रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
नेपाल की पहाड़ियों और बैराजों की ओर से छोड़े गए लाखों क्यूसेक पानी के चलते जनपद अयोध्या के रुदौली तहसील क्षेत्र में घाघरा (सरयू) नदी का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। नदी के उफान पर आने से संभावित बाढ़ (Flood) की आशंका को देखते हुए रुदौली तहसील प्रशासन पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गया है। प्रशासन ने नदी के तटीय और संवेदनशील माझा क्षेत्रों में 24 घंटे की विशेष निगरानी बढ़ा दी है, साथ ही तटबंधों के किनारे रहने वाले ग्रामीणों से किसी भी आपातकालीन स्थिति में तत्काल कंट्रोल रूम या क्षेत्रीय लेखपाल को सूचना देने की अपील की है।
एसडीएम व क्षेत्राधिकारी ने महगूपुरवा, कैथी और सल्लहापुर का किया औचक दौरा
बाढ़ के संभावित खतरे और सुरक्षा इंतज़ामों की हकीकत परखने के लिए उपजिलाधिकारी (SDM) संतोष कुमार और क्षेत्राधिकारी (CO) अरविंद सोनकर ने शनिवार को भारी पुलिस बल और राजस्व टीम के साथ प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। अधिकारियों की टीम ने मुख्य रूप से:
- महगूपुरवा, कैथी और सल्लहापुर जैसे नदी के मुहाने पर बसे अति-संवेदनशील गांवों का सघन निरीक्षण किया।
- तटीय इलाकों के ग्रामीणों और ग्राम प्रधानों से सीधे संवाद कर उन्हें सतर्क रहने की विधिक सलाह दी।
- बाढ़ की स्थिति में इंसानों के साथ-साथ मवेशियों के सुरक्षित विस्थापन और चारे की व्यवस्था का खाका तैयार किया।
बाढ़ की स्थिति और प्रशासनिक तैयारियों का पूरा ब्योरा:
| मुख्य विवरण | बाढ़ नियंत्रण एवं राहत कार्य के आंकड़े |
| प्रभावित नदी | घाघरा (सरयू) नदी, रुदौली तहसील क्षेत्र |
| मुख्य कारण | नेपाल की ओर से छोड़े गए पानी के चलते जलस्तर में वृद्धि |
| निरीक्षणकर्ता अधिकारी | SDM संतोष कुमार एवं सीओ अरविंद सोनकर |
| तत्काल राहत कार्य | आवागमन सुचारू रखने हेतु 03 बड़ी नावों का संचालन शुरू |
| प्रशासनिक मुस्तैदी | बाढ़ चौकियां सक्रिय, संबंधित लेखपालों को 24 घंटे मुस्तैद रहने का आदेश |
कैथी माझा संपर्क मार्ग जलमग्न, आवागमन बहाल रखने के लिए लगाई गईं नावें
घाघरा नदी के बढ़ते जलस्तर का सीधा और तात्कालिक असर कैथी माझा को मुख्य भूमि से जोड़ने वाले एकमात्र संपर्क मार्ग पर साफ दिखाई देने लगा है। सड़क पर कई फीट पानी भर जाने के कारण ग्रामीणों का पैदल व वाहनों से आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया है।
ग्रामीणों की इस बड़ी परेशानी को देखते हुए एसडीएम संतोष कुमार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तत्काल तीन सरकारी नावों की व्यवस्था कर उन्हें मार्ग पर संचालित करा दिया है। इन नावों के जरिए ग्रामीण आवश्यक घरेलू सामान और अपनी दैनिक जरूरतों के लिए सुरक्षित तरीके से आ-जा रहे हैं।
24 घंटे अलर्ट पर रहेंगे लेखपाल, बाढ़ चौकियां की गईं सक्रिय
निरीक्षण के उपरांत मीडिया से बातचीत करते हुए उपजिलाधिकारी (SDM) संतोष कुमार ने प्रशासनिक तैयारियों पर विस्तार से जानकारी दी:
“फिलहाल घाघरा नदी का जलस्तर नियंत्रण में है और स्थिति पूरी तरह सामान्य है, लेकिन हम किसी भी संभावित खतरे को लेकर कोई ढिलाई नहीं बरत रहे हैं। तहसील प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। क्षेत्र की सभी बाढ़ चौकियों को पूरी मुस्तैदी के साथ सक्रिय कर दिया गया है। संबंधित क्षेत्रों के लेखपालों और राजस्व कर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाकर उन्हें अगले आदेश तक 24 घंटे ग्राउंड पर अलर्ट रहने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। लापरवाही मिलने पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।” — संतोष कुमार, एसडीएम रुदौली
इसके साथ ही, बाढ़ खंड विभाग (Flood Division) की तकनीकी टीमें भी नदी के मुख्य तटबंधों (Embankments) का लगातार पेट्रोलिंग और तकनीकी निरीक्षण कर रही हैं, ताकि यदि कहीं भी कटान या रिसाव की स्थिति उत्पन्न हो, तो फ्लड फाइटिंग सामग्री (बोले, क्रेट आदि) की मदद से तत्काल आवश्यक सुरक्षात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

