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Uttar Pradesh News: अंतरराष्ट्रीय वन दिवस पर लखनऊ में ‘अरण्य समागम’, मुख्यमंत्री योगी ने दिया ‘माता भूमि’ का मूलमंत्र, वितरित किए कार्बन क्रेडिट चेक

CM Yogi Adityanath at Aranya Samagam on International Day of Forests in Lucknow

लखनऊ | न्यूज़ डेस्क

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज ‘अंतरराष्ट्रीय वन दिवस’ (21 मार्च 2026) के अवसर पर प्रकृति और पर्यावरण संरक्षण का महाकुम्भ ‘अरण्य समागम’ आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने “वन एवं अर्थव्यवस्थाएं” विषयक राष्ट्रीय वानिकी संवाद का विधिवत उद्घाटन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने ‘माता भूमि: पुत्रोऽहं पृथिव्या:’ (पृथ्वी मेरी माता है और मैं उसका पुत्र हूँ) के वैदिक मूलमंत्र को साझा करते हुए कहा कि डबल इंजन की सरकार प्रदेश के पारिस्थितिकी संतुलन (Ecological Balance) को सुदृढ़ करने हेतु पूरी तरह प्रतिबद्ध है। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने न केवल वन विभाग की उपलब्धियों को रेखांकित किया, बल्कि पर्यावरण संरक्षण को अर्थव्यवस्था से जोड़ते हुए ‘कार्बन क्रेडिट’ के चेक भी वितरित किए।

वन और अर्थव्यवस्था: पारिस्थितिकी संतुलन के साथ समृद्धि का मार्ग

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वन संरक्षण केवल जीव सृष्टि के लिए ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह हमारी अर्थव्यवस्था का भी आधार है। “वन एवं अर्थव्यवस्थाएं” विषय पर केंद्रित इस राष्ट्रीय संवाद में देश भर से आए विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया।

मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि वनों का विस्तार होने से न केवल शुद्ध वायु मिलती है, बल्कि इससे स्थानीय समुदायों के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होते हैं। उत्तर प्रदेश सरकार ने कार्बन उत्सर्जन को कम करने के प्रयासों में बड़ी सफलता हासिल की है, जिसका प्रमाण आज वितरित किए गए कार्बन क्रेडिट चेक हैं। यह इस बात का प्रतीक है कि पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता अब सीधे तौर पर आर्थिक लाभ में बदल रही है।

साहस और समर्पण का सम्मान: बहादुर बच्चों और कर्मियों का अभिनंदन

‘अरण्य समागम’ में मुख्यमंत्री ने उन बहादुर बच्चों को सम्मानित किया जिन्होंने ‘मानव और वन्य जीव संघर्ष’ के दौरान अदम्य साहस का परिचय दिया। इसके साथ ही, वन विभाग के उन उत्कृष्ट कर्मचारियों और सामाजिक संगठनों को भी पुरस्कृत किया गया जिन्होंने हरित आवरण (Green Cover) बढ़ाने में अपना जीवन समर्पित कर दिया है।

समारोह की मुख्य झलकियाँ:

गतिविधि (Activity)विवरण (Details)
पुस्तक विमोचनवन विभाग द्वारा प्रकाशित विशेष ‘कॉफी टेबल बुक’ का लोकार्पण।
कार्बन क्रेडिटपर्यावरण संरक्षण से अर्जित आय के रूप में चेक का वितरण।
सम्मान समारोहबहादुर बच्चों, वन कर्मियों और NGOs को प्रशस्ति पत्र।
प्रतिबद्धताप्रदेश के वन क्षेत्र को 9% से बढ़ाकर 15% तक ले जाने का संकल्प।

मुख्यमंत्री ने वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे वनीकरण (Afforestation) के कार्यक्रमों को जन-आंदोलन का रूप दें। उन्होंने कहा कि “समस्त वन प्रेमी और प्रकृति प्रेमी हमारे ‘इको-सिस्टम’ के वास्तविक रक्षक हैं।”

डबल इंजन सरकार का विजन: हरित उत्तर प्रदेश, खुशहाल उत्तर प्रदेश

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ‘वृक्षारोपण जन-अभियान’ जैसी योजनाओं ने प्रदेश में करोड़ों पौधों को जीवन दिया है। Cabinet द्वारा स्वीकृत नई वन नीतियों के तहत अब नदियों के पुनरुद्धार और शहरी क्षेत्रों में ‘नगर वन’ की स्थापना पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि मंत्रिपरिषद ने पारिस्थितिकी पर्यटन (Eco-tourism) को बढ़ावा देने के लिए विशेष प्रावधान किए हैं, जिससे दुधवा, कतर्नियाघाट और पीलीभीत जैसे क्षेत्रों में न केवल वन्य जीवों का संरक्षण हो रहा है, बल्कि पर्यटकों की संख्या में भी भारी वृद्धि हुई है। मुख्यमंत्री ने लखनऊ के इस मंच से पूरे देश के प्रकृति प्रेमियों का स्वागत किया और आह्वान किया कि हम सब मिलकर धरती माता के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें।

निष्कर्ष: प्रकृति के साथ सह-अस्तित्व का नया अध्याय

अंततः, लखनऊ में आयोजित ‘अरण्य समागम’ ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब पर्यावरण संरक्षण के मामले में एक ‘ग्लोबल लीडर’ बनने की राह पर है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने वन संरक्षण को सुशासन और लाभप्रद अर्थव्यवस्था से जोड़ दिया है। Uttar Pradesh News के इस विशेष आयोजन से न केवल वन प्रेमियों का उत्साह बढ़ा है, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी सुरक्षित और हरा-भरा भविष्य देने का संकल्प सुदृढ़ हुआ है।

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