रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
रुदौली ब्लॉक अंतर्गत कंपोजिट विद्यालय करीमपुर में चल रहा विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब इस पूरे घटनाक्रम में विद्यालय के छात्र-छात्राओं के परिजनों व ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया है। अभिभावकों ने जिलाधिकारी (DM) अयोध्या को ज्ञापन/शिकायती पत्र सौंपकर विद्यालय की सहायक अध्यापिका कोमल पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
अभिभावकों का आरोप है कि शिक्षिका ने अभिभावकों की जानकारी और सहमति के बिना बच्चों से शिकायत पत्र पर हस्ताक्षर (डिजिटल व लिखित दस्तखत) कराए और छात्राओं से पूछताछ का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर गैर-कानूनी तरीके से वायरल कर दिया।
“बिना जानकारी कराए हस्ताक्षर, बच्चों का हुआ मानसिक उत्पीड़न” — अभिभावक
जिलाधिकारी को सौंपे गए शिकायती पत्र में अभिभावक बलराम, जनकलाली, हरिश्चंद्र, परशुराम, राममूरत, आशाराम, सीमा देवी सहित दर्जनों ग्रामीणों ने अपनी पीड़ा जाहिर की:
- बच्चों से जबरन हस्ताक्षर: अभिभावकों का कहना है कि बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) और पुलिस को भेजे गए शिकायती पत्र पर बच्चों से उनके माता-पिता की जानकारी के बिना हस्ताक्षर कराए गए।
- प्राइवेसी और वीडियो निष्कासन: छात्राओं का पूछताछ वाला वीडियो सोशल मीडिया पर सार्वजनिक किए जाने से बच्चों का भारी मानसिक उत्पीड़न हुआ है और विद्यालय का माहौल भयभीत करने वाला बन गया है।
“शिक्षक श्री प्रकाश पाठक के व्यवहार से कोई शिकायत नहीं”
अभिभावकों ने अपने प्रार्थना पत्र में यह भी स्पष्ट किया कि राज्य अध्यापक पुरस्कार से अलंकृत सहायक अध्यापक श्री प्रकाश पाठक वर्षों से विद्यालय में निष्ठापूर्वक पढ़ा रहे हैं। उनके शिक्षण कार्य, अनुशासन और आचरण से किसी भी अभिभावक को कोई शिकायत नहीं है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए ताकि सत्य सामने आ सके और विद्यालय में शांतिपूर्ण शैक्षिक वातावरण बहाल हो सके।
करीमपुर विद्यालय अभिभावक शिकायत का मुख्य ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | जिलाधिकारी के समक्ष दी गई शिकायत का विवरण |
| संबंधित विद्यालय | कंपोजिट विद्यालय करीमपुर (रुदौली ब्लॉक, अयोध्या) |
| शिकायतकर्ता | बलराम, जनकलाली, हरिश्चंद्र, परशुराम, राममूरत व अन्य अभिभावक |
| आरोपित अध्यापिका | सहायक अध्यापिका कोमल (कंपोजिट विद्यालय करीमपुर) |
| मुख्य आरोप | बच्चों से बिना सहमति दस्तखत कराना, वीडियो वायरल करना |
| प्रशासनिक एक्शन | जिलाधिकारी द्वारा जांच टीम का गठन, निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन |
जिलाधिकारी ने गठित की जांच टीम, निष्पक्ष कार्रवाई का भरोसा दिया
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जिलाधिकारी ने अभिभावकों की शिकायत को गंभीरता से लिया है। उन्होंने तत्काल एक विशेष जांच टीम का गठन करते हुए शिकायतकर्ताओं को आश्वस्त किया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

