रुदौली (अयोध्या) | विशेष ग्राउंड रिपोर्ट (NewsHour)
मानसून की सक्रियता और घाघरा नदी के जलस्तर में संभावित उतार-चढ़ाव को देखते हुए रुदौली तहसील प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। शुक्रवार को क्षेत्र के नवागत उपजिलाधिकारी (SDM) विनोद कुमार गुप्ता एवं तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता ने बाढ़ प्रभावित तथा संभावित बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों का सघन स्थलीय निरीक्षण किया।
प्रशासनिक मुस्तैदी की बानगी तब देखने को मिली जब नवागत एसडीएम खुद नाव पर सवार होकर नदी के बीच टापू पर बसे दुर्गम कैथी मांझा गांव पहुंचे। वहां उन्होंने बाढ़ की विभीषिका के साये में रहने वाले स्थानीय किसानों और ग्रामीणों के घरों तक जाकर उनका हालचाल जाना तथा सुरक्षा प्रबंधों की विधिक समीक्षा की।
राहत शिविर, सोलर लाइट और पशु चारे की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश
बाढ़ चौकियों और प्रभावित क्षेत्रों के निरीक्षण के दौरान उपजिलाधिकारी विनोद कुमार गुप्ता ने संबंधित विभागीय अधिकारियों और राजस्व कर्मियों को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए कड़े निर्देश जारी किए:
- आपातकालीन मूलभूत सुविधाएं: एसडीएम ने बाढ़ राहत शिविरों की समय पूर्व मुकम्मल तैयारी, शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, भोजन की व्यवस्था और निर्बाध प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।
- पावर बैकअप: बिजली आपूर्ति बाधित होने की दशा में वैकल्पिक प्रकाश के रूप में पर्याप्त संख्या में सोलर लाइट, पेट्रोमैक्स और जनरेटर की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
- पशुधन की सुरक्षा: बाढ़ के दौरान मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, उनके लिए हरे चारे का अग्रिम भंडारण करने तथा संक्रामक रोगों से बचाव के लिए पशुओं के टीकाकरण (Vaccination) की व्यवस्था समय से पूरी करने की हिदायत दी।
एसडीएम और तहसीलदार की संयुक्त टीम ने कैथी मांझा के साथ-साथ सराय नासिर मुझहना और अबूपुर जैसे अति-संवेदनशील गांवों का भी भौतिक निरीक्षण किया और ग्रामीणों को सतर्कता संबंधी आवश्यक विधिक जानकारियां दीं।
“फिलहाल जलस्तर सामान्य, लेकिन लगातार बारिश से खतरा” – ग्रामीण
टापू पर चौपाल लगाकर एसडीएम ने स्थानीय किसानों की समस्याएं सुनीं। न्यूज़ पोर्टल NewsHour की टीम से बातचीत के दौरान ग्रामीण राजेंद्र यादव, राम कप यादव, संतोष कुमार, परशुराम यादव, धर्मराज यादव, केशव राम यादव, शिवबक्श यादव, मुकेश कुमार और श्रीदत्त यादव ने कड़वी जमीनी हकीकत साझा की।
ग्रामीणों ने बताया कि फिलहाल नदी का जलस्तर पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है, लेकिन पहाड़ों और स्थानीय क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण नदी का वेग कभी भी अचानक बढ़ सकता है। किसानों ने तहसील प्रशासन से मांग की है कि नदी के तटबंधों और संवेदनशील मोड़ों पर चौबीसों घंटे निगरानी (Monitoring) बनाए रखी जाए।
बाढ़ तैयारी निरीक्षण का मुख्य विधिक व प्रशासनिक ब्योरा:
| मुख्य मापदंड | प्रशासनिक निरीक्षण एवं बाढ़ कार्ययोजना का विवरण |
| मुख्य निरीक्षण अधिकारी | विनोद कुमार गुप्ता (नवागत उपजिलाधिकारी, रुदौली) |
| सहयोगी अधिकारी | विजय कुमार गुप्ता (तहसीलदार, रुदौली) |
| अति-संवेदनशील प्रभावित क्षेत्र | कैथी मांझा (टापू), सराय नासिर मुझहना एवं अबूपुर |
| निरीक्षण का माध्यम | मुख्य धारा पार करने के लिए नाव (Boat) का विधिक उपयोग |
| प्रशासनिक प्राथमिकता | राहत शिविर, सोलर लाइट, शुद्ध पेयजल, पशु चारा व टीकाकरण |
| निगरानी का स्तर | राजस्व कर्मियों और ग्राम प्रधानों को 24/7 अलर्ट रहने की हिदायत |
राजस्व कर्मी और ग्राम प्रधान चौबीसों घंटे रहें अलर्ट: तहसीलदार
तहसीलदार विजय कुमार गुप्ता ने मौके पर मौजूद क्षेत्रीय लेखपालों, कानूनगो और ग्राम प्रधानों को निर्देशित किया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से प्रतिदिन की रिपोर्ट तहसील मुख्यालय को प्रेषित करें। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
संपादकीय नोट: इस संबंध में विस्तृत और प्रशासनिक पक्ष जानने के लिए उपजिलाधिकारी (SDM) विनोद कुमार गुप्ता से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन आधिकारिक व्यस्तता अथवा नेटवर्क की समस्या के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। उनका पक्ष प्राप्त होते ही खबर में अपडेट कर दिया जाएगा।

