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नाव से सरयू पार कर कैथी मांझा पहुंचे DM शशांक त्रिपाठी: बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों की सुनीं समस्याएं, अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी

DM Shashank Tripathi Inspection Kaithi Majha Flood Relief Rudauli

रुदौली (अयोध्या) | (NewsHour)

सरयू नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर और तराई क्षेत्र में बने बाढ़ के खतरे के बीच अयोध्या के नए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने शुक्रवार को रुदौली तहसील के अति-संवेदनशील व टापू नुमा बाढ़ प्रभावित इलाकों का तूफानी स्थलीय निरीक्षण किया।

जिलाधिकारी ने स्वयं नाव से उफनती सरयू नदी पार कर कैथी मांझा गांव में कदम रखा। उन्होंने प्राथमिक विद्यालय, स्वास्थ्य सेवाओं और बुनियादी विकास सुविधाओं की धरातलीय हकीकत परखी। ग्रामीणों की समस्याएं सुनने के बाद डीएम ने मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी, तहसीलदार और खंड विकास अधिकारी (BDO) को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए तथा बाढ़ राहत कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता बरतने पर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी।

पस्ता बरई कैंप कार्यालय व जर्जर मार्ग का लिया जायजा

कैथी मांझा पहुँचने से पूर्व जिलाधिकारी ने पस्ता बरई स्थित बाढ़ कार्यखंड के कैंप कार्यालय का औचक निरीक्षण कर सरयू के जलस्तर व तटबंधों की स्थिति की समीक्षा की। इसके उपरांत उन्होंने रौनाही तटबंध से सरयू नदी तक जाने वाले जर्जर पहुंच मार्ग का निरीक्षण कर संबंधित लोक निर्माण व बाढ़ कार्यखंड के अधिकारियों को तत्काल मरम्मत कराने के निर्देश दिए।

प्राथमिक विद्यालय में बच्चों से पूछा हाल, जर्जर भवन पर कार्रवाई का आश्वासन

नाव से नदी पार कर कैथी मांझा पहुंचे डीएम सीधे गांव के प्राथमिक विद्यालय पहुंचे:

  • एमडीएम की गुणवत्ता जांची: विद्यालय में बच्चों से मध्याह्न भोजन (MDM) की गुणवत्ता, किताबों की उपलब्धता और पढ़ाई का हाल जाना। बच्चों द्वारा मीनू के अनुसार भोजन मिलने की पुष्टि करने और सामान्य प्रश्नों के सटीक उत्तर देने पर डीएम ने प्रसन्नता जताई।
  • जर्जर भवन व खेल सामग्री: ग्रामीणों द्वारा विद्यालय भवन के जर्जर होने पर नया भवन बनवाने की मांग रखी गई, जिस पर डीएम ने औपचारिकताएं पूरी कर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया। साथ ही आंगनबाड़ी व्यवस्था सुदृढ़ करने व बच्चों के लिए खेल सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

सोलर लाइट, पीएम आवास, शौचालय और आधार शिविर के निर्देश

गांव में चौपाल लगाकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी ने प्रशासनिक अमले को तुरंत दिशा-निर्देश जारी किए:

  • आधार व आवास शिविर: BDO को निर्देश दिया कि पात्र परिवारों का पारदर्शी सर्वे कर प्रधानमंत्री आवास योजना व शौचालय का लाभ दिया जाए। गांव के बच्चों व नागरिकों के आधार कार्ड बनाने हेतु 1-2 दिन में गांव में ही विशेष शिविर लगाया जाए।
  • पुलिया निर्माण व पेयजल: गांव से नदी तक जाने वाले मार्ग पर जलभराव रोकने के लिए आवश्यक स्थानों पर पुलिया निर्माण तथा शुद्ध पेयजल हेतु हैंडपंपों की री-बोरिंग का आदेश दिया।
  • स्वास्थ्य सेवाएं: स्वास्थ्य टीम की मौजूदगी में एक ग्रामीण की मांग पर तत्काल आई-ड्रॉप उपलब्ध कराई गई।

डीएम शशांक त्रिपाठी के रुदौली बाढ़ निरीक्षण का मुख्य सांख्यिकी ब्योरा:

मुख्य मापदंडप्रशासनिक निरीक्षण व ग्राउंड रिपोर्ट का विवरण
निरीक्षणकर्ता अधिकारीशशांक त्रिपाठी (जिलाधिकारी/DM, अयोध्या)
निरीक्षित मुख्य स्थलपस्ता बरई कैंप, रौनाही तटबंध, कैथी मांझा प्राथमिक विद्यालय
उपस्थित प्रशासनिक टीमSDM विनोद कुमार गुप्ता, तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता, BDO अखिलेश गुप्ता
उपस्थित चिकित्सीय टीमडॉ. रवींद्र शुक्ला (अधीक्षक, सीएचसी रुदौली) व मेडिकल टीम
त्वरित प्रशासनिक निर्देशपीएम आवास सर्वे, आधार विशेष कैंप, सोलर लाइट मरम्मत, पुलिया निर्माण

[विशेष इनसेट] विधायक की पहल से लगी सोलर लाइटें होंगी दुरुस्त; संवेदनशीलता की मिसाल

खराब सोलर लाइटें होंगी ठीक:

निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को अवगत कराया कि 3-4 वर्ष पूर्व स्थानीय रुदौली विधायक रामचंद्र यादव की विशेष पहल पर गांव में सोलर लाइटें स्थापित कराई गई थीं, जिनमें से कुछ अब तकनीकी खराबी के कारण बंद हैं। डीएम ने तुरंत संबंधित विभाग को खराब सोलर लाइटों को दुरुस्त करने तथा आवश्यकतानुसार नई सोलर लाइटें स्थापित करने के निर्देश दिए।

नाव से टापू वाले गांवों तक पहुंचते हैं विधायक रामचंद्र यादव:

स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, रुदौली विधायक रामचंद्र यादव सरयू नदी के बीच बसे कटान व बाढ़ प्रभावित गांवों के नियमित दौरे करते रहे हैं। विधायक स्वयं कई बार नाव से कैथी मांझा समेत अन्य टापू वाले गांवों में पहुंचकर राशन सामग्री, सोलर लाइट, स्वास्थ्य सेवाएं और पक्के मकान/आवास दिलवाने हेतु शासन-प्रशासन के स्तर पर मजबूत पैरवी करते आए हैं।

प्रशासनिक सतर्कता पर डीएम की सख्त ताकीद:

निरीक्षण के अंत में जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े लहजे में कहा कि सरयू नदी के घटते-बढ़ते जलस्तर पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए। बाढ़ चौकियां, नावें, राशन और दवाएं हर समय तैयार रहें ताकि प्रभावित परिवारों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराई जा सके।

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