रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
आजादी के दशकों बाद भी जो गाँव बुनियादी विकास की मुख्यधारा से कटा हुआ था, वहाँ आखिरकार बदलाव की एक नई सुबह होने जा रही है। रुदौली विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत लोहटी के मजरे नयापुरवा स्थित बांस गांव में 79 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद विद्युतीकरण (Electrification) की विधिक प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू हो गई है। बुधवार को बिजली विभाग के आला अधिकारियों की टीम ने गाँव का जमीनी सर्वे किया। इस दौरान क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने भी धरातल पर पहुँचकर ग्रामीणों को एक महीने के भीतर गाँव को रोशन करने का ऐतिहासिक आश्वासन दिया।
अधिशासी अभियंता रोहित जैन की देखरेख में पूरा हुआ सर्वे
बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता (XEN) रोहित जैन के नेतृत्व में पहुंची तकनीकी टीम ने पूरे बांस गांव का सघन निरीक्षण किया। इस दौरान अधिकारियों ने:
- गाँव के हर घर तक निर्बाध बिजली पहुँचाने के लिए नए बिजली के खंभे (Poles) लगाने के मुख्य स्थानों को चिन्हित किया।
- हाई और लो टेंशन विद्युत लाइन (केबल) बिछाने के लिए तकनीकी सर्वे का खाका खींचा।
- ट्रांसफार्मर स्थापना और सुरक्षा मानकों को लेकर ग्रामीणों से सीधे बातचीत कर उनकी भौगोलिक समस्याओं को समझा।
परियोजना और सर्वे का मुख्य ब्योरा:
| मुख्य विवरण | विकास योजना और प्रशासनिक अपडेट |
| प्रभावित गाँव | बांस गांव (मजरे नयापुरवा), ग्राम पंचायत लोहटी, रुदौली |
| अंधेरे का इतिहास | पिछले लगभग 79 वर्षों से बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित |
| निरीक्षणकर्ता अधिकारी | अधिशासी अभियंता रोहित जैन एवं तकनीकी टीम |
| विधायक का निर्देश | आगामी 01 माह के भीतर खंभे लगाकर विद्युत आपूर्ति शुरू हो |
| सरकारी मंशा | अंत्योदय का विजन— कोई भी मजरा या गाँव अंधेरे में न रहे |
“लापरवाही बर्दाश्त नहीं, 30 दिन में शुरू हो विद्युत आपूर्ति” – विधायक
गाँव में अधिकारियों के साथ सर्वे की कमान संभाल रहे विधायक रामचंद्र यादव ने विभागीय हीला-हवाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए अधिशासी अभियंता रोहित जैन को कड़े लहजे में निर्देशित किया:
“बांस गांव के नागरिक लंबे समय से बिजली जैसी अत्यंत आवश्यक और बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे थे। यह मामला जैसे ही मेरे संज्ञान में आया, तुरंत बिजली विभाग की टीम को मौके पर भेजकर सर्वे कराया गया है। अधिशासी अभियंता को स्पष्ट आदेश दिए गए हैं कि ठीक एक महीने के भीतर गाँव में बिजली के खंभे खड़े कर लाइन चालू की जाए। हमारी सरकार की स्पष्ट मंशा है कि प्रदेश का कोई भी गरीब या गाँव अंधेरे में न रहे। इस लोकहित के कार्य में किसी भी स्तर पर ढिलाई या लापरवाही कतई स्वीकार नहीं की जाएगी।” — रामचंद्र यादव, विधायक रुदौली
“हाथ के पंखे और जंगली जानवरों के डर से मिलेगी मुक्ति” – भावुक हुए ग्रामीण
गाँव में बिजली के अफसरों और विधायक को देखकर वर्षों से अंधेरे का दंश झेल रहे ग्रामीणों की आँखें खुशी से छलक आईं। गाँव के बुजुर्ग राजकुमार और श्यामलाल ने भावुक होते हुए कहा कि कई बार नेताओं और दफ्तरों के चक्कर काटने के बाद भी आज तक उनकी सुध लेने कोई नहीं आया था।
ग्रामीणों ने बताया कि बिजली न होने से जहाँ रात के समय सांप-बिच्छू और जंगली जानवरों का लगातार खतरा बना रहता था, वहीं भीषण गर्मी की रातें केवल हाथ का पंखा झलते हुए कटती थीं। सबसे ज्यादा नुकसान बच्चों की पढ़ाई का होता था जो ढिबरी और मोमबत्ती के भरोसे पढ़ने को मजबूर थे। अब सर्वे शुरू होने से गाँव में उत्सव जैसा माहौल है।
मौके पर रही इनकी गरिमामयी उपस्थिति:
इस ऐतिहासिक सर्वे के दौरान मुख्य रूप से प्रधान प्रतिनिधि, सदल प्रसाद निषाद, अजय शुक्ला, सोनू निषाद, प्रधान देवीदीन गौतम, घनश्याम गौतम, सुभाष निषाद, श्रीमती सुशीला निषाद, साहब लाल निषाद और कुंजबिहारी निषाद सहित भारी संख्या में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और ग्रामीण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस भगीरथ प्रयास के लिए विधायक और बिजली विभाग का आभार जताया।

