मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जापान दौरे के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश को अक्षय ऊर्जा (Renewable Energy) के क्षेत्र में एक बड़ी रणनीतिक सफलता मिली है। यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर कोतारो नागासाकी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता के बाद एक ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता यूपी को ‘स्वच्छ ऊर्जा’ के वैश्विक मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
ग्रीन हाइड्रोजन: भविष्य की ऊर्जा का ‘यूपी मॉडल’
समझौते का मुख्य केंद्र ग्रीन हाइड्रोजन और स्वच्छ ऊर्जा नवाचार (Clean Energy Innovation) है। यामानाशी की उन्नत तकनीक और उत्तर प्रदेश के विशाल संसाधनों के बीच तकनीकी आदान-प्रदान पर सहमति बनी है।

MoU की 5 बड़ी बातें:
- IIT कानपुर बनेगा हब: समझौते के तहत IIT कानपुर को ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन ग्रीन हाइड्रोजन’ के रूप में विकसित किया जाएगा, जहाँ जापानी विशेषज्ञता का लाभ मिलेगा।
- शिक्षा और ट्रेनिंग: यूपी के तकनीकी संस्थानों के छात्र जापान जाकर अत्याधुनिक ऊर्जा तकनीकों में प्रशिक्षण (Training) प्राप्त करेंगे।
- 200 जापानी CEO का मिशन यूपी: गवर्नर नागासाकी ने अगस्त 2026 में 200 जापानी दिग्गजों के साथ उत्तर प्रदेश आने का प्रस्ताव दिया है, जिससे निवेश को भारी रफ्तार मिलेगी।
- जापान इंडस्ट्रियल टाउनशिप: जेवर एयरपोर्ट के पास यीडा (YEIDA) क्षेत्र में 500 एकड़ में प्रस्तावित ‘जापान इंडस्ट्रियल टाउनशिप’ जापानी निवेशकों के लिए आकर्षण का मुख्य केंद्र होगी।
- मल्टी-सेक्टर सहयोग: ऊर्जा के अलावा पर्यटन, उद्योग और व्यावसायिक शिक्षा (Vocational Education) में भी साझेदारी बढ़ाने पर सहमति बनी है।
मुख्यमंत्री का संकल्प: ‘नेट जीरो’ की ओर कदम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहा कि यह साझेदारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘नेट जीरो’ लक्ष्य और सतत भविष्य के विजन को साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने निवेशकों को “Invest UP” के समर्पित ‘जापान डेस्क’ के माध्यम से सुरक्षा और त्वरित सुविधाओं का पूर्ण आश्वासन दिया।









