जौनपुर | न्यूज़ डेस्क
उत्तर प्रदेश के जौनपुर (चंदवक) में स्वास्थ्य विभाग की चुप्पी के बीच अवैध अस्पतालों का धंधा चमक रहा है। चंदवक बाजार, बीरीबारी और बजरंग नगर में बिना मानक और बिना अनुमति के क्लीनिक और नर्सिंग होम संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि स्थानीय अधीक्षक की जानकारी में होने के बावजूद इन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
प्रमुख अवैध अस्पताल और उनके कारनामे
जांच में सामने आया है कि कई अस्पतालों में मानक ताक पर हैं:
| अस्पताल का नाम | स्थान | धांधली |
| अंशिका बाल चिकित्सालय | चंदवक पेट्रोल पंप | बिना अनुमति ICU और आधा दर्जन बेड का संचालन। |
| आर.एन. हॉस्पिटल | बीरीबारी CHC के सामने | 8 बेड पर अवैध तरीके से मरीजों की भर्ती। |
| अन्य क्लीनिक | चंदवक बाजार | अप्रशिक्षित स्टाफ और झोलाछाप डॉक्टरों का कब्जा। |
डिग्री बोर्ड पर, इलाज ‘झोलाछाप’ के हाथ
स्थानीय लोगों के अनुसार, इन अस्पतालों के बाहर बोर्ड पर दर्ज डॉक्टरों के नाम केवल दिखावा हैं। हकीकत में वहां झोलाछाप डॉक्टर ओपीडी से लेकर ऑपरेशन तक कर रहे हैं। इससे मरीजों की जान हर वक्त जोखिम में बनी रहती है।
“अस्पताल के बोर्ड पर डॉक्टर का नाम कुछ और है, और अंदर इलाज कोई और कर रहा है। स्वास्थ्य विभाग किसी बड़ी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।” — स्थानीय निवासी
सुशासन पर सवाल: कब होगी कार्रवाई?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के बावजूद चंदवक में यह अंधेरगर्दी जारी है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इन अवैध नर्सिंग होम की तत्काल जांच कर इन्हें सील किया जाए।