छत्तीसगढ़ में ‘जल जीवन मिशन’ ग्रामीण अंचलों की सूरत बदलने वाला साबित हो रहा है। राज्य सरकार के प्रयासों से अब तक प्रदेश के 5,79,956 घरों में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा चुकी है। यह उपलब्धि न केवल बुनियादी ढांचे का विकास है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।
महिलाओं के जीवन में आया बदलाव
इस मिशन का सबसे बड़ा लाभ ग्रामीण महिलाओं और बेटियों को मिला है:
- श्रम से मुक्ति: पहले मीलों पैदल चलकर पानी लाने वाली महिलाओं को अब घर के भीतर ही पानी मिल रहा है, जिससे उनका शारीरिक श्रम कम हुआ है।
- समय की बचत: पानी भरने में लगने वाले घंटों की बचत अब महिलाएं स्वरोजगार या अन्य उत्पादक कार्यों में कर पा रही हैं।
- बेहतर स्वास्थ्य: शुद्ध पेयजल पहुँचने से जलजनित रोगों (Waterborne diseases) में भारी कमी आई है।
मिशन मोड में जारी है कार्य
छत्तीसगढ़ सरकार इस योजना को प्रदेश के हर कोने तक पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
- गुणवत्ता पर जोर: नल कनेक्शन के साथ-साथ पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच भी की जा रही है।
- सतत निगरानी: जल जीवन मिशन के तहत लक्ष्य को तेजी से पूरा करने के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं।






