शाहगंज / जौनपुर | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
जौनपुर जनपद के शाहगंज नगर अंतर्गत सेंट थॉमस रोड पर स्थित राजकीय महिला महाविद्यालय में रविवार को पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए वृहद वृक्षारोपण महाअभियान का आयोजन किया गया। शासन के प्राप्त दिशा-निर्देशों के अनुपालन में यह विशेष अभियान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. संजय कुमार के कुशल नेतृत्व में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई के सौजन्य से संचालित किया गया। इस दौरान महाविद्यालय परिसर के विभिन्न हिस्सों में फलदार, छायादार और औषधीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर हरित परिसर का संदेश दिया गया।
मानव जीवन और प्रकृति के बीच संतुलन का मुख्य आधार हैं वृक्ष: प्राचार्य
अभियान के अंतर्गत महाविद्यालय परिसर को हरा-भरा बनाने के लिए आम, आंवला, कटहल, अमरूद, बाँस और पाम सहित विभिन्न प्रकार की प्रजातियों के पौधों को रोपा गया। इस अवसर पर स्वयंसेविकाओं और छात्राओं को प्रेरित करते हुए प्राचार्य प्रो. संजय कुमार ने कहा:
“वृक्ष और वनस्पतियां हमारे जीवन का मूल आधार हैं। ये प्रकृति और मानव जीवन के बीच एक मजबूत संतुलन बनाए रखने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। वर्तमान समय में वैश्विक जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए पर्यावरण संरक्षण बेहद जरूरी है। हमारा यह दायित्व केवल पौधा लगाने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि हमें हर एक पौधे को नियमित पानी और सुरक्षा देकर उसे एक विशाल वृक्ष बनाने का भी अडिग संकल्प लेना होगा।” — प्रो. संजय कुमार, प्राचार्य
वृक्षारोपण महाअभियान एवं एनएसएस कार्यक्रम का मुख्य ब्योरा:
| मुख्य विवरण | कॉलेज पर्यावरण अभियान की रूपरेखा |
| आयोजक संस्थान | राजकीय महिला महाविद्यालय, शाहगंज (जौनपुर) |
| स्थान / मार्ग | सेंट थॉमस रोड, शाहगंज |
| अभियान का नेतृत्व | प्राचार्य प्रो. संजय कुमार |
| नोडल विंग (आयोजक) | राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) |
| रोपे गए मुख्य पौधे | आम, आंवला, कटहल, अमरूद, बाँस और पाम |
| मुख्य संकल्प | पौधों का रोपण, नियमित देखभाल और पर्यावरण सुरक्षा |
छात्राओं और प्राध्यापकों ने उत्साहपूर्वक लिया हिस्सा
इस जन-जागरूकता और पर्यावरण महायज्ञ में महाविद्यालय के सभी वरिष्ठ प्राध्यापकों, राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और भारी संख्या में छात्राओं ने अत्यंत उत्साह और ऊर्जा के साथ भाग लिया।
छात्राओं ने टोलियां बनाकर पूरे परिसर में वैज्ञानिक दूरी के अनुसार गड्ढे तैयार किए और उसमें पौधों को रोपित किया। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित सभी जनों ने न केवल पर्यावरण को स्वच्छ और प्लास्टिक मुक्त रखने की शपथ ली, बल्कि यह भी संकल्प लिया कि वे परिसर में लगाए गए इन सभी नए पौधों की नियमित रूप से सिंचाई और देखभाल (Nurturing) की जिम्मेदारी स्वयं उठाएंगे।

