लखनऊ |
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर आज राष्ट्रीय सुरक्षा और रणनीतिक कौशल का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 16 मार्च 2026 को ‘5-कालिदास मार्ग’ पर रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित ‘राष्ट्रीय रक्षा महाविद्यालय’ (NDC), नई दिल्ली के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल से भेंट की। इस दल में “नेशनल सिक्यूरिटी एण्ड स्ट्रेटजिक स्टडी” विषय पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे 18-20 वरिष्ठ सैन्य अधिकारी और भारत सरकार के सिविल सेवा के वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने आधुनिक भारत की सुरक्षा चुनौतियों और उनमें उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका पर विस्तार से चर्चा की।
सुरक्षा और सुशासन का समन्वय: मुख्यमंत्री ने साझा किया उत्तर प्रदेश का ‘लॉ एंड ऑर्डर’ मॉडल
मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रशिक्षु अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा का मार्ग सुदृढ़ आंतरिक सुरक्षा से होकर गुजरता है। उन्होंने बताया कि किस प्रकार पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने संगठित अपराध और अराजकता पर विजय पाकर निवेश और विकास का नया वातावरण तैयार किया है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक राज्य के भीतर कानून का राज स्थापित नहीं होता, तब तक राष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक मजबूती हासिल करना कठिन होता है।
अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से उत्तर प्रदेश में लागू किए गए ‘जीरो टॉलरेंस’ मॉडल के बारे में प्रश्न पूछे। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पुलिस प्रशासन में तकनीकी सुधार और अपराधियों के प्रति सख्त रुख ने प्रदेश की छवि बदली है। मंत्रिपरिषद के विभिन्न सदस्यों ने भी समय-समय पर सुरक्षा ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए जो सुझाव दिए, उन्हें धरातल पर उतारा गया है। प्रतिनिधिमंडल ने उत्तर प्रदेश पुलिस के कमांड सेंटर और सुरक्षा प्रबंधन की आधुनिक कार्यप्रणाली की सराहना की।
रणनीतिक अध्ययन और नागरिक प्रशासन: NDC अधिकारियों के साथ गहन संवाद
“नेशनल सिक्यूरिटी एण्ड स्ट्रेटजिक स्टडी” के विषय पर केंद्रित इस भेंट वार्ता में सैन्य और सिविल सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों ने शासन और रक्षा के बीच बेहतर तालमेल की आवश्यकता पर चर्चा की।
बैठक के प्रमुख बिंदु:
| चर्चा का विषय | विवरण |
| आंतरिक सुरक्षा | उत्तर प्रदेश में सांप्रदायिक सौहार्द और दंगा मुक्त शासन की रणनीति। |
| सीमा सुरक्षा एवं समन्वय | पड़ोसी देशों से जुड़े सीमावर्ती क्षेत्रों में प्रशासनिक मुस्तैदी। |
| तकनीक का उपयोग | सुरक्षा प्रबंधन में एआई (AI) और आधुनिक सर्विलांस का महत्व। |
| सिविल-मिलिट्री तालमेल | आपदा प्रबंधन और आपात स्थिति में नागरिक प्रशासन व सेना का समन्वय। |
प्रतिनिधिमंडल में शामिल भारत सरकार के सिविल सेवा अधिकारियों ने मुख्यमंत्री से प्रशासनिक सुधारों और ‘ई-गवर्नेंस’ के सफल क्रियान्वयन पर जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने बताया कि Cabinet ने सुरक्षा और प्रशासन में पारदर्शिता लाने के लिए कई क्रांतिकारी फैसले लिए हैं, जिससे भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है और जनता का भरोसा सिस्टम पर बढ़ा है।
विकसित भारत के लिए सशक्त सुरक्षा कवच: मंत्रिपरिषद का विजन और रणनीतिक लक्ष्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों से कहा कि आज का ‘नया उत्तर प्रदेश’ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने में सबसे बड़ा योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि मंत्रिपरिषद ने प्रदेश के युवाओं को रक्षा क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु कई नीतियां तैयार की हैं। Cabinet द्वारा स्वीकृत डिफेंस कॉरिडोर (Defense Corridor) प्रोजेक्ट इसका सबसे बड़ा प्रमाण है, जहाँ सेना के लिए अत्याधुनिक हथियार और उपकरण बनाए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “नेशनल सिक्यूरिटी” केवल सीमाओं की रक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह खाद्य सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता का भी मिश्रण है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उत्तर प्रदेश सरकार राष्ट्रीय अखंडता और सुरक्षा को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है। 5-कालिदास मार्ग पर आयोजित इस भेंट वार्ता ने रक्षा विशेषज्ञों को उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक कौशल को करीब से समझने का अवसर दिया।








