उज्जैन |
मध्य प्रदेश की धार्मिक और सांस्कृतिक राजधानी उज्जैन में आज संवैधानिक मर्यादाओं और आत्मीयता का सुंदर संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का अवंतिका नगरी उज्जैन पहुँचने पर सर्किट हाउस में आत्मीय स्वागत किया। राज्यपाल के आगमन पर मुख्यमंत्री ने उन्हें पुष्प-गुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान दोनों वरिष्ठ नेताओं के बीच प्रदेश के विकास, जनकल्याणकारी योजनाओं और उज्जैन की धार्मिक व पर्यटन व्यवस्थाओं को लेकर अनौपचारिक चर्चा हुई। मुख्यमंत्री, जो स्वयं उज्जैन से संबंध रखते हैं, उन्होंने राज्यपाल के प्रवास को प्रदेश के लिए गौरवपूर्ण बताया।
संवैधानिक मर्यादा और आत्मीयता: सर्किट हाउस में स्वागत समारोह
राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल का उज्जैन दौरा कई मायनों में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनके सर्किट हाउस पहुँचने पर पुलिस बैंड की सुमधुर धुन और पारंपरिक प्रोटोकॉल के साथ उनका स्वागत किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर राज्यपाल की अगवानी की।
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को उज्जैन में चल रहे विभिन्न विकास कार्यों, विशेष रूप से ‘महाकाल लोक’ के द्वितीय चरण और श्रद्धालुओं के लिए बढ़ाई गई सुविधाओं से अवगत कराया। राज्यपाल ने उज्जैन की स्वच्छता और व्यवस्थित प्रशासन की सराहना की। इस अवसर पर जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि भी उपस्थित रहे, जिन्होंने राज्यपाल का स्वागत किया।
विकास और सुशासन पर चर्चा: मध्य प्रदेश की प्रगति का साझा विजन
सर्किट हाउस में हुई इस भेंट वार्ता में मुख्यमंत्री ने प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में शुरू किए गए ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ और अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की प्रगति साझा की। राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल ने विशेष रूप से जनजातीय क्षेत्रों में चल रहे स्वास्थ्य और शिक्षा अभियानों में रुचि दिखाई।
मुलाकात के प्रमुख आकर्षण:
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | सर्किट हाउस, उज्जैन |
| मुख्य अतिथि | राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल |
| मेजबान | मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव |
| चर्चा का विषय | विकास कार्य, धार्मिक पर्यटन और जनसेवा |
| प्रोटोकॉल | गार्ड ऑफ ऑनर और आधिकारिक अगवानी |
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनके मार्गदर्शन में समाज के हर वर्ग, विशेषकर पिछड़े और वंचित वर्गों के उत्थान के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राज्यपाल ने मुख्यमंत्री के सक्रिय नेतृत्व और प्रदेश में लागू की गई नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन की भी प्रशंसा की।
धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर का संरक्षण: उज्जैन की वैश्विक पहचान
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने चर्चा के दौरान कहा कि उज्जैन अब केवल एक शहर नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर सनातन संस्कृति का ध्वजवाहक बन चुका है। राज्यपाल ने मंदिर समितियों द्वारा किए जा रहे प्रबंधन और श्रद्धालुओं को सुलभ दर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था को उत्कृष्ट बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि उज्जैन को ‘मॉडल टूरिज्म सिटी’ के रूप में विकसित किया जाए, जहाँ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ-साथ हमारी प्राचीन धरोहर भी सुरक्षित रहे। राज्यपाल ने सुझाव दिया कि ऐतिहासिक स्मारकों के संरक्षण में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और बढ़ाई जानी चाहिए। इस शिष्टाचार भेंट ने एक बार फिर केंद्र और राज्य के बीच के मजबूत प्रशासनिक और संवैधानिक संबंधों को रेखांकित किया है।
निष्कर्ष: समन्वय और विकास की नई इबारत
अंततः, राज्यपाल श्री मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की यह मुलाकात मध्य प्रदेश के भविष्य की कार्ययोजनाओं के लिए प्रेरणादायी रही। उज्जैन की इस पावन धरा पर हुआ यह स्वागत सत्कार प्रदेश की ‘अतिथि देवो भवः’ की परंपरा को चरितार्थ करता है। Madhya Pradesh News के इस महत्वपूर्ण घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि संवैधानिक प्रमुख और शासन प्रमुख के बीच का यह बेहतर तालमेल प्रदेश को विकास की नई ऊँचाइयों पर ले जाएगा। राज्यपाल के इस प्रवास से उज्जैन के विकास कार्यों को नया संबल मिलेगा और प्रशासनिक मशीनरी में नई ऊर्जा का संचार होगा।








