ‘एक पेड़ मां के नाम’ (वृक्षारोपण महायज्ञ-2026) |
| कुल रोपण का लक्ष्य | रुदौली विधानसभा क्षेत्र में 03 लाख 27 हजार पौधे |
| रोपण की मुख्य तकनीक | जापानी मियावाकी पद्धति (शहरी वनों के विकास हेतु) |
| प्रमुख शुभारंभ स्थल | कामाख्या धाम परिसर, गनेशपुर (मवई), मीनापुर फगौली व डाक बंगला परिसर |
| विभागीय निगरानी | वन विभाग द्वारा पौधों की 100% उत्तरजीविता हेतु रेगुलर मॉनिटरिंग |
पौधों की 100% उत्तरजीविता के लिए वन विभाग करेगा 24 घंटे निगरानी: रेंजर
कार्यक्रम में उपस्थित वन क्षेत्राधिकारी (रेंजर) जे.पी. गुप्ता ने विभागीय रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए स्पष्ट किया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य केवल गड्ढे खोदकर पौधे लगाना और औपचारिकता पूरी करना नहीं है, बल्कि रोपे गए हर एक पौधे को नियमित पानी-खाद देकर विशाल वृक्ष के रूप में परिवर्तित करना है।
वन विभाग की विशेष टीमें इन सभी चिन्हित रोपण स्थलों की नियमित डिजिटल और भौतिक निगरानी करेंगी। मियावाकी पद्धति से विकसित होने वाला यह हरित क्षेत्र क्षेत्र में जैव विविधता (Biodiversity) को बढ़ाने, स्थानीय प्रदूषण को नियंत्रित करने और पर्यावरण संतुलन को दीर्घकालिक मजबूती प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगा।
कार्यक्रम में रही इन प्रमुख जन-प्रतिनिधियों व अधिकारियों की उपस्थिति:
इस वृहद जन आंदोलन के अवसर पर मुख्य रूप से खंड विकास अधिकारी (BDO) सूर्य प्रकाश मिश्रा, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष शीतला प्रसाद शुक्ला, अधिशासी अधिकारी (EO) प्रेम वर्मा, भाजपा मंडल अध्यक्ष किशोरी लाल भारती, मंडल अध्यक्ष माधुरी सिंह और पूर्व मंडल अध्यक्ष रामदीन वर्मा सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य (BDC), सामाजिक कार्यकर्ता, विभिन्न सरकारी विभागों के कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने एक सुर में पर्यावरण को स्वच्छ रखने की सामूहिक शपथ ली।

