लखनऊ |
उत्तर प्रदेश में रंगों के त्योहार होली से पहले उत्सव का माहौल और भी गहरा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ स्थित लोकभवन में आयोजित एक भव्य कार्यक्रम के दौरान प्रदेश के 1.86 करोड़ उज्ज्वला लाभार्थियों को होली का बड़ा उपहार दिया। मुख्यमंत्री ने एक सिंगल क्लिक के माध्यम से ₹1500 करोड़ की गैस रिफिल सब्सिडी की धनराशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों (DBT) में हस्तांतरित की। इस पहल के साथ ही योगी सरकार ने अपना वह चुनावी वादा एक बार फिर पूरा किया है, जिसमें हर साल होली और दीपावली पर एक-एक गैस सिलेंडर मुफ्त देने की बात कही गई थी।
पारदर्शिता के साथ खातों में पहुँची मदद: मुख्यमंत्री का ‘सबका साथ-सबका विकास’ मंत्र
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने 10 महिला लाभार्थियों को स्वयं सब्सिडी राशि के प्रतीकात्मक चेक सौंपे और उनसे संवाद कर योजना के लाभ के बारे में जानकारी ली। उत्तर प्रदेश में उज्ज्वला योजना के क्रियान्वयन को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सशक्त बनाना है। ₹1500 करोड़ की इस विशाल राशि का वितरण पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी तरीके से किया गया है, ताकि बीच में कोई भी बिचौलिया गरीबों का हक न मार सके।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आज का उत्तर प्रदेश तकनीक और सुशासन के मेल से बदल रहा है। जहाँ पहले सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने में महीनों लग जाते थे, आज चंद सेकंड में पैसा सीधे जरूरतमंद के खाते में पहुँच रहा है। यह ₹1500 करोड़ की धनराशि उन लाखों ग्रामीण और शहरी गरीब परिवारों के लिए बड़ी राहत है, जिनके लिए त्योहारों के समय रसोई का खर्च मैनेज करना चुनौतीपूर्ण होता था।
गरीब, किसान, महिला और युवा: उत्तर प्रदेश की चार मुख्य जातियों पर केंद्रित विकास
लोकभवन में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक दृष्टिकोण साझा किया। उन्होंने कहा कि देश में केवल चार प्रमुख ‘जातियां’ हैं— गरीब, किसान, महिला और युवा। जब इन चारों का विकास होगा, तभी प्रदेश और देश विकसित बनेगा। उत्तर प्रदेश सरकार की हर योजना इसी चतुर्भुज विकास मॉडल पर आधारित है।
होली के इस उपहार का सीधा लाभ महिलाओं के स्वास्थ्य और सशक्तिकरण से जुड़ा है। धुंए से मुक्त रसोई न केवल महिलाओं के फेफड़ों को सुरक्षित रख रही है, बल्कि उनके समय की भी बचत कर रही है। मुख्यमंत्री ने ‘लखपति दीदी’ और ‘बी.सी. सखी’ जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया, जो ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही हैं। उन्होंने कहा कि मुफ्त गैस सिलेंडर की यह सौगात महिलाओं के प्रति सरकार के सम्मान और सुरक्षा के भाव को दर्शाती है।
[Image showing a beneficiary woman smiling while holding a new LPG cylinder in rural UP]
दंगा मुक्त और निवेश युक्त उत्तर प्रदेश: मुख्यमंत्री का कड़ा संदेश
अपने संबोधन को विकास और सुरक्षा से जोड़ते हुए मुख्यमंत्री ने पिछली सरकारों और वर्तमान स्थिति की तुलना भी की। उन्होंने कहा कि पहले त्योहारों से ठीक पहले प्रदेश में कर्फ्यू लग जाता था या दंगे होते थे, जिससे खुशियों का माहौल मातम में बदल जाता था। लेकिन आज उत्तर प्रदेश में न दंगे हैं और न कर्फ्यू। यहाँ अब कानून का राज है, जिसके कारण जर्मनी, जापान और सिंगापुर जैसे देशों के निवेशक यूपी में पैसा लगा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विश्वास दिलाया कि यह निवेश किसी व्यक्ति विशेष के लिए नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के युवाओं और आम जनता के लिए है। नए उद्योगों के आने से रोजगार बढ़ेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था सुदृढ़ होगी। गैस सब्सिडी के वितरण को उन्होंने इसी सुदृढ़ अर्थव्यवस्था और सुशासन का एक छोटा सा हिस्सा बताया।
“होली एकता और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। हमारा संकल्प है कि उत्तर प्रदेश के हर घर में त्योहार की खुशी हो और कोई भी गरीब संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे।” — मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
निष्कर्ष: खुशियों की होली और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश का संकल्प
अंततः, ₹1500 करोड़ की गैस सब्सिडी का यह हस्तांतरण उत्तर प्रदेश के 1.86 करोड़ परिवारों के लिए होली की खुशियों को दोगुना करने वाला है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि जनकल्याणकारी योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि उनका लाभ सीधे जनता के हाथ में पहुँच रहा है। होली का यह ‘डिजिटल गिफ्ट’ न केवल आर्थिक मदद है, बल्कि प्रदेश के करोड़ों लोगों के भरोसे की जीत भी है। अब यूपी का हर गरीब परिवार बिना किसी चिंता के रंगों के इस त्योहार को धूमधाम से मना सकेगा।

