न्यूज़ डेस्क मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक जनसभा को संबोधित करते हुए राज्य की वर्तमान राजनैतिक स्थिति पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की तर्ज पर यहाँ भी ‘डबल इंजन सरकार’ बनने जा रही है, जिससे विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का नया दौर शुरू होगा। मुख्यमंत्री ने टीएमसी सरकार पर भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण का आरोप लगाते हुए हुंकार भरी कि इस बार “खेला शेष” (खेल खत्म) होगा और “उन्नयन” (विकास) शुरू होगा।
यूपी मॉडल बनाम वर्तमान बदहाली: आंकड़ों की जुबानी
मुख्यमंत्री ने तुलनात्मक आंकड़े पेश करते हुए बताया कि कैसे एक समय का औद्योगिक हब अब पिछड़ रहा है:
| मानक (Parameter) | उत्तर प्रदेश (UP Model) | वर्तमान स्थिति (बंगाल) |
| बड़े उद्योग | 9 वर्षों में 17,000+ नए उद्योग | 7,000+ पुराने उद्योग बंद हुए |
| MSME यूनिट्स | 96 लाख सक्रिय इकाइयाँ | माफिया और सिंडिकेट राज का बोलबाला |
| सुरक्षा/उत्सव | अयोध्या में भव्य राम मंदिर निर्माण | उत्सवों और विसर्जन पर लाठीचार्ज/कर्फ्यू |
| युवा/रोजगार | लाखों को सरकारी व निजी क्षेत्र में काम | नौजवान हताश और पलायन को मजबूर |
“नदिया के दिल में महाकाली और नैनों में चैतन्य महाप्रभु”
मुख्यमंत्री ने आध्यात्मिक चेतना को जगाते हुए कहा कि नदिया की धरती चैतन्य महाप्रभु की वैष्णव परंपरा की भूमि है। उन्होंने भाषा और संस्कृति के मुद्दे पर टीएमसी को घेरते हुए कहा:
- भाषाई अस्मिता: उन्होंने विरोधियों के ‘उर्दू’ थोपने के दावे पर पलटवार करते हुए कहा कि इस धरा पर केवल ‘बांग्ला’ और भारतीय संस्कृति की गूँज होगी।
- सांस्कृतिक राष्ट्रवाद: उन्होंने तंज कसा कि कुछ लोग ‘दिल में काबा और नयनों में मदीना’ की बात करते हैं, लेकिन नदिया के दिल में महाकाली और नैनों में चैतन्य महाप्रभु का वास है।
राम नाम से चिढ़ और माफिया राज पर प्रहार
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार राम नाम से चिढ़ती है और दुर्गा पूजा जैसे पवित्र उत्सवों पर प्रतिबंध लगाती है। उन्होंने कहा कि गुरुदेव रवींद्रनाथ टैगोर और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पावन धरा को टीएमसी के गुंडों ने “टेरर और करप्शन” का पर्याय बना दिया है।
“कमल निशान पर इतना वोट दीजिए कि टीएमसी और कांग्रेस के प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो जाए। अब अराजकता और गुंडागर्दी का अंत निश्चित है।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ

