मीरजापुर |
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार, 17 मार्च 2026 को मीरजापुर स्थित सुप्रसिद्ध शक्तिपीठ मां विंध्यवासिनी के दरबार में हाजिरी लगाई। चैत्र नवरात्रि के पावन पर्व के प्रारंभ होने से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने मां विंध्यवासिनी की विधिवत आरती उतारी और उन्हें लाल चुनरी अर्पित कर श्रद्धा निवेदित की। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री ने पूरे प्रदेश की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। इस धार्मिक यात्रा के साथ ही मुख्यमंत्री ने आगामी चैत्र नवरात्रि और रामनवमी के मेलों के लिए प्रशासनिक तैयारियों का जायजा भी लिया और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा में कोई कमी नहीं आनी चाहिए।
भक्ति और शक्ति का संगम: मुख्यमंत्री ने किया सुगम दर्शन का वादा
दर्शन-पूजन के उपरांत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंदिर की परिक्रमा की और वहां मौजूद पुरोहितों से संवाद किया। उन्होंने चैत्र नवरात्रि की पूर्व संध्या पर तैयारियों की समीक्षा करते हुए प्रशासन को निर्देशित किया कि गर्मी के मौसम को देखते हुए श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, छांव और सुगम दर्शन की पुख्ता व्यवस्था की जाए।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि मंदिर प्रांगण और आसपास के पूरे विंध्य क्षेत्र में ‘स्वच्छता’ को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने कहा कि मां के दरबार में आने वाले हर भक्त को एक सकारात्मक और भक्तिमय वातावरण मिलना चाहिए। इस दौरान कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल और स्थानीय विधायक रत्नाकर मिश्र भी मुख्यमंत्री के साथ उपस्थित रहे, जिन्होंने स्थानीय समस्याओं और विकास कार्यों की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।
विंध्यवासिनी कॉरिडोर का अवलोकन: भव्य स्वरूप ले रही है विंध्य नगरी
मुख्यमंत्री ने विंध्यवासिनी कॉरिडोर प्रोजेक्ट के निर्माण कार्यों का गहन अवलोकन किया। उन्होंने कॉरिडोर के भीतर लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया और कारीगरों से उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
मुख्यमंत्री के दौरे की मुख्य झलकियाँ:
| गतिविधि | विवरण |
| पूजा-अर्चना | मां विंध्यवासिनी की आरती और लाल चुनरी का समर्पण। |
| प्रशासनिक निर्देश | सुगम दर्शन, सुरक्षा और स्वच्छता पर विशेष ध्यान। |
| कॉरिडोर निरीक्षण | निर्माण कार्यों की समीक्षा और गुणवत्ता की जांच। |
| जनसंवाद | श्रद्धालुओं और स्थानीय प्रतिनिधियों से भेंट। |
मुख्यमंत्री ने कॉरिडोर के कार्य को समय सीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में काशी विश्वनाथ धाम की तर्ज पर यहाँ भी श्रद्धालुओं को विश्वस्तरीय सुविधाएं प्राप्त हो सकें।
बच्चों से संवाद और चॉकलेट का वितरण: मुख्यमंत्री का स्नेहमयी अंदाज
विंध्याचल मंदिर परिसर के भ्रमण के दौरान मुख्यमंत्री का एक मानवीय और स्नेहमयी चेहरा भी सामने आया। वहां मौजूद बच्चों को देखकर मुख्यमंत्री स्वयं उनके पास पहुँचे और उनसे आत्मीय संवाद किया।
- शिक्षा की जानकारी: मुख्यमंत्री ने बच्चों से उनकी पढ़ाई और स्कूल के बारे में पूछा।
- सीख और संदेश: उन्होंने बच्चों को मोबाइल का प्रयोग कम से कम करने और खेलकूद व पढ़ाई पर ध्यान देने की महत्वपूर्ण सीख दी।
- उपहार: मुख्यमंत्री ने सभी बच्चों को चॉकलेट बांटी, जिससे बच्चों के चेहरे खिल उठे।
यह दृश्य वहां मौजूद श्रद्धालुओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र रहा, जहाँ एक कठोर प्रशासक के रूप में पहचाने जाने वाले मुख्यमंत्री बच्चों के साथ सहज भाव से बातचीत कर रहे थे।
[यहाँ मुख्यमंत्री को बच्चों को चॉकलेट देते हुए और विंध्यवासिनी कॉरिडोर की भव्यता की फोटो लगायें]
निष्कर्ष: सुरक्षित और समृद्ध विंध्य धाम का संकल्प (Uttar Pradesh News)
अंततः, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की यह यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ सुशासन के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है। चैत्र नवरात्रि से पहले उनका मीरजापुर आना लाखों श्रद्धालुओं के लिए आश्वस्तकारी है कि उनकी यात्रा सुलभ और सुरक्षित होगी। Uttar Pradesh News के इस विशेष आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया है कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों का न केवल कायाकल्प हो रहा है, बल्कि आम जनता और भविष्य की पीढ़ी (बच्चों) के साथ उनका जुड़ाव भी निरंतर बढ़ रहा है। मां विंध्यवासिनी के आशीर्वाद और सरकार की सक्रियता से आगामी नवरात्रि मेला ऐतिहासिक होने की उम्मीद है।








