छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं में नकल पर सख्त कानून, 10 साल तक की जेल का प्रावधान

Chhattisgarh Government new rule for Exam

रायपुर। छत्तीसगढ़ में भर्ती परीक्षाओं को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने जा रही है। मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में सरकार “छत्तीसगढ़ (लोक भर्ती एवं व्यावसायिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों की रोकथाम) विधेयक 2026” लाने जा रही है। यह विधेयक राज्य विधानसभा के बजट सत्र में पेश किया जाएगा।


सरकार का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक की घटनाओं को देखते हुए यह सख्त कानून जरूरी हो गया है, ताकि परीक्षार्थियों का भरोसा बना रहे और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो सके।


प्रस्तावित कानून के तहत नकल करने वाले परीक्षार्थियों के लिए कड़े दंड का प्रावधान किया गया है। यदि कोई परीक्षार्थी नकल करते हुए पकड़ा जाता है तो उसे 1 से 5 साल तक की जेल और अधिकतम 5 लाख रुपये तक जुर्माना देना पड़ सकता है।


वहीं संगठित रूप से नकल करवाने वाले गिरोहों के खिलाफ और भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में 5 से 10 साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना लगाया जा सकता है। अगर कोई गिरोह बार-बार इस तरह का अपराध करता है तो आजीवन कारावास तक का प्रावधान भी रखा गया है।


कानून के तहत कई कृत्यों को अपराध की श्रेणी में रखा गया है। इनमें परीक्षा में नकल करना या नकल करवाना, प्रश्नपत्र लीक करना या उसकी साजिश रचना, ओएमआर शीट या उत्तर पुस्तिका में छेड़छाड़ करना, फर्जी वेबसाइट बनाकर परीक्षा आयोजित करना, नकली प्रवेश पत्र या नियुक्ति पत्र जारी करना और परीक्षा से जुड़े कंप्यूटर सिस्टम या नेटवर्क में अवैध हस्तक्षेप करना शामिल है।


इसके अलावा मेरिट सूची या रैंक निर्धारण से जुड़े दस्तावेजों में छेड़छाड़ करना, नकली प्रश्नपत्र को असली बताकर आर्थिक लाभ के लिए फैलाना और परीक्षा तिथि या पालियों के आवंटन में गड़बड़ी करना भी दंडनीय अपराध माना जाएगा।


सरकार ने स्पष्ट किया है कि केवल परीक्षार्थी ही नहीं, बल्कि परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े सेवा प्रदाता संस्थान, कंपनियां और एजेंसियां भी इस कानून के दायरे में आएंगी। यदि उनकी भूमिका किसी भी तरह की गड़बड़ी में पाई जाती है तो उनके खिलाफ भी सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।


सरकार का दावा है कि इस कानून के लागू होने के बाद भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी और नकल व पेपर लीक जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सकेगी।

Tagged:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *