राजधानी के पीजीआई थाना क्षेत्र के अंतर्गत वृंदावन सेक्टर-6सी स्थित कृष्णा लाइफ लाइन हॉस्पिटल (एलन हाउस स्कूल के पास) शुक्रवार को रणक्षेत्र में तब्दील हो गया। अस्पताल के डॉक्टरों ने 23 वर्षीय गर्भवती महिला चांदनी को मृत घोषित कर बाहर कर दिया, जबकि परिजनों का दावा है कि महिला की सांसें चल रही थीं और उसके शरीर में हलचल हो रही थी। इस घटना के बाद अस्पताल परिसर में भारी बवाल मच गया।
क्या है पूरा मामला?
नगराम के इस्माइल नगर की रहने वाली चांदनी (23 वर्ष), पत्नी आशु, को गुरुवार को प्रसव (डिलीवरी) के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार:
- गलत घोषणा: शुक्रवार (6 मार्च 2026) की सुबह डॉक्टरों ने अचानक चांदनी को मृत घोषित कर दिया और परिजनों को तुरंत वहां से जाने को कहा।
- सांसें चल रही थीं: जब रोते-बिलखते परिजन शव ले जाने लगे, तो उन्होंने गौर किया कि चांदनी की सांसें चल रही थीं और शरीर हिल रहा था। यह देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
- अवैध वसूली का आरोप: पीड़ित परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर ब्लड एक्सचेंज (रक्त बदलने) के नाम पर मोटी रकम वसूलने और इलाज में घोर लापरवाही बरतने के गंभीर आरोप लगाए हैं।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
हंगामे और बवाल की सूचना मिलते ही पीजीआई थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुँची। उग्र परिजनों को समझा-बुझाकर शांत कराया गया और स्थिति को नियंत्रण में लिया गया। पुलिस की मौजूदगी में ‘जीवित’ महिला को तुरंत दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ फिलहाल उसका उपचार जारी है।
जांच के घेरे में अस्पताल
परिजनों का सीधा सवाल है कि जब मरीज जीवित थी, तो किस आधार पर उसे मृत घोषित कर बाहर निकाला गया? लखनऊ स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय प्रशासन इस मामले में अस्पताल के लाइसेंस और डॉक्टरों की योग्यता की जांच कर सकता है।








