छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आयोजित ‘राज्य स्तरीय बिहान लखपति दीदी सम्मेलन 2026’ में आज मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने प्रदेश की सशक्त महिलाओं के साथ संवाद किया। मुख्यमंत्री ने लखपति दीदियों के संघर्ष और सफलता की प्रेरक कहानियों को सुना और उन्हें आत्मनिर्भरता व आत्मविश्वास की मिसाल बताया।
डिजिटल और ग्लोबल मार्केट से जुड़ेंगी दीदियाँ
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों (SHG) की आर्थिक प्रगति के लिए दो बड़े कदम उठाए:
- लखपति दीदी ग्राम पोर्टल: मुख्यमंत्री ने इस पोर्टल का शुभारंभ किया, जो दीदियों के कार्यों की निगरानी और उनके व्यवसाय को व्यवस्थित करने में मदद करेगा।
- ‘छत्तीसकला’ ब्रांड बुक: स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार और एक विशिष्ट पहचान दिलाने के लिए इस ब्रांड बुक का विमोचन किया गया। यह कदम स्व-सहायता समूहों के उत्पादों को बड़े बाजारों से जोड़ने में मील का पत्थर साबित होगा।
मेहनत और आत्मनिर्भरता की इबारत
लखपति दीदियों से आत्मीय चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज इन माताओं-बहनों के चेहरों पर जो मुस्कान है, वह इस बात का प्रमाण है कि यदि सही अवसर और सरकारी सहयोग मिले, तो वे विकास की नई इबारत लिख सकती हैं। उन्होंने कहा कि “आत्मविश्वास और समृद्धि की मुस्कान से ही नए छत्तीसगढ़ की पहचान है।”
क्या है ‘बिहान’ और ‘लखपति दीदी’ योजना?
’बिहान’ योजना के तहत ग्रामीण महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़कर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रशिक्षित और आर्थिक रूप से समृद्ध बनाया जाता है। ‘लखपति दीदी’ वे महिलाएं हैं जिनकी वार्षिक आय ₹1 लाख से अधिक हो चुकी है।






