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ज़मीन के लिए पत्नी ने प्रेमी संग मिलकर रची पति की हत्या की खौफनाक साजिश; अयोध्या घुमाने के बहाने ले जाकर हथौड़ी से उतारा मौत के घाट, दोनों आरोपी जेल रवाना

रुदौली (अयोध्या) | क्राइम रिपोर्टर (NewsHour)

जनपद अयोध्या के रुदौली कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कूड़ा सादात मार्ग पर बीते दिनों मिले एक अज्ञात व्यक्ति के शव की सनसनीखेज गुत्थी को सुलझाने में पुलिस को एक बड़ी विधिक सफलता हाथ लगी है। ज़मीन हड़पने के लालच और अवैध संबंधों के चलते एक कलयुगी पत्नी ने अपने शातिर प्रेमी के साथ मिलकर इस रोंगटे खड़े कर देने वाले हत्याकांड को अंजाम दिया था।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. गौरव ग्रोवर के कड़े विधिक निर्देशन और रुदौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य के नेतृत्व में गठित स्वाट व सर्विलांस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्यारी पत्नी और उसके प्रेमी को सलाखों के पीछे भेज दिया है। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त आलाकत्ल (लोहे की हथौड़ी) भी बरामद कर ली है।

झाड़ियों में मिला था शव, बाराबंकी के देवेंद्र वर्मा के रूप में हुई पहचान

क्राइम इनवेस्टिगेशन के अनुसार, बीते 12 जुलाई 2026 को कूड़ा सादात लिंक रोड के किनारे सुनसान झाड़ियों में एक अज्ञात अधेड़ का रक्तरंजित शव बरामद हुआ था। मृतक के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटों के निशान थे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर जब पोस्टमार्टम कराया, तो डॉक्टरों की टीम ने भारी प्रहार के कारण विधिक रूप से ‘हत्या’ होने की पुष्टि की।

सघन डिजिटल और भौतिक शिनाख्त के बाद मृतक की पहचान पड़ोसी जनपद बाराबंकी के असंद्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले पूरे ठोड़ी (मजरे पैगम्बरपुर) निवासी 48 वर्षीय देवेंद्र कुमार वर्मा के रूप में हुई। पहचान स्थापित होते ही रुदौली कोतवाली में अज्ञात के खिलाफ हत्या और साक्ष्य मिटाने की संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू की गई।

ऑपरेशन ‘त्रिनेत्र’ के कैमरों और सर्विलांस ने खोला कत्ल का राज

अंधे कत्ल की इस गुत्थी को सुलझाने के लिए पुलिस टीम ने उत्तर प्रदेश शासन के अति-महत्वपूर्ण अभियान ‘त्रिनेत्र’ के तहत नेशनल हाईवे और लिंक रोड पर लगे तीसरी आंख यानी सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले।

इसके साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस और मोबाइल टावर डंप डेटा (Technical Surveillance) की मदद से पुलिस को घटनास्थल पर बाराबंकी के एक संदिग्ध युवक और मृतक की पत्नी की मोबाइल लोकेशन एक साथ सक्रिय मिली। कड़ाई से की गई वैज्ञानिक पूछताछ में आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया, जिसके बाद हत्या की कड़ियों की पूरी स्क्रिप्ट सामने आ गई।

हत्याकांड और पुलिसिया कार्रवाई का पूरा विधिक लेखा-जोखा:

मुख्य मापदंडदेवेंद्र वर्मा हत्याकांड का आधिकारिक विवरण
मृतक का नाम व पतादेवेंद्र कुमार वर्मा (उम्र 48 वर्ष), निवासी: पूरे ठोड़ी, असंद्रा, बाराबंकी
शव बरामदगी स्थलकूड़ा सादात लिंक रोड के किनारे झाड़ियां, रुदौली (अयोध्या)
हत्या की तात्कालिक तिथि11 जुलाई 2026 की रात (12 जुलाई को शव बरामद)
हत्या का मुख्य कारणपति की करोड़ों की ज़मीन अपने नाम कराने का लालच व अवैध प्रेम संबंध
वारदात का तरीका / हथियारअयोध्या घुमाने के बहाने सुनसान रास्ते पर ले जाकर लोहे की हथौड़ी से वार
अनावरण करने वाली तकनीकउत्तर प्रदेश पुलिस का विशेष अभियान ‘त्रिनेत्र’ (CCTV व सर्विलांस)

शादी के बाद से ही चल रहा था विवाद, प्रेमी संग मिलकर बनाई ‘द एंड’ की योजना

विवेचना के दौरान यह तथ्य प्रमाणित हुआ कि मृतक देवेंद्र कुमार वर्मा की शादी वर्ष 2023 में हुई थी। विवाह के कुछ समय बाद से ही शातिर पत्नी लगातार देवेंद्र पर अपनी ज़मीन उसके नाम हस्तांतरित करने का मानसिक दबाव बना रही थी, जिसे लेकर दंपती में रोज तीखे विवाद होते थे। इसी बीच पत्नी के संबंध बाराबंकी के ही एक गैर-मर्द युवक से हो गए।

ज़मीन हड़पने और अपने अवैध प्यार के रास्ते से पति को हमेशा के लिए हटाने के लिए दोनों ने मिलकर देवेंद्र की हत्या का ब्लूप्रिंट तैयार किया। योजना के मुताबिक, 11 जुलाई की रात को प्रेमी, देवेंद्र को अपनी गाड़ी में ‘अयोध्या धाम के दर्शन’ कराने के बहाने घर से लेकर निकला। रात के सन्नाटे में जैसे ही गाड़ी कूड़ा सादात के निकट एक अत्यंत सुनसान अंधेरे मार्ग पर पहुंची, प्रेमी और पत्नी ने देवेंद्र पर लोहे की हथौड़ी से ताबड़तोड़ कई वार किए। सिर फटने के कारण देवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को सड़क किनारे झाड़ियों में फेंककर दोनों फरार हो गए थे।

सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम:

इस जटिल ब्लाइंड मर्डर मिस्ट्री का पर्दाफाश करने में प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य, उपनिरीक्षक (SI) युवराज सिंह, उपनिरीक्षक अभिषेक, हेड कांस्टेबल संजीव सिंह, हेड कांस्टेबल गौरीशंकर पटेल, कांस्टेबल दुर्गा प्रसाद यादव और कांस्टेबल राजेंद्र सिंह की टीम ने बेहद प्रशंसनीय और विधिक भूमिका निभाई है। न्यायालय में पेशी के बाद दोनों खूनी आरोपियों को चौदह दिनों की न्यायिक अभिरक्षा में सीधे जेल भेज दिया गया है|

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