लखनऊ |
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज, 17 मार्च 2026 को लखनऊ स्थित योजना भवन में प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रखर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय हेमवती नंदन बहुगुणा की पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सम्मिलित होकर उन्हें नमन किया। मुख्यमंत्री ने योजना भवन परिसर में स्थापित उनकी प्रतिमा पर पुष्पचक्र अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्वर्गीय बहुगुणा जी के व्यक्तित्व और कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए उन्हें भारतीय राजनीति का एक ऐसा जुझारू व्यक्तित्व बताया, जिन्होंने जीवन भर लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक न्याय के लिए संघर्ष किया।
लोकतंत्र के सजग प्रहरी: मुख्यमंत्री योगी ने याद किया बहुगुणा जी का संघर्ष
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि हेमवती नंदन बहुगुणा जी का जीवन सार्वजनिक सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने न केवल उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवाएं दीं, बल्कि देश के स्वतंत्रता आंदोलन में भी सक्रिय भूमिका निभाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी के मन में गरीबों, किसानों और वंचितों के प्रति अगाध प्रेम था। उनके द्वारा प्रशासनिक क्षेत्र में किए गए सुधार आज भी प्रासंगिक हैं।
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि बहुगुणा जी ने हमेशा संवैधानिक मर्यादाओं का सम्मान किया। उन्होंने कहा कि “बहुगुणा जी एक ऐसे नेता थे जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी अपनी विचारधारा से समझौता नहीं किया।” योजना भवन में उपस्थित अधिकारियों और गणमान्य नागरिकों से मुख्यमंत्री ने आह्वान किया कि वे बहुगुणा जी के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और प्रदेश के सर्वांगीण विकास में अपना योगदान दें।
स्वतंत्रता आंदोलन से राजनीति के शीर्ष तक: एक प्रेरक सफर
Hemwati Nandan Bahuguna Punya Tithi Yogi Adityanath के इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उनके जीवन के विभिन्न पड़ावों की चर्चा की।
- छात्र जीवन से संघर्ष: प्रयागराज (इलाहाबाद) में छात्र राजनीति के दौरान ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ में उनकी सक्रियता।
- विकास पुरुष की छवि: उत्तर प्रदेश के विकास के लिए उनके द्वारा बनाई गई रणनीतियां।
- पहाड़ सा व्यक्तित्व: उत्तराखंड की पहाड़ियों से निकलकर देश की राजनीति के केंद्र में अपनी पहचान बनाना।
श्रद्धांजलि सभा की मुख्य झलकियाँ:
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | योजना भवन, लखनऊ |
| तिथि | 17 मार्च 2026 |
| मुख्य अतिथि | मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ |
| आयोजन का स्वरूप | पुष्पांजलि एवं विचार गोष्ठी |
मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी ने उत्तर प्रदेश के औद्योगिक और कृषि विकास के लिए जो विजन दिया था, वर्तमान सरकार उसी विजन को आधुनिक तकनीक के साथ आगे बढ़ा रही है।
सुशासन और जनता के प्रति जवाबदेही: मुख्यमंत्री का प्रशासनिक संदेश
योजना भवन में आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक दक्षता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बहुगुणा जी मानते थे कि सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुँचना चाहिए। मुख्यमंत्री ने बताया कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश सरकार ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के माध्यम से उसी पारदर्शिता को सुनिश्चित कर रही है।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि विकास की हर फाइल के पीछे जनता की उम्मीदें होती हैं, इसलिए निर्णय लेने में संवेदनशीलता और गति दोनों का होना आवश्यक है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बहुगुणा जी की स्मृति में आयोजित यह सभा हमें आत्मचिंतन का अवसर देती है कि हम अपने दायित्वों का निर्वहन कितनी ईमानदारी से कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम प्रदेश’ बनाने का संकल्प ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।
निष्कर्ष: मूल्यों की राजनीति के प्रति बढ़ता सम्मान
अंततः, पूर्व मुख्यमंत्री हेमवती नंदन बहुगुणा जी की पुण्यतिथि पर आयोजित यह कार्यक्रम नई पीढ़ी के राजनेताओं और सिविल सेवा के अधिकारियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया है कि विचारधारा से ऊपर उठकर राष्ट्र और प्रदेश के निर्माण में योगदान देने वाले महापुरुषों का सम्मान हमारी संस्कृति का हिस्सा है। Uttar Pradesh News के इस महत्वपूर्ण आयोजन ने एक बार फिर लोकतंत्र के उन स्तंभों को याद किया है, जिनकी मेहनत और दूरदर्शिता की नींव पर आज का सशक्त उत्तर प्रदेश खड़ा है।








