रूदौली (अयोध्या) | न्यूज़ डेस्क
धर्मनगरी अयोध्या के रूदौली क्षेत्र में हज यात्रा के नाम पर ठगी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शातिर जालसाजों ने रूदौली के मशहूर सर्जन और उनके भाई, जो कि उत्तर प्रदेश में न्यायाधीश के पद पर तैनात हैं, को अपना निशाना बनाते हुए करीब 24 लाख रुपये की चपत लगा दी। फर्जी हज कंपनी बनाकर वीजा और टिकट के नाम पर की गई इस धोखाधड़ी के मामले में सहारनपुर के साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है।
डॉक्टर और जज भाईयों को बनाया निशाना
जानकारी के मुताबिक, रूदौली के खैरनपुर स्थित अली हॉस्पिटल के संचालक और मशहूर सर्जन डॉ. मेराज अहमद खान और उनके बड़े भाई मोहम्मद अहमद खान (विशेष न्यायाधीश, सहारनपुर) अपने परिवार के साथ वर्ष 2026 में मुकद्दस हज यात्रा पर जाने की योजना बना रहे थे। इसी दौरान उनका संपर्क लखनऊ निवासी आमिर रशीदी, उसके बेटे फहद रशीदी और एजाज अहमद से हुआ।
ठगी का पूरा ब्यौरा:
| विवरण | जानकारी |
| मुख्य पीड़ित | डॉ. मेराज अहमद (सर्जन) व मो. अहमद खान (विशेष न्यायाधीश) |
| कुल ठगी की राशि | ₹23,99,000 (तेईस लाख निन्यानबे हजार) |
| तय पैकेज | ₹4.75 लाख प्रति व्यक्ति |
| आरोपी | आमिर रशीदी, फहद रशीदी, ओसामा रशीदी व एजाज अहमद |
| कंपनी का नाम | अलफहद टूरिज्म कंपनी, लखनऊ |
फर्जी कंपनी और कूटरचित दस्तावेजों का जाल
डॉ. मेराज अहमद खान ने बताया कि आरोपियों ने खुद को हज यात्रा का एक्सपर्ट बताकर उन्हें भरोसे में लिया। व्हाट्सएप के माध्यम से फर्जी एग्रीमेंट, कूटरचित दस्तावेज और फर्जी मोहरों का इस्तेमाल कर यह यकीन दिलाया गया कि वीजा और टिकट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। आरोपियों ने अलग-अलग किश्तों में कुल 23.99 लाख रुपये अपने बैंक खाते में जमा करा लिए।
जब खुला ‘फर्जीवाड़े’ का राज
हज यात्रा की तारीख नजदीक आने पर जब न्यायाधीश मोहम्मद अहमद खान ने टिकट और वीजा की मांग की, तो आरोपी टालमटोल करने लगे। 18 अप्रैल को मुख्य आरोपी फहद रशीदी ने यात्रा पर ले जाने से साफ इनकार कर दिया और फोन उठाना बंद कर दिया। इसके बाद जब ‘अलफहद टूरिज्म कंपनी’ की जांच की गई, तो पता चला कि कंपनी के पास हज यात्रा कराने का कोई वैध लाइसेंस ही नहीं है।
कई जिलों में फैला है ठगों का नेटवर्क
पीड़ित पक्ष का आरोप है कि इन जालसाजों का एक बड़ा सिंडिकेट है, जो लखनऊ, अयोध्या और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में मासूम हाजियों से करोड़ों रुपये की ठगी कर चुका है। न्यायाधीश मोहम्मद अहमद खान की तहरीर पर सहारनपुर पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच साइबर सेल को सौंप दी है।
“आरोपियों ने सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार कर हमसे धोखाधड़ी की है। हमें उम्मीद है कि पुलिस इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ करेगी और हाजियों के पैसे वापस दिलाएगी।” — डॉ. मेराज अहमद खान, सर्जन

