रुदौली(अयोध्या)।विधानसभा में संत रविदास की पावन माटी से भरा कलश, रास्ते में फूलों की बारिश और चारों ओर गूंजते ‘हर-हर रविदास’ के जयकारे। रविवार को शुजागंज क्षेत्र में कलश वंदन यात्रा पहुंची तो माहौल आस्था और सामाजिक समरसता के रंग में रंग गया। वाराणसी स्थित संत रविदास महाराज की जन्मस्थली से लाई गई पवित्र माटी और कलश के दर्शन के लिए जगह-जगह ग्रामीणों और श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। यात्रा का पुष्पवर्षा और फूलमालाओं से भव्य स्वागत किया गया।
कलश वंदन यात्रा सिठौली, दीवाली, इचौलिया, जखौली मोड़ और भिटौरा होते हुए शुजागंज पक्का तालाब पहुंची। यात्रा के स्वागत के लिए ग्रामीणों ने जगह-जगह तैयारियां की थीं। मार्ग पर यात्रा के पहुंचते ही लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया और श्रद्धालुओं ने पावन माटी व कलश के दर्शन किए।
भिटौरा में विधायक ने सिर पर रखा पावन कलश
भिटौरा में यात्रा पहुंचने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और श्रद्धालु एकत्र हो गए। यहां रुदौली विधायक रामचंद्र यादव ने पवित्र कलश को अपने सिर पर रखकर यात्रा में सहभागिता की। इस दौरान श्रद्धालुओं ने विधायक पर पुष्पवर्षा की। ‘हर-हर रविदास’ और सामाजिक समरसता के जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठा।
आंबेडकर प्रतिमा पर अर्पित की पुष्पांजलि
यात्रा के दौरान विधायक रामचंद्र यादव ने डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर पुष्पांजलि अर्पित की। इसके बाद यात्रा शुजागंज पक्का तालाब पहुंची। यहां बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने यात्रा का जोरदार स्वागत किया। कार्यक्रम के बाद कलश वंदन यात्रा का विधिवत समापन किया गया।
संत रविदास का संदेश समाज को जोड़ने वाला : विधायक
विधायक रामचंद्र यादव ने कहा कि संत रविदास महाराज का जीवन मानवता, समानता, भाईचारे और सामाजिक समरसता का संदेश देता है। उनकी शिक्षाएं आज भी समाज को भेदभाव से ऊपर उठकर एकजुट होने और मानवता के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं। वाराणसी से लाई गई पावन माटी और कलश यात्रा केवल आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि संत रविदास के विचारों और उनके संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम भी है।
यात्रा में शुजागंज मंडल अध्यक्ष माधुरी सिंह, पूर्व प्रधान अरविंद वर्मा, समाजसेवी संतोष यादव, कमलेश यादव, किशोरी लाल भारती, रामप्रेस यादव, शिवानंद मिश्रा और सोनू यादव समेत बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता, ग्रामीण और श्रद्धालु मौजूद रहे।

