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जौनपुर: जैविक खेती और FPO से किसानों को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर, आरण्यक फाउंडेशन ने आयोजित किया वृहद जागरूकता कार्यक्रम

Aranyak Foundation Jaunpur Organic Farming FPO

जौनपुर | न्यूज़ डेस्क (NewsHour)

किसानों की आय को दोगुना करने, पर्यावरण संरक्षण और टिकाऊ कृषि (सस्टेनेबल फार्मिंग) को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आरण्यक फाउंडेशन की ओर से सोमवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। “जैविक खेती एवं किसान उत्पादक संगठन (FPO)” विषय पर आधारित इस महत्वपूर्ण संगोष्ठी का नेतृत्व फाउंडेशन की अध्यक्ष चेतना सिंह ने किया। कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों और प्रशासनिक अधिकारियों ने किसानों को पारंपरिक खेती के बजाय आधुनिक व प्राकृतिक तकनीकों को अपनाने का मूलमंत्र दिया।

रासायनिक खादों के दुष्परिणामों से बचें, लागत घटाएं: उप कृषि निदेशक

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित जिला उप कृषि निदेशक विनय कुमार राज ने किसानों को संबोधित करते हुए मिट्टी की सेहत और सरकारी योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

  • मिट्टी की उर्वरता: रासायनिक उर्वरकों (Chemical Fertilizers) और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल से मिट्टी बंजर हो रही है। जैविक खाद के उपयोग से जमीन की उपजाऊ क्षमता को वापस पाया जा सकता है।
  • लागत में कमी: प्राकृतिक और जैविक खेती अपनाने से बाजार से महंगी खाद-दवाएं खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे खेती की उत्पादन लागत काफी कम हो जाती है।
  • सरकारी योजनाएं: उप कृषि निदेशक ने केंद्र एवं प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न कृषि सब्सिडी, सॉइल हेल्थ कार्ड और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाली कल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी।

जागरूकता कार्यक्रम और संगठन की मुख्य कड़ियाँ:

मुख्य विवरणकार्यक्रम की रूपरेखा व मार्गदर्शिका
आयोजक संस्थाआरण्यक फाउंडेशन (अध्यक्ष: चेतना सिंह)
मुख्य अतिथिश्री विनय कुमार राज (जिला उप कृषि निदेशक, जौनपुर)
मुख्य विषयजैविक खेती, प्राकृतिक कृषि एवं एफपीओ (FPO) की उपयोगिता
विशेषज्ञ वक्तासंध्या सिंह (एफपीओ विशेषज्ञ)
मुख्य उद्देश्यकिसानों की आय बढ़ाना, सामूहिक विपणन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती

FPO से जुड़कर वैश्विक बाजार तक पहुँचें: संध्या सिंह

कार्यक्रम में मौजूद एफपीओ विशेषज्ञ संध्या सिंह ने किसान उत्पादक संगठनों (FPO) की महत्ता और उसकी कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के दौर में छोटे और सीमांत किसानों के लिए अकेले आगे बढ़ना चुनौतीपूर्ण है।

उन्होंने समझाया कि एफपीओ के माध्यम से किसान संगठित होकर सामूहिक विपणन (Mass Marketing), मूल्य संवर्धन (Value Addition) और अपनी फसलों की ब्रांडिंग खुद कर सकते हैं। इसके जरिए उन्हें न सिर्फ सरकारी अनुदान आसानी से मिलता है, बल्कि बिचौलियों से मुक्ति पाकर सीधे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलती है।

“ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना हमारा संकल्प” – चेतना सिंह

आरण्यक फाउंडेशन की अध्यक्ष चेतना सिंह ने अंत में सभी किसानों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा:

“जैविक खेती और एफपीओ का आपसी समन्वय ही आज के समय में किसानों की आय बढ़ाने, खेती की लागत घटाने और हमारी ग्रामीण अर्थव्यवस्था को जमीनी स्तर पर मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम है। आरण्यक फाउंडेशन भविष्य में भी अन्नदाताओं के हित में ब्लॉक और ग्राम स्तर पर ऐसे जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करता रहेगा।” — चेतना सिंह, अध्यक्ष (आरण्यक फाउंडेशन)

कार्यक्रम में रहे मौजूद:

इस सफल और प्रेरणादायी कार्यक्रम में मुख्य रूप से वैभव सिंह, सृष्टि सिंह, पंकज पांडेय, पवन, शशांक शेखर, वीरेंद्र विक्रम सिंह, मानसी सिंह और गौरव सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान, कृषि मित्र और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम के समापन पर सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया गया तथा अधिक से अधिक किसानों को जैविक खेती की मुहिम से जोड़ने का सामूहिक संकल्प लिया गया।

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