जौनपुर | तामीर हसन शीबू (NewsHour)
जौनपुर जनपद के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले जौनपुर-शाहगंज-अयोध्या राष्ट्रीय राजमार्ग (National Highway) पर शनिवार को प्रशासनिक उपेक्षा और सड़क की बदहाली का एक बड़ा खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ा। कुत्तूपुर के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने एक गहरे और जानलेवा गड्ढे में असंतुलित होकर एक ई-रिक्शा पलट गया। इस हादसे के बाद हाईवे के दोनों ओर वाहनों की किलोमीटर लंबी कतारें लग गईं, जिससे करीब एक घंटे तक यातायात पूरी तरह ठप रहा और चारों तरफ चीख-पुकार व अफरातफरी का माहौल बना रहा।
जाम के झाम में फंसी रही एंबुलेंस और अयोध्या जा रहे श्रद्धालु
वीकेंड (शनिवार) होने के कारण इस राष्ट्रीय राजमार्ग पर गाड़ियों का दबाव बेहद अधिक था। ई-रिक्शा पलटने से लगे इस आकस्मिक और भीषण जाम में मुख्य रूप से:
- पावन नगरी अयोध्या धाम की ओर जा रहे सैकड़ों अकीदतमंद व श्रद्धालु अपनी गाड़ियों में घंटो कैद रहे।
- स्थानीय दैनिक यात्री, नौकरीपेशा लोग और स्कूली बच्चे उमस भरी गर्मी में परेशान होते दिखे।
- सबसे संवेदनशील स्थिति तब उत्पन्न हो गई, जब एक आपातकालीन एंबुलेंस (Ambulance) भी इस महाजाम के झाम में काफी देर तक फंसी रही, जिसे निकालने के लिए राहगीरों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
वाहन एजेंसियों का पानी और जलभराव बना सड़क की तबाही का मुख्य कारण
स्थानीय नागरिकों और चश्मदीदों ने न्यूज़ पोर्टल NewsHour से बातचीत करते हुए इस बदहाली की मुख्य वजहों का खुलासा किया। ग्रामीणों के अनुसार, कुत्तूपुर क्षेत्र के आसपास कई निजी वाहन एजेंसियां (Automobile Agencies) संचालित हैं। इन एजेंसियों से गाड़ियों की धुलाई के बाद निकलने वाला दूषित और सर्फ का पानी बिना किसी ट्रीटमेंट के लगातार राष्ट्रीय राजमार्ग पर बहता रहता है।
लगातार हो रहे इस जलभराव के कारण डामर की पक्की सड़क पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुकी है और वहां तालाब जैसे गहरे-गहरे गड्ढे बन गए हैं। पानी भरा होने के कारण वाहन चालकों को गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे आए दिन ई-रिक्शा, स्कूटी और अन्य दोपहिया वाहन फिसलकर पलट रहे हैं। अब तक यहाँ दर्जनों राहगीर चोटिल होकर अस्पतालों के चक्कर काट चुके हैं।
हादसे और हाईवे की बदहाली का पूरा ब्योरा:
| मुख्य विवरण | राजमार्ग की वर्तमान स्थिति एवं आंकड़े |
| प्रभावित राष्ट्रीय राजमार्ग | जौनपुर – शाहगंज – अयोध्या नेशनल हाईवे (NH) |
| मुख्य दुर्घटना स्थल | कुत्तूपुर, सरायख्वाजा थाना क्षेत्र, जौनपुर |
| जाम की समयावधि | शनिवार को लगातार करीब 01 घंटे तक थमा रहा चक्का |
| हादसे का तात्कालिक कारण | जलभराव वाले गहरे गड्ढे में ई-रिक्शा का अनियंत्रित होकर पलटना |
| नागरिकों की मुख्य मांग | तत्काल सड़क मरम्मत, गड्ढा मुक्ति और जलनिकासी का स्थायी समाधान |
प्रशासन की लापरवाही से भड़के ग्रामीण, स्थायी समाधान की उठी मांग
सड़क की इस दुर्दशा को लेकर स्थानीय ग्रामीणों, व्यापारियों और राहगीरों में जौनपुर प्रशासन और संबंधित राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के खिलाफ भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का स्पष्ट आरोप है कि महीनों से यह जानलेवा समस्या बनी हुई है और स्थानीय स्तर पर कई बार शिकायतें भी की गईं, लेकिन संबंधित विभाग ने न तो सड़क की गड्ढा मुक्ति कराई और न ही एजेंसियों से बहने वाले पानी की निकासी के लिए कोई ड्रेनेज या नाले की स्थायी व्यवस्था की। इससे प्रतिदिन बड़े हादसों का खतरा लगातार बढ़ता ही जा रहा है।
कुत्तूपुर के समस्त नागरिकों ने जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुरजोर मांग की है कि बिना किसी विधिक विलंब के तत्काल युद्धस्तर पर सड़क की विशेष मरम्मत कराई जाए, इन जानलेवा गड्ढों को पत्थर-मिट्टी डालकर भरा जाए और सड़क पर पानी बहाने वाली वाहन एजेंसियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई करते हुए जलनिकासी की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि आम जनता को रोज-रोज के इन हादसों और महाजाम से हमेशा के लिए राहत मिल सके।

