रुदौली (अयोध्या) | विशेष कवरेज (NewsHour)
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार (19 जून 2026) को अयोध्या जनपद के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में ₹378 करोड़ से अधिक की 126 विकास परियोजनाओं (जिसमें राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय व चिकित्सालय शामिल हैं) का भव्य लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस अवसर पर एक विशाल जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र से जुड़े हालिया विवादों पर समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस को आईना दिखाया। सीएम ने घोषणा की कि राम मंदिर से जुड़े मामलों में ट्रस्ट के अनुरोध पर सरकार ने एसआईटी (SIT) जांच बैठा दी है, जो पूरी पारदर्शिता के साथ सत्य सामने लाएगी।
राम मंदिर पर ओछी राजनीति बर्दाश्त नहीं, 15 दिन का रखें धैर्य: मुख्यमंत्री
मुख्यमंत्री ने रामभक्तों और आम जनता से मर्यादा बनाए रखने की अपील करते हुए विपक्ष के दुष्प्रचार पर कड़ा प्रहार किया:
“प्रभु श्रीराम के अस्तित्व को नकारने वाले और रामभक्तों पर लाठी-गोली चलाने वाले आज हमें उपदेश दे रहे हैं! वे सप्तपुरियों में प्रथम अयोध्या को बदनाम करने का कुत्सित प्रयास कर रहे हैं। समाचार पत्रों से मिली जानकारी के बाद हमने SIT जांच गठित की है। SIT दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी। जब तक रिपोर्ट नहीं आती, तब तक रामभक्तों की भावनाओं को आहत करने वाली बयानबाजी बंद होनी चाहिए। हमारे पूर्वजों ने 500 वर्षों तक मर्यादित रहकर संघर्ष किया है, आप 15 दिन और इंतजार कर लें। अपराधी कोई भी हो, बचेगा नहीं।” — योगी आदित्यनाथ, मुख्यमंत्री
सीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रामभक्तों पर गोली चलाने वाले और माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने वाले अब उपदेश देना बंद करें। उन्होंने कहा कि किसी के पास कोई दस्तावेजी सबूत (Documentary Proof) हो, तो वह सीधे एसआईटी को सौंप दे।
अखिलेश यादव पर सीधा हमला: ‘उनकी भक्ति राम के प्रति नहीं, वे बाबर के पूजक हैं’
सपा प्रमुख अखिलेश यादव को आड़े हाथ लेते हुए मुख्यमंत्री ने उनके दोहरे चरित्र को उजागर किया। उन्होंने बताया कि अखिलेश यादव ने खुद तो कभी रामलला के दर्शन नहीं किए, बल्कि अपने विधायकों को भी अयोध्या आने से जबरन रोका।
- मनोज पांडेय का अपमान: सीएम ने कहा कि जब तत्कालीन सपा विधायक मनोज पांडेय ने विधानसभा में सभी विधायकों को अयोध्या दर्शन कराने का प्रस्ताव रखा, तो हमारी सरकार ने उसे सहर्ष स्वीकार किया। लेकिन अखिलेश यादव ने वीटो लगा दिया कि कोई दर्शन करने नहीं जाएगा।
- सपा का चरित्र: सीएम ने दोटूक कहा, “उनकी भक्ति राम के प्रति नहीं है, वह बाबर की पूजा करने वाले लोग हैं। राम का नाम लेने के कारण ही सपा ने मनोज पांडेय को अपमानित कर पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया।”
कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बनाम वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा
मुख्यमंत्री ने विकास और प्राथमिकताओं के अंतर को समझाते हुए पूर्ववर्ती सपा सरकार पर तीखा तंज कसा:
- तुष्टिकरण की राजनीति: सीएम ने कहा कि 2017 से पहले शासन करने वालों को कब्रिस्तान की बाउंड्रीवाल बनाने से फुर्सत नहीं थी। वे भला वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा कैसे लगवाते?
