रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
रुदौली ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत कोटरा में सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान (राशन दुकान) के आवंटन को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है। खुली बैठक में मतदान के दौरान जीत का दावा कर रही ‘एकता महिला स्वयं सहायता समूह’ की महिलाओं ने लाइसेंस जारी न होने पर नाराजगी जताते हुए तहसील मुख्यालय पहुंचकर जोरदार प्रदर्शन किया और तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।
दूसरी ओर, ब्लॉक प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि उत्तर प्रदेश शासन के नियमानुसार जब एक से अधिक स्वयं सहायता समूह आवेदन करते हैं, तो मतदान का कोई विधिक महत्व नहीं रह जाता, बल्कि समूहों की शासकीय ग्रेडिंग के आधार पर ही दुकान का अंतिम आवंटन किया जाता है।
266 वोटों से जीत का दावा, समूह ने दिया 3 दिन का अल्टीमेटम
तहसील परिसर में प्रदर्शन कर रही एकता महिला स्वयं सहायता समूह की अध्यक्ष सुनीता देवी ने आरोप लगाया कि बीते 21 जुलाई को आयोजित ग्राम पंचायत की खुली बैठक में उनके समूह को 266 मत मिले थे, जबकि प्रतिद्वंद्वी दूसरे समूह को मात्र 184 मत प्राप्त हुए थे।
- प्रशासन पर ढिलाई का आरोप: सुनीता देवी का कहना है कि पूर्ण बहुमत मिलने और सभी आवश्यक अभिलेख जमा कराने के बावजूद ग्रेडिंग का हवाला देकर फाइल को अटकाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2025 में भी उनका समूह 10 वोटों से जीता था, लेकिन तब भी लाइसेंस जारी नहीं किया गया था।
- अनिश्चितकालीन धरने की चेतावनी: महिला समूह ने तहसील प्रशासन को 3 दिन का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही पारदर्शी निर्णय लेते हुए लाइसेंस आवंटित नहीं किया गया, तो वे आगामी 29 जुलाई 2026 से विकास खंड रुदौली परिसर में अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू करने को बाध्य होंगी।
शासनादेश सर्वोपरि: एक से अधिक आवेदन पर वोट नहीं, ग्रेडिंग से तय होगा कोटा – BDO
महिला समूह के प्रदर्शन और आरोपों पर खंड विकास अधिकारी (BDO) अखिलेश गुप्ता ने शासन के विधिक नियमों की जानकारी देते हुए स्थिति साफ की है।
“ग्राम पंचायत कोटरा में एक से अधिक स्वयं सहायता समूहों ने राशन दुकान के लिए दावेदारी पेश की है। ऐसे मामलों में उत्तर प्रदेश शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि मतदान का कोई औचित्य नहीं रह जाता। चयन प्रक्रिया पूरी तरह से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के तहत समूहों की ‘ग्रेडिंग’ पर आधारित होती है। ग्रेडिंग में समूह का सालाना आय-व्यय, कुल सक्रिय सदस्यों की संख्या, समूह के संचालन का कार्यकाल, बैंक से नियमित वित्तीय लेन-देन, बैठकों की निरंतरता, आंतरिक बचत व अन्य निर्धारित मानकों का तकनीकी मूल्यांकन किया जाता है। कोटरा में यह सभी विधिक प्रक्रियाएं पूरी कर ली गई हैं और नियमानुसार जल्द ही सर्वोच्च ग्रेडिंग वाले पात्र समूह को दुकान का लाइसेंस आवंटित कर दिया जाएगा।” — अखिलेश गुप्ता, खंड विकास अधिकारी (रुदौली)
कोटरा राशन दुकान आवंटन विवाद का मुख्य प्रशासनिक ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | विवाद एवं प्रशासनिक प्रक्रिया का पूरा विवरण |
| संबंधित ग्राम पंचायत | कोटरा (विकास खंड रुदौली, अयोध्या जनपद) |
| प्रदर्शनकारी समूह | एकता महिला स्वयं सहायता समूह (अध्यक्ष: सुनीता देवी) |
| समूह का मुख्य दावा | खुली बैठक में 266 वोट मिलने के बावजूद लाइसेंस रुका |
| प्रशासनिक स्टैंड (BDO) | शासनादेशानुसार एक से अधिक आवेदन पर ‘ग्रेडिंग’ ही एकमात्र आधार |
| ग्रेडिंग के मुख्य मानक | बैंक लेन-देन, समूह की आयु, नियमित बैठकें, बचत व खाता प्रबंधन |
| आंदोलन का अल्टीमेटम | मांगे पूरी न होने पर 29 जुलाई से ब्लॉक परिसर में अनिश्चितकालीन धरना |
शासकीय ग्रेडिंग प्रणाली और ग्राम पंचायत की पारदर्शिता
गौरतलब है कि राज्य सरकार ने राशन दुकानों के आवंटन में पारदर्शिता लाने और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए स्वयं सहायता समूहों को प्राथमिकता दी है। हालांकि, जहां एक से अधिक समूह मैदान में होते हैं, वहां राजनीतिक गुटबाजी और वोट बैंक से इतर समूहों की कार्यक्षमता (Financial & Operational Standing) को परखने के लिए ही ‘ग्रेडिंग सिस्टम’ लागू किया गया है।
अब देखना यह होगा कि 29 जुलाई की चेतावनी से पहले ब्लॉक प्रशासन निष्पक्ष ग्रेडिंग के आंकड़े सार्वजनिक कर किस समूह के पक्ष में आवंटन पत्र जारी करता है।

