रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
उत्तर रेलवे के अंतर्गत आने वाले रुदौली रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म संख्या-2 की तरफ से नगर की ओर आने-जाने वाले पारंपरिक मार्ग को रेलवे प्रशासन द्वारा बंद किए जाने का मामला अब गरमा गया है। इस जनसमस्या के कारण रोजाना सफर करने वाले हजारों दैनिक यात्रियों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों को हो रही भारी मानसिक व शारीरिक परेशानी को देखते हुए क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने एक बड़ा विधिक व जनहितैषी कदम उठाया है।
विधायक ने शुक्रवार को उत्तर रेलवे (Northern Railway) लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) से लखनऊ मुख्यालय में विशेष मुलाकात की। उन्होंने इस गंभीर समस्या के विधिक व व्यावहारिक पहलुओं से डीआरएम को रूबरू कराते हुए जनहित में बंद मार्ग को तत्काल प्रभाव से दोबारा खोलने की पुरजोर मांग की।
दीवार खड़ी कर बंद किया मार्ग, यात्रियों को तय करनी पड़ रही 1 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी
डीआरएम को सौंपे गए आधिकारिक पत्र और वार्ता के दौरान विधायक रामचंद्र यादव ने इस तकनीकी समस्या की पूरी रूपरेखा सामने रखी। उन्होंने बताया कि रुदौली रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म-2 की तरफ से सीधे नगर के भीतर प्रवेश करने वाले मुख्य और सुगम मार्ग को रेलवे विभाग द्वारा अचानक एक पक्की दीवार खड़ी कर अस्थायी रूप से पूरी तरह अवरुद्ध कर दिया गया है।
मार्ग बंद होने से उत्पन्न हुई मुख्य समस्याएं:
- प्लेटफॉर्म-2 का बढ़ता दबाव: रुदौली स्टेशन पर अप और डाउन रूट की अधिकांश महत्वपूर्ण लंबी दूरी की रेलगाड़ियां तकनीकी रूप से प्लेटफॉर्म संख्या-2 पर ही आकर रुकती हैं।
- अतिरिक्त दूरी की मार: नगर की दिशा से स्टेशन आने वाले या ट्रेन से उतरकर नगर की ओर जाने वाले यात्रियों को अब विवश होकर ओवरब्रिज (FOB) के दुर्गम रास्ते से घूमकर जाना पड़ रहा है। इसके कारण यात्रियों को 1 किलोमीटर से अधिक की अतिरिक्त दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है।
- संवेदनशील वर्ग बेहाल: इस प्रशासनिक बेरुखी के कारण रोजाना यात्रा करने वाले नौकरीपेशा लोगों के साथ-साथ सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, गर्भिणियों, बीमार व्यक्तियों, अबोध बच्चों, दिव्यांगों और भारी सामान लेकर चलने वाले स्थानीय व्यापारियों को उठानी पड़ रही है।
लाखों लोगों की जीवन रेखा है यह मार्ग, हठधर्मिता छोड़े रेलवे: विधायक
डीआरएम कार्यालय में हुई इस उच्च स्तरीय वार्ता के दौरान विधायक रामचंद्र यादव ने जनभावनाओं को प्रमुखता से रखते हुए कहा:
“यह बंद किया गया मार्ग कोई नया रास्ता नहीं है, बल्कि दशकों से रुदौली नगर और रेलवे स्टेशन के बीच सुगम आवागमन का सबसे मुख्य और ऐतिहासिक माध्यम रहा है। इस मार्ग के बंद होने से रुदौली नगर सहित ग्रामीण अंचलों की लाखों की आबादी का दैनिक जीवन और व्यापार सीधे तौर पर प्रभावित हुआ है। आम जनता को इस तरह अनावश्यक रूप से परेशान करना न्यायसंगत नहीं है। रेलवे प्रशासन को जनहित को सर्वोपरि मानते हुए बिना किसी विधिक विलंब के इस दीवार को हटाकर मार्ग तुरंत बहाल करना चाहिए।” — रामचंद्र यादव, विधायक रुदौली
रुदौली स्टेशन मार्ग विवाद एवं प्रशासनिक विमर्श का पूरा ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | रुदौली रेलवे स्टेशन जनसमस्या का पूरा खाका |
| प्रभावित रेलवे स्टेशन | रुदौली रेलवे स्टेशन (उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल) |
| समस्या का मुख्य कारण | प्लेटफॉर्म-2 की तरफ नगर को जोड़ने वाले मार्ग पर दीवार बनाना |
| जनता पर तात्कालिक प्रभाव | यात्रियों को 01 किलोमीटर से अधिक का अतिरिक्त चक्कर लगाने की मजबूरी |
| प्रशासनिक पहलकर्ता | विधायक रामचंद्र यादव (डीआरएम लखनऊ से व्यक्तिगत वार्ता) |
| रेलवे प्रशासन का रुख | सुरक्षा मानकों व विधिक नियमों के तहत त्वरित परीक्षण का आश्वासन |
| मुख्य मांग | बंद मार्ग को तत्काल खोलकर यात्रियों व व्यापारियों को राहत दी जाए |
डीआरएम ने दिया पूरे प्रकरण के त्वरित विधिक परीक्षण का आश्वासन
विधायक रामचंद्र यादव द्वारा पूरे साक्ष्यों और जनहित के तर्कों के साथ उठाए गए इस संवेदनशील मामले को उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) ने अत्यंत गंभीरता से सुना। उन्होंने विधायक को आश्वस्त किया कि स्थानीय यात्रियों की इस समस्या का विधिक और तकनीकी रूप से पूरा परीक्षण कराया जाएगा।
डीआरएम ने कहा कि रेलवे के अनिवार्य सुरक्षा मानकों (Safety Standards) और विधिक नियमों को ध्यान में रखते हुए इस समस्या का एक व्यावहारिक और सर्वमान्य समाधान निकालने के लिए संबंधित स्टेशन और इंजीनियरिंग विंग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे। विधायक की इस मजबूत और त्वरित पहल के बाद रुदौली के स्थानीय नागरिकों और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों में एक बड़ी उम्मीद जगी है कि रेलवे प्रशासन जल्द ही इस दीवार को हटाकर बंद मार्ग को दोबारा चालू करेगा।

