लखनऊ |
उत्तर प्रदेश के चिकित्सा ढांचे को आज एक नई और सशक्त संजीवनी मिली है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार, 22 मार्च 2026 को ‘वासंतिक नवरात्रि’ के पावन अवसर पर लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम में 1,228 नवचयनित नर्सिंग अधिकारियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इस नियुक्ति में नारी शक्ति का अभूतपूर्व दबदबा देखने को मिला, जहाँ कुल चयनित अभ्यर्थियों में से 1,097 बेटियां शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने नवचयनित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा और संवेदना का एक पवित्र मार्ग है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जब स्वास्थ्य सेवाओं में मानवीय संवेदनशीलता जुड़ती है, तो मरीजों के उपचार में चमत्कारी और सकारात्मक परिणाम दिखाई देते हैं।
पारदर्शी भर्ती से सुदृढ़ स्वास्थ्य सेवाएं: “बिचौलियों के दौर का अंत”
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में प्रदेश सरकार की ‘मिशन रोजगार’ के तहत अपनाई गई निष्पक्ष और पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की सराहना की। उन्होंने कहा कि आज के दौर में योग्यता ही चयन का एकमात्र पैमाना है। 2017 से पहले की स्थिति की तुलना करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि अब किसी भी अभ्यर्थी को सिफारिश या भ्रष्टाचार का सहारा नहीं लेना पड़ता।
नियुक्ति पत्र वितरण के प्रमुख आंकड़े:
| श्रेणी (Category) | संख्या (Number) |
| कुल चयनित नर्सिंग अधिकारी | 1,228 |
| महिला अभ्यर्थी (नारी शक्ति) | 1,097 |
| पुरुष अभ्यर्थी | 131 |
| तैनाती के केंद्र | 13 राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं 2 संस्थान |
मुख्यमंत्री ने कहा कि नवरात्रि के समय बेटियों को प्राप्त यह नियुक्ति पत्र ‘नारी शक्ति’ के स्वावलंबन का एक आदर्श उदाहरण है। यह नियुक्तियां न केवल प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा विभाग को मजबूती प्रदान करेंगी, बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के मेडिकल कॉलेजों में विशेषज्ञ नर्सिंग सेवाओं की कमी को भी दूर करेंगी।
संवेदना ही उपचार की पहली सीढ़ी: मुख्यमंत्री का नर्सिंग अधिकारियों को गुरुमंत्र
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नर्सिंग अधिकारियों को मानवता का संदेश देते हुए कहा कि एक नर्स मरीज के लिए आशा की किरण होती है।
- संवेदनशीलता: मरीज के साथ सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार ही उसके आधे दुख को हर लेता है।
- अनुशासन: चिकित्सा क्षेत्र में अनुशासन और समयबद्धता का कोई विकल्प नहीं है।
- नवाचार: नई तकनीकों और उपचार के आधुनिक तरीकों को अपनाने के लिए सदैव तत्पर रहें।
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश सरकार ने पिछले 9 वर्षों में उत्तर प्रदेश के ‘हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर’ में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। ‘एक जनपद-एक मेडिकल कॉलेज’ के लक्ष्य के साथ अब हर जिले में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन 1,228 अधिकारियों की तैनाती से इन मेडिकल कॉलेजों की कार्यक्षमता और उपचार की गुणवत्ता में भारी वृद्धि होगी।
सुशासन का संकल्प: “1.5 लाख सरकारी नौकरियों की ओर बढ़ते कदम”
समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने युवाओं को आश्वस्त किया कि इस वर्ष तय किया गया डेढ़ लाख सरकारी नौकरियों का लक्ष्य तेजी से पूरा किया जा रहा है। Cabinet द्वारा स्वीकृत विभिन्न विभागों की रिक्तियों पर भर्ती प्रक्रिया अंतिम चरण में है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि नवनियुक्त नर्सिंग अधिकारियों की ‘ओरिएंटेशन ट्रेनिंग’ और ‘जॉइनिंग’ की प्रक्रिया को बिना किसी विलंब के समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
लोकभवन में आयोजित इस कार्यक्रम में चिकित्सा शिक्षा मंत्री, अपर मुख्य सचिव और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने सभी सफल अभ्यर्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि “आपका समर्पण ही उत्तर प्रदेश को ‘उत्तम स्वास्थ्य’ वाला प्रदेश बनाएगा।”
“नर्सिंग सेवा और संवेदना का दूसरा नाम है। नवरात्रि के पावन अवसर पर 1,097 बेटियों का चयन होना प्रदेश के महिला सशक्तिकरण की एक नई गाथा लिख रहा है।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
निष्कर्ष: ‘नव्य उत्तर प्रदेश’ में स्वास्थ्य और रोजगार की नई उड़ान (Uttar Pradesh News)
अंततः, 1,228 नर्सिंग अधिकारियों की यह नियुक्ति उत्तर प्रदेश के सुशासन की एक और बड़ी उपलब्धि है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश न केवल सड़कों और उद्योगों में विकास कर रहा है, बल्कि स्वास्थ्य और रोजगार जैसे बुनियादी क्षेत्रों में भी आत्मनिर्भर बन रहा है। Uttar Pradesh News के इस विशेष घटनाक्रम ने यह सिद्ध कर दिया है कि योग्यता का सम्मान और सेवा का संकल्प ही एक समृद्ध समाज का आधार है। लोकभवन से निकले ये नए नर्सिंग अधिकारी आने वाले समय में प्रदेश की जनता के स्वास्थ्य की रक्षा के लिए एक अभेद्य सुरक्षा कवच बनेंगे।







