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जौनपुर: SP कुंवर अनुपम सिंह ने बदले 10 थाना प्रभारी, लेकिन नहीं बदली शकर मंडी चौकी इंचार्ज, तीन कप्तानों के कार्यकाल के बाद भी कंचन पांडे की तैनाती बरकरार

SP Kunwar Anupam Singh Jaunpur Transfer List

जौनपुर | तामीर हसन शीबू (NewsHour)

जौनपुर जनपद के प्रशासनिक गलियारों में शनिवार को उस समय भारी हलचल मच गई, जब पुलिस अधीक्षक (SP) कुंवर अनुपम सिंह द्वारा कानून-व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त करने के उद्देश्य से जिले के करीब 10 थाना प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा फेरबदल किया गया। जारी की गई इस ताजा तबादला सूची में कई कद्दावर इंस्पेक्टरों और प्रभारियों के नाम शामिल रहे, लेकिन इन सबके बीच नगर कोतवाली क्षेत्र की सबसे चर्चित शकर मंडी चौकी के प्रभारी का नाम एक बार फिर इस सूची से बाहर रहने पर प्रशासनिक और स्थानीय हलकों में सुगबुगाहट और तीखी चर्चाओं का दौर तेज हो गया है।

अक्टूबर 2022 से लगातार एक ही चौकी पर जमीं हैं कंचन पांडे

मामले के केंद्र में रहीं शकर मंडी चौकी प्रभारी कंचन पांडे को अक्टूबर 2022 में इस महत्वपूर्ण और व्यस्ततम चौकी का प्रभार सौंपा गया था। हैरान करने वाली बात यह है कि तब से लेकर अब तक (वर्ष 2026 तक) जिले में तीन पुलिस अधीक्षक (SP) बदले जा चुके हैं और विभिन्न प्रशासनिक व कानून-व्यवस्था के अवसरों पर दर्जनों बार बड़ी फेरबदल सूचियां जारी हुईं, लेकिन कंचन पांडे की इस विशिष्ट तैनाती में रत्ती भर भी बदलाव नहीं हुआ। वे लगातार चौथे वर्ष भी इसी चौकी की कमान संभाल रही हैं।

ताजा प्रशासनिक फेरबदल और शकर मंडी चौकी का समीकरण:

मुख्य विवरणपुलिस महकमे के आंकड़े व वर्तमान स्थिति
प्रशासनिक कार्रवाईSP कुंवर अनुपम सिंह द्वारा करीब 10 थाना प्रभारियों का ट्रांसफर
चर्चा का मुख्य बिंदुशकर मंडी चौकी प्रभारी कंचन पांडे का नाम सूची से पुनः नदारद
चौकी प्रभारी का कार्यकालअक्टूबर 2022 से अब तक लगातार (करीब 04 वर्ष)
प्रशासनिक बदलाव का इतिहासइस लंबी अवधि के दौरान जिले में बदल चुके हैं 03 पुलिस कप्तान (SP)
विभागीय रुखनिर्णय सक्षम अधिकारियों के विवेक और विभागीय आवश्यकता पर आधारित

तबादला सूची आते ही महकमे और स्थानीय स्तर पर शुरू हुई कानाफूसी

शनिवार को जैसे ही कप्तान कार्यालय से 10 प्रभारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव की आधिकारिक सूची जारी हुई, वैसे ही सभी की निगाहें शकर मंडी चौकी पर टिक गईं। इस ताजा सूची में भी नाम शामिल न होने के बाद पुलिस महकमे के भीतर और स्थानीय स्तर पर इसको लेकर चर्चाओं का बाजार पूरी तरह गर्म हो चुका है। प्रबुद्ध नागरिकों और विभागीय कर्मियों द्वारा लंबे समय से एक ही संवेदनशील चौकी पर इतनी लंबी तैनाती को लेकर गंभीर विधिक और नीतिगत सवाल उठाए जा रहे हैं।

प्रशासनिक विवेक और विभागीय आवश्यकता का मामला

आमतौर पर पुलिस विभाग में समय-समय पर होने वाले स्थानांतरणों को कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और संतुलन बनाए रखने का माध्यम माना जाता है। हालांकि, इस मामले में शकर मंडी चौकी पर जारी असाधारण दीर्घकालिक तैनाती को लेकर पुलिस प्रशासन की ओर से कोई भी आधिकारिक स्पष्टीकरण या टिप्पणी सामने नहीं आई है।

चूंकि, पुलिस महकमे में तबादले और नई नियुक्तियां पूरी तरह से सक्षम उच्चाधिकारियों का विधिक अधिकार होती हैं, जो कानून-व्यवस्था की गुप्त इनपुट, विशिष्ट विभागीय आवश्यकताओं और प्रशासनिक विवेक के आधार पर तय की जाती हैं। यही कारण है कि इस लंबी तैनाती को लेकर चल रही सार्वजनिक चर्चाओं के बीच अब भी पुलिस विभाग के आधिकारिक पक्ष और अंतिम स्पष्टीकरण का इंतजार किया जा रहा है।

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