रुदौली/अयोध्या | न्यूज़ डेस्क
उत्तर प्रदेश के अयोध्या जनपद स्थित रुदौली में ‘माँ कामाख्या धाम महोत्सव’ के अंतिम दिन आयोजित दो दिवसीय भव्य कृषि मेले का आज गरिमामय समापन हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रदेश के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही रहे। महोत्सव न्यास के संरक्षक व क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव (आरसी यादव) और अध्यक्ष रविकांत तिवारी ‘मोनू’ ने कृषि मंत्री का भव्य स्वागत किया। माँ कामाख्या के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए कृषि मंत्री ने अन्नदाताओं को संबोधित किया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ‘किसान कल्याण’ विजन को साझा किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की प्राथमिकता तकनीक और पारदर्शिता के माध्यम से किसानों की आय में क्रांतिकारी वृद्धि करना है।
फार्मर रजिस्ट्री: सरकारी योजनाओं की ‘मास्टर की’
समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने किसानों से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि डिजिटल कृषि के इस दौर में हर किसान को अपनी ‘फार्मर रजिस्ट्री’ (Farmer Registry) अवश्य करवानी चाहिए।
- पारदर्शिता: फार्मर रजिस्ट्री होने से बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी और योजनाओं का लाभ सीधे पात्र किसान तक पहुँचेगा।
- त्वरित लाभ: किसान सम्मान निधि से लेकर अन्य अनुदानों (Subsidy) के लिए यह डेटाबेस एक ‘सिंगल विंडो’ की तरह कार्य करेगा।
- डिजिटल पहचान: इससे किसानों को अपनी भूमि और फसल का विवरण बार-बार देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
यंत्रों की सौगात: कस्टम हायरिंग सेंटर से घटेगी खेती की लागत
कृषि मंत्री ने मेले के दौरान ‘कस्टम हायरिंग सेंटर’ योजना के तहत चयनित लाभार्थी किसानों को कृषि यंत्रों और ट्रैक्टरों की चाभियां सौंपीं।
- आधुनिकता: इन केंद्रों के माध्यम से छोटे और सीमांत किसान भी रियायती दरों पर आधुनिक मशीनों का उपयोग कर सकेंगे।
- लागत में कमी: मशीनीकरण बढ़ने से न केवल समय की बचत होगी, बल्कि खेती की लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
- स्वावलंबन: चाभियां प्राप्त करते समय किसानों के चेहरे पर आत्मनिर्भरता की मुस्कान साफ़ झलक रही थी।
समापन समारोह की मुख्य झलकियाँ:
| गतिविधि (Activity) | मुख्य संदेश/लाभ (Key Message) |
| प्रदर्शनी अवलोकन | कृषि मंत्री ने स्टॉलों का निरीक्षण कर नई तकनीकों को सराहा। |
| विशेषज्ञ संवाद | कृषि वैज्ञानिकों ने कीट प्रबंधन और उन्नत बीजों की जानकारी दी। |
| सीधा लाभ वितरण | यंत्रों की चाभियां और अनुदान पत्रों का वितरण। |
| प्रशासनिक समीक्षा | सीडीओ और कृषि निदेशकों ने योजनाओं की प्रगति साझा की। |
सुशासन और किसान: “अंतिम पायदान तक पहुँच रही है सरकार”
क्षेत्रीय विधायक रामचंद्र यादव ने कृषि मंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माँ कामाख्या धाम महोत्सव ने न केवल भक्ति, बल्कि शक्ति और समृद्धि (कृषि) का भी मार्ग प्रशस्त किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में अयोध्या के विकास के साथ-साथ किसानों के तकनीकी सशक्तीकरण पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अयोध्या, भाजपा जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी, उपकृषि निदेशक डॉ. पी.के. कन्नौजिया और संयुक्त कृषि निदेशक ए.के. मिश्रा सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। कृषि विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही किसानों की समस्याओं का निस्तारण किया और उन्हें सॉइल हेल्थ कार्ड (Soil Health Card) व जैविक खेती के प्रति जागरूक किया।
“प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी की मंशा है कि तकनीक किसान के द्वार तक पहुँचे। फार्मर रजिस्ट्री और कस्टम हायरिंग सेंटर इसी दिशा में उठाए गए मील के पत्थर हैं।” — सूर्य प्रताप शाही, कृषि मंत्री
निष्कर्ष: कृषि विकास की नई आधारशिला
अंततः, रुदौली में संपन्न हुए इस दो दिवसीय कृषि मेले ने ‘नव्य उत्तर प्रदेश’ के प्रगतिशील किसान की तस्वीर पेश की है। Uttar Pradesh News के इस विशेष आयोजन के माध्यम से किसानों को सीधे सरकार और विशेषज्ञों से जुड़ने का अवसर मिला। मुख्यमंत्री के कुशल मार्गदर्शन में आयोजित इस महोत्सव ने यह सिद्ध कर दिया है कि धार्मिक श्रद्धा और आर्थिक विकास (कृषि) एक-दूसरे के पूरक बन सकते हैं। मेले के समापन के साथ ही रुदौली के किसानों के लिए समृद्धि का एक नया अध्याय शुरू हो गया है।







