जौनपुर | तामीर हसन शीबू (न्यूज़ डेस्क)
जौनपुर जनपद के खेतासराय में 1 मई की रात दूल्हे की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस की कार्रवाई अब ‘ऑपरेशन क्लीन’ की ओर बढ़ रही है। मुख्य आरोपी भोले राजभर (उर्फ भोलानाथ) पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के साथ ही पुलिस अब उसके पुराने काले चिट्ठे भी खंगाल रही है। जांच में सामने आया है कि आरोपी का अपराध की दुनिया से नाता दो दशक पुराना है और उस पर जौनपुर से लेकर आजमगढ़ तक कई मुकदमे दर्ज हैं।
दो दशक पुराना आपराधिक इतिहास: 2004 से 2026 तक का सफर
पुलिस सूत्रों के अनुसार, दूल्हे की हत्या के बाद जब भोले राजभर का रिकॉर्ड खंगाला गया, तो चौंकाने वाली जानकारियां मिलीं। आरोपी पर वर्ष 2004 से लेकर वर्ष 2026 तक लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने का संदेह है। जांच टीम ने जौनपुर और पड़ोसी जिले आजमगढ़ के विभिन्न थानों से रिकॉर्ड जुटाए हैं।
किन-किन थानों में दर्ज हैं मामले?
| जनपद | संबंधित थाने (Police Stations) |
| जौनपुर | सरायख्वाजा, खेतासराय, खुटहन, सुजानगंज |
| आजमगढ़ | दीदारगंज |
नोट: पुलिस इन अभिलेखों के आधार पर न्यायालयीन स्थिति और गैंग के नेटवर्क की विस्तृत जांच कर रही है।
दबिश तेज, पुलिस खंगाल रही है नेटवर्क
खेतासराय पुलिस का कहना है कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। 1 मई की रात करीब 8 बजे जब दूल्हे पर हमलावरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, उस समय से ही पुलिस की कई टीमें साक्ष्य जुटाने में लगी थीं। आरोपी भोले राजभर के पुराने रिकॉर्ड को जांच का हिस्सा इसलिए बनाया गया है ताकि उसके छिपने के संभावित ठिकानों और उसे संरक्षण देने वालों का पता लगाया जा सके।
सोशल मीडिया और तकनीकी साक्ष्य
हत्याकांड के बाद सोशल मीडिया पर आरोपी की तस्वीरें और उसकी राजनैतिक सक्रियता को लेकर जो दावे किए जा रहे हैं, पुलिस उन पर भी पैनी नजर रख रही है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी अफवाह या असत्यापित दावे से परे, पुलिस पूरी तरह से तकनीकी साक्ष्य और पुराने रिकॉर्ड के आधार पर कानूनी कार्रवाई कर रही है।
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