रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र की धनराशि में कथित गबन के मामले में एसआईटी (SIT) और स्थानीय पुलिस की जांच लगातार तेज होती जा रही है। इसी कड़ी में अयोध्या और रुदौली पुलिस की संयुक्त टीम ने बुधवार को रुदौली कोतवाली क्षेत्र के ठकुरइन फगोली गांव स्थित मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा के पैतृक आवास पर एक साथ धावा बोलकर भारी छापेमारी और सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस की इस दबिश और घंटों चली कार्रवाई से पूरे गांव व क्षेत्र में हड़कंप मच गया।
साक्ष्यों की तलाश में खंगाला घर का कोना-कोना, भूसे और कंडों तक की हुई जांच
जांच एजेंसियां इस पहलू पर बेहद संजीदगी से काम कर रही हैं कि गबन की गई भारी-भरकम राशि या उससे जुड़े महत्वपूर्ण साक्ष्य कहीं और तो नहीं छिपाए गए हैं। इसी उद्देश्य से पुलिस टीम ने आरोपी के घर के भीतर ही नहीं, बल्कि परिसर के बाहर बने हर संभावित गुप्त ठिकाने की गहन तलाशी ली।
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने घर और परिसर में रखे भूसे के ढेर और कंडों (उपलों) तक को बारीकी से खंगाल डाला। पुलिस को तगड़ी आशंका थी कि गबन की नकदी या दस्तावेज इन ग्रामीण ठिकानों में छुपाए जा सकते हैं। हालांकि, इस सघन तलाशी के दौरान पुलिस को क्या-क्या अहम सुराग या दस्तावेज हाथ लगे हैं, इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई भी आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
दादी, बाबा से पूछताछ; पिता बच्चूलाल और मां को साथ ले गई पुलिस
छापेमारी की इस कार्रवाई के दौरान संयुक्त टीम ने मौके पर मौजूद आरोपी लवकुश मिश्रा की दादी से काफी देर तक तीखे सवाल-जवाब किए। सूत्रों के अनुसार, पूछताछ के दौरान पुलिस ने परिवार की चल-अचल संपत्तियों, हाल ही में बने मकान, आर्थिक लेन-देन और कथित गबन की धनराशि के निवेश से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर दादी और बाबा से जानकारी जुटाई।
इसके बाद, मामले की कड़ियों को आपस में जोड़ने और पैसे के संभावित ठिकानों का पता लगाने के लिए पुलिस टीम आरोपी के पिता बच्चूलाल मिश्रा और उसकी मां को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए अपने साथ कोतवाली ले गई है। इसके अलावा, सूत्रों का दावा है कि गांव से दो अन्य संदिग्ध लोगों को भी हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, हालांकि पुलिस अफसर इस विषय पर दबी जुबान में भी कुछ भी बोलने से कतरा रहे हैं।
अब रजिस्ट्री दफ्तर पर पुलिस की नजर, खंगाले जा रहे हैं संपत्तियों के अभिलेख
लवकुश मिश्रा द्वारा पिछले कुछ महीनों में किए गए आर्थिक लेन-देन का कच्चा चिट्ठा खोलने के लिए पुलिस अब जमीनी दस्तावेजों की तरफ बढ़ गई है। रुदौली पुलिस की एक विशेष टीम उपनिबंधक (रजिस्ट्रार) कार्यालय में पहुंचकर गहन छानबीन कर रही है।
पुलिस मुख्य रूप से इस बात का पता लगाने में जुटी है कि पिछले छह महीनों के दौरान (जब से लवकुश मंदिर में कार्यरत था) आरोपी लवकुश मिश्रा, उसके परिजनों, ससुराल पक्ष या गांव के उसके किसी करीबी के नाम पर कोई जमीन, कीमती प्लॉट, मकान या अन्य किसी संपत्ति की खरीद-फरोख्त तो नहीं की गई है। इसके लिए संबंधित डीड और अभिलेखों का तकनीकी परीक्षण किया जा रहा है।
भेलसर में शनिवार से ही डेरा डाले थी जांच टीमें
| जांच की समयसीमा | प्रशासनिक कदम व वर्तमान स्थिति |
| शनिवार से सक्रियता | जांच टीम भेलसर क्षेत्र में डेरा डालकर कड़ियों को जोड़ने में जुटी थी। |
| बुधवार की कार्रवाई | रुदौली, ठकुरइन फगोली समेत कई स्थानों पर एक साथ छापेमारी। |
| आरोपी की स्थिति | मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा पहले ही गिरफ्तार होकर जेल में बंद। |
| जांच का मुख्य फोकस | आर्थिक पहलू, मनी ट्रेल, बेनामी संपत्ति और गबन की शेष राशि। |
सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम के आला अफसर शनिवार से ही भेलसर और रुदौली क्षेत्र में कैंप किए हुए थे। स्थानीय खुफिया इनपुट और पूरी रणनीति तैयार करने के बाद बुधवार को एक साथ रुदौली समेत अन्य संभावित ठिकानों पर कड़ा एक्शन लिया गया।
मुख्य आरोपी लवकुश मिश्रा पहले ही जा चुका है जेल
गौरतलब है कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के दानपात्र की धनराशि में कथित गबन के इस बड़े मामले में मुख्य आरोपी कर्मचारी लवकुश मिश्रा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर चुकी है, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा जा चुका है। इसके बावजूद, एसआईटी और पुलिस मामले के आर्थिक पहलुओं (Money Trail) और छुपाई गई धनराशि की शत-प्रतिशत रिकवरी के लिए हर संभावित ठिकाने पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।
गरिमामयी प्रशासनिक हलचल:
इस महा-अभियान के दौरान गांव के कई अन्य लोगों के घरों पर भी पुलिस ने दस्तक दी और मामले से जुड़े तथ्यों की गुपचुप जानकारी जुटाई। अब देखना यह होगा कि माता-पिता से होने वाली इस उच्च स्तरीय पूछताछ और रजिस्ट्री दफ्तर की कड़ियों से इस बड़े गबन कांड में और कौन-से नए और रसूखदार नाम सामने आते हैं।

