रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
जनपद अयोध्या के रुदौली कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रहीमगंज गांव में सोमवार की देर रात एक ऐसी हृदयविदारक और दर्दनाक घटना घटित हुई, जिसने समूचे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। अपने खेत में लहलहा रही धान की फसल और ट्यूबवेल के इंजन की रखवाली कर रहे 65 वर्षीय बुजुर्ग किसान कमलेश सैनी की संदिग्ध परिस्थितियों में खेत में बनी मचान (फूस की झोपड़ी) में भीषण आग लग जाने के कारण जिंदा जलकर अत्यंत दुखद मौत हो गई।
मंगलवार सुबह जब इस खौफनाक हादसे की भनक ग्रामीणों को लगी, तो पूरे गांव में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, राजस्व विभाग की प्रशासनिक टीम और भारी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर एकत्र हो गए।
सुबह खेतों की ओर गए ग्रामीणों ने मचान से उठता देखा धुआं
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, कमलेश सैनी रोज की तरह सोमवार की रात को भी अपने घर से भोजन करने के उपरांत धान की फसल और ट्यूबवेल इंजन की सुरक्षा के लिए खेत में बनी मचान पर सोने चले गए थे। देर रात किसी अज्ञात समय मचान में अचानक आग लग गई। चूंकि वह स्थान रिहायशी बस्ती से दूर खेतों के बीचो-बीच था, इसलिए रात के सन्नाटे में किसी भी ग्रामीण या राहगीर को आग की लपटों की भनक तक नहीं लग सकी।
मंगलवार की अलसुबह जब कुछ ग्रामीण शौच के लिए खेतों की तरफ निकले, तो उन्होंने कमलेश सैनी की मचान से धुएं का गुबार उठता देखा। अनहोनी की आशंका में जब ग्रामीण दौड़कर पास पहुंचे, तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। कमलेश सैनी मचान के मलबे के बीच गंभीर रूप से झुलसे हुए अवस्था में पड़े थे। जब तक परिजनों और अन्य ग्रामीणों को बुलाकर राहत कार्य शुरू किया जाता, तब तक बुजुर्ग किसान दम तोड़ चुके थे।
70 प्रतिशत झुलस चुका था शरीर, मौके से मिले लोहबान के टुकड़े
आग की विभीषिका इतनी भयानक थी कि फूस की पूरी मचान जलकर राख के ढेर में तब्दील हो गई और मृतक किसान का करीब 70 प्रतिशत शरीर बुरी तरह झुलस गया। घटना की सूचना पर पहुंची रुदौली कोतवाली पुलिस ने मौका-ए-वारदात का गहन विधिक निरीक्षण किया तथा मामले की गंभीरता को देखते हुए फोरेंसिक टीम की मदद से साक्ष्य (Evidence) जुटाने के प्रयास किए। इसके बाद शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा भरते हुए पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया गया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक (Inspector) संजय मौर्य ने विधिक जानकारी देते हुए बताया:
“प्रथम दृष्टया घटनास्थल और उसके आसपास किसी भी प्रकार का कोई रासायनिक या पेट्रोलियम ज्वलनशील पदार्थ नहीं पाया गया है। हालांकि, मचान के मलबे की बारीकी से जांच करने पर लोहबान के कुछ जले हुए टुकड़े बरामद हुए हैं। आग किन परिस्थितियों में भड़की और इसके पीछे कोई मानवीय भूल थी या कोई अन्य संदिग्ध कारण, इसकी सघन विधिक जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) आने के बाद ही मौत के वास्तविक तकनीकी कारणों का खुलासा हो सकेगा।” — संजय मौर्य, प्रभारी निरीक्षक रुदौली
घटनाक्रम और पीड़ित परिवार की आर्थिक पृष्ठभूमि का पूरा ब्योरा:
| मुख्य विवरण | हादसे एवं परिवार के मुख्य आंकड़े |
| मृतक बुजुर्ग किसान | स्वर्गीय कमलेश सैनी (उम्र लगभग 65 वर्ष) |
| घटनास्थल / गांव | रहीमगंज गांव, रुदौली कोतवाली क्षेत्र (अयोध्या) |
| हादसे का समय | सोमवार देर रात (सोमवार, 13 जुलाई 2026 की रात) |
| क्षति का विवरण | मचान पूरी तरह स्वाहा, किसान का 70% शरीर झुलसा |
| पीड़ित आश्रित परिवार | पुत्र जगदेव (साधारण किसान) एवं उसके 05 छोटे बच्चे |
| प्रशासनिक पहल | विधायक रामचंद्र यादव द्वारा त्वरित आर्थिक सहायता व किसान हितलाभ के निर्देश |
आजीविका का एकमात्र सहारा थी खेती, पीड़ित परिवार से मिले विधायक रामचंद्र यादव
मृतक कमलेश सैनी एक बेहद सीधे और साधारण किसान थे, जो दिन-रात खेतों में पसीना बहाकर अपने परिवार का जीविकोपार्जन करते थे। उनके परिवार में उनका इकलौता पुत्र जगदेव है, जिसके ऊपर अपने 5 छोटे बच्चों और महिलाओं के भरण-पोषण की बड़ी जिम्मेदारी है। इस बुजुर्ग मुखिया की अचानक और दर्दनाक मौत से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर के भीतर महिलाओं का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे रहीमगंज गांव में गहरा शोक व्याप्त है।
इस मार्मिक घटना की सूचना पाते ही रुदौली के लोकप्रिय विधायक रामचंद्र यादव तत्काल रहीमगंज गांव पहुंचे। उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात कर गहरी शोक संवेदना व्यक्त की और पीड़ित पुत्र जगदेव को ढांढस बंधाया।
विधायक ने मौके से ही जिले के उच्च प्रशासनिक व राजस्व अधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता की और पीड़ित परिवार को शासन की ओर से मिलने वाली दैवीय आपदा राहत सहायता राशि, मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना (किसान हितलाभ) तथा अन्य सभी पात्र कल्याणकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी विधिक विलंब के शीघ्र स्वीकृत कराने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने आश्वस्त किया कि संकट और दुख की इस घड़ी में उत्तर प्रदेश सरकार पूरी संवेदनशीलता के साथ पीड़ित परिवार के पीछे खड़ी है।

