रुदौली (अयोध्या) | विशेष ब्यूरो (NewsHour)
अयोध्या जनपद की रुदौली तहसील परिसर में आयोजित ‘सम्पूर्ण समाधान दिवस’ के दौरान जिलाधिकारी (DM) शशांक त्रिपाठी और अधिवक्ताओं के बीच हुई तीखी बहस के हाई-प्रोफाइल मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के दो दिन बाद, स्थानीय लेखपाल की लिखित तहरीर पर रुदौली कोतवाली पुलिस ने तीन नामजद अधिवक्ताओं और 10 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ विधिक प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है।
मामले में पुलिस ने सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाने, लोक सेवकों से अभद्रता करने और शांति व्यवस्था को प्रभावित करने की संगीन धाराओं के तहत विधिक विवेचना शुरू कर दी है।
चकमार्ग अतिक्रमण की शिकायत पर भड़की बहस, वीडियो हुआ था वायरल
न्यूज़ पोर्टल NewsHour को मिली आधिकारिक जानकारी के अनुसार, यह पूरा विवाद शनिवार (18 जुलाई 2026) को तहसील सभागार में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान शुरू हुआ था।
- विवाद की मुख्य वजह: ग्राम सैदपुर निवासी दिनेश कुमार मिश्रा ने अधिकारियों के सामने चकमार्ग पर कथित अवैध अतिक्रमण की शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने समाधान दिवस में मौजूद अधिवक्ता गोरखनाथ तिवारी पर सीधे अतिक्रमण से जुड़े होने का आरोप लगा दिया।
- अधिकारियों से तीखी बहस: इसी बात को लेकर मौके पर जनसुनवाई कर रहे जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी और अधिवक्ता गोरखनाथ तिवारी के बीच तीखी बहस हो गई।
- वीडियो हुआ वायरल: घटना का पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही प्रशासनिक और कानूनी गलियारों में हड़कंप मच गया।
मेज थपथपाने, नारेबाजी और अफरा-तफरी फैलाने का आरोप
क्षेत्रीय लेखपाल वेद प्रकाश यादव की ओर से रुदौली कोतवाली में दर्ज कराई गई एफआईआर में पूरी घटना की विस्तृत विधिक क्रोनोलॉजी दी गई है।
तहरीर के अनुसार, जब फरियादी ने शिकायत की तो अधिवक्ता गोरखनाथ तिवारी आक्रोशित होकर अधिकारियों के समक्ष ऊंची आवाज में बोलने लगे। जब अधिकारियों ने उनसे इस विषय पर लिखित पक्ष/शिकायत देने को कहा तो उन्होंने इनकार कर दिया और मेज पर हाथ पटकते हुए अभद्र आचरण किया।
लेखपाल की तहरीर के मुख्य बिंदु:
- उकसाने का आरोप: आरोप है कि अधिवक्ता गोरखनाथ तिवारी ने अन्य अधिवक्ताओं को भड़काया और तहसील प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी।
- अन्य अधिवक्ताओं की संलिप्तता: पूर्व बार महामंत्री रमेश शुक्ला और अधिवक्ता आशीष पाण्डेय भी अधिकारियों से अभद्रता करने में शामिल हो गए।
- समाधान दिवस बाधित: तीनों नामजद अधिवक्ताओं ने सभागार के बाहर मौजूद अन्य वकीलों और फरियादियों को एकत्र कर धरना-प्रदर्शन देने का प्रयास किया, जिससे समाधान दिवस की सरकारी कार्यवाही बाधित हुई और परिसर में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
रुदौली तहसील एफआईआर प्रकरण का मुख्य प्रशासनिक ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | दर्ज प्राथमिकी (FIR) का आधिकारिक विवरण |
| घटनास्थल व तिथि | तहसील सभागार रुदौली (18 जुलाई 2026 समाधान दिवस) |
| शिकायतकर्ता / वादी | लेखपाल वेद प्रकाश यादव |
| नामजद आरोपी (अधिवक्ता) | गोरखनाथ तिवारी, रमेश शुक्ला (पूर्व बार महामंत्री) व आशीष पाण्डेय |
| अज्ञात आरोपी | 10 अन्य अज्ञात व्यक्ति |
| प्रमुख विधिक आरोप | सरकारी कार्य में बाधा डालना, लोक सेवकों से अभद्रता, शांति भंग |
| जांच अधिकारी / थाना | प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य, कोतवाली रुदौली |
साक्ष्यों के आधार पर होगी आगे की विधिक कार्रवाई: कोतवाली प्रभारी
रुदौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने बताया कि लेखपाल वेद प्रकाश यादव की तहरीर के आधार पर अधिवक्ता गोरखनाथ तिवारी, रमेश शुक्ला, आशीष पाण्डेय और 10 अज्ञात लोगों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि समाधान दिवस की सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के साक्ष्यों का परीक्षण कर निष्पक्ष विधिक जांच की जा रही है और जांच के आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद रुदौली तहसील और बार एसोसिएशन से जुड़े अधिवक्ताओं में भारी हलचल देखी जा रही है।