- संवेदना की कमी: पूर्व की सरकारों में न संवेदना थी और न इच्छाशक्ति। उनके लिए जनता नहीं, सिर्फ उनका परिवार और खानदान मायने रखता था। यही कारण था कि कामाख्या धाम को न तो नगर पंचायत का दर्जा मिला, न सड़कें बनीं और न ही गरीबों को राशन-बिजली की सुविधाएं मिलीं।
रामद्रोहियों को हजम नहीं हो रहा अयोध्या का वैश्विक और भव्य स्वरूप
कांग्रेस और सपा के गठबंधन पर प्रहार करते हुए सीएम ने कहा कि जिसने उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) में हलफनामा देकर भगवान राम के अस्तित्व को ही नकार दिया था, वह कांग्रेस आज रामभक्तों के अपमान की झूठी दुहाई देकर मचल रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष को अयोध्या का यह नया और वैश्विक स्वरूप फूटी आंख नहीं सुहा रहा है:
- फोरलेन कनेक्टिविटी और सोलर सिटी का निर्माण।
- महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (एयरपोर्ट) की स्थापना।
- निषादराज के नाम पर भव्य रैन बसेरा और माता शबरी के नाम पर भोजनालय।
- सरयू के आंचल में संवरी राम की पैड़ी तथा पंचकोसी, 14 कोसी व 84 कोसी परिक्रमा मार्गों का भव्य कायाकल्प।
राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं का सम्मान: पीएसी में केवल बेटियों की तीन नई बटालियन
1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की याद दिलाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रनायकों और वीरांगनाओं के प्रति श्रद्धा का भाव हमें राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है।
- नारी शक्ति को नमन: डबल इंजन सरकार ने महारानी लक्ष्मीबाई, दुर्गावती, अवंती बाई लोधी, झलकारी बाई और ऊदा देवी के सम्मान में कई बड़े कार्यक्रम शुरू किए हैं।
- महिला बटालियन की स्थापना: उत्तर प्रदेश पीएसी (PAC) में वीरांगना अवंती बाई लोधी, झलकारी बाई और ऊदा देवी के नाम पर तीन नई महिला बटालियनों का गठन किया गया है, जिनमें केवल बेटियों की भर्ती होगी। इन बटालियनों में वीरांगनाओं की भव्य अश्वारोही (घोड़े पर सवार) प्रतिमाएं स्थापित की जाएंगी।
- ऐतिहासिक महानायकों की गाथा: सीएम ने मंगल पांडेय, धन सिंह कोतवाल, वीर बंधु सिंह, महाराजा सुहेलदेव और बिजली पासी जैसे राष्ट्रनायकों को याद करते हुए कहा कि इन्होंने आक्रांताओं को उनकी ही भाषा में जवाब दिया था।
बीमारू राज्य से ‘ग्रोध इंजन’ बना उत्तर प्रदेश
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के ‘पंच प्रण’ का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने नागरिकों को उनके कर्तव्यों की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश, जिसे कभी लोग ‘बीमारू प्रदेश’ कहते थे, जहाँ नौजवान बेरोजगार थे, किसान आत्महत्या को मजबूर थे और बेटियां-व्यापारी असुरक्षित थे; वही यूपी आज देश की अर्थव्यवस्था का ब्रेकथ्रू (Growth Engine) बनकर आगे बढ़ रहा है। बीते 9 वर्षों में यूपी ने जो प्रगति की है, वह सभी के सामूहिक प्रयास का ही परिणाम है।
रुदौली का कायाकल्प और विकास का ब्योरा
| विकास की योजनाएं/उपलब्धियां | डबल इंजन सरकार का रुदौली को उपहार |
| कुल विकास परियोजनाएं | ₹378 करोड़ से अधिक की कुल 126 योजनाएं |
| प्रमुख संस्थान | राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय का लोकार्पण |
| धार्मिक क्षेत्र का गौरव | माँ कामाख्या धाम ग्राम पंचायत अब बनी भव्य नगर पंचायत |
| जनसुविधाएं | फाइव स्टार सुविधाओं से युक्त आधुनिक ‘विवाह मंडपम’ का निर्माण |
| सामाजिक सुरक्षा | पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना, पक्के मकान, शौचालय और मुफ्त राशन |
सीएम ने जनसमूह से कहा, “आपने मोदी जी और कमल के फूल पर विश्वास किया, रामचंद्र यादव को विधायक बनाया, इसलिए आज रुदौली में विकास और विरासत को सम्मान मिल रहा है। आप हमें इसी तरह ताकत देते रहें, भाजपा सरकार और बेहतर ढंग से काम करके दिखाएगी।” मुख्यमंत्री ने सरयू और गोमती नदी के बीच के इस पावन स्थल को और अधिक विकसित करने की प्रतिबद्धता भी जताई और विधायक रामचंद्र यादव से कामाख्या धाम के सौंदर्यीकरण के लिए नया प्रस्ताव मांगा।
गरिमामयी उपस्थिति:
इस ऐतिहासिक जनसभा के अवसर पर रुदौली विधायक रामचंद्र यादव (जिन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत किया), विधायक अमित सिंह चौहान, चंद्रभानु पासवान, अभय सिंह, एमएलसी हरिओम पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष रोली सिंह, पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी ‘खब्बू’, गोरखनाथ बाबा और भाजपा जिलाध्य़क्ष राधेश्याम त्यागी समेत भारी संख्या में संत-महंत और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।

